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Chandauli News: 1705 पुलिसकर्मी पर किसी की मूंछाें पर ताव नहीं
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संवाद न्यूज एजेंसी पीडीडीयू नगर। रौबदार कद काठी, भारी आवाज और चेहरे पर ताव देती मूंछे, यही कभी पुलिस की पहचान हुआ करती थी। खास तौर पर मूंछ का पुलिस में विशेष महत्व होता था। मूंछों को मेंटेन करने के लिए विभाग में इसके लिए अलग से भत्ता तक दिया जाता है लेकिन चंदौली जिले में इंस्पेक्टर से लेकर सिपाही तक एक भी पुलिसकर्मी ऐसा नहीं हो जो मूंछों को ताव देता हो।
मानक के अनुरूप मूंछें नहीं होने के कारण जिले में एक भी पुलिसकर्मी मूंछों के लिए भत्ता नहीं मिलता है। चंदौली जिले में कुल 1933 पुलिसकर्मी है। इसमें 1705 पुरुष हैं और शेष महिलाएं हैं। किसी भी पुरुष पुलिसकर्मी को मूछ रखने का भत्ता नहीं मिलता है। इस भत्ते की शुरुआत अंग्रेजी शासन काल में हुई थी। जिसके तहत मूंछ पर ताव देने वाले पुलिसकर्मियों को भत्ता मिलता था। हालांकि अब इस ओर जिले के आलाधिकारी भी ध्यान नहीं देते हैं। इस समय एक भी पुलिसकर्मी को भत्ता नहीं मिलता है।
पहले 50 रुपये प्रतिमाह मिलता था भत्ता
पुलिस में मानक के अनुरूप मूंछ रखने पर उन्हें प्रतिमाह 250 रुपये भत्ता दिया जाता है। वर्ष 2019 के पहले यह भत्ता 50 रुपये मिलता था। वर्तमान में जिले में पुरुष पुलिसकर्मियों में 48 इंस्पेक्टर, 372 एसआई, 589 हेड कांस्टेबल, 696 कांस्टेबल तैनात है। इतनी संख्या के बाद भी जिले में एक भी पुलिसकर्मी ऐसा नहीं है जिसने मानक के अनुरूप मूछ रखी हो और उसे इसका भत्ता मिलता हो। जिले में किसी को भी मूंछों के नाम पर भत्ता नहीं दिया जाता है। मानक के अनुरूप मूंछ रखने पर ही इसके लिए भत्ता मिलता है। - आदित्य लांग्हे, पुलिस अधीक्षक, चंदौली
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मानक के अनुरूप मूंछें नहीं होने के कारण जिले में एक भी पुलिसकर्मी मूंछों के लिए भत्ता नहीं मिलता है। चंदौली जिले में कुल 1933 पुलिसकर्मी है। इसमें 1705 पुरुष हैं और शेष महिलाएं हैं। किसी भी पुरुष पुलिसकर्मी को मूछ रखने का भत्ता नहीं मिलता है। इस भत्ते की शुरुआत अंग्रेजी शासन काल में हुई थी। जिसके तहत मूंछ पर ताव देने वाले पुलिसकर्मियों को भत्ता मिलता था। हालांकि अब इस ओर जिले के आलाधिकारी भी ध्यान नहीं देते हैं। इस समय एक भी पुलिसकर्मी को भत्ता नहीं मिलता है।
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पहले 50 रुपये प्रतिमाह मिलता था भत्ता
पुलिस में मानक के अनुरूप मूंछ रखने पर उन्हें प्रतिमाह 250 रुपये भत्ता दिया जाता है। वर्ष 2019 के पहले यह भत्ता 50 रुपये मिलता था। वर्तमान में जिले में पुरुष पुलिसकर्मियों में 48 इंस्पेक्टर, 372 एसआई, 589 हेड कांस्टेबल, 696 कांस्टेबल तैनात है। इतनी संख्या के बाद भी जिले में एक भी पुलिसकर्मी ऐसा नहीं है जिसने मानक के अनुरूप मूछ रखी हो और उसे इसका भत्ता मिलता हो। जिले में किसी को भी मूंछों के नाम पर भत्ता नहीं दिया जाता है। मानक के अनुरूप मूंछ रखने पर ही इसके लिए भत्ता मिलता है। - आदित्य लांग्हे, पुलिस अधीक्षक, चंदौली