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Chandauli News: गलत तरीके से खरीदी थी जमीन, बैनामा निरस्त
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चंदौली। अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन का गलत तरीके बैनामा कराने के 24 साल पुराने मामले में बड़ा फैसला आया है। सदर एसडीएम दिव्या ओझा ने सोगाई गांव स्थित एक हेक्टेयर जमीन को राज्य सरकार की संपत्ति घोषित करते हुए बैनामा निरस्त कर दिया।
सदर तहसील क्षेत्र के सोगाई गांव निवासी परशुराम यादव ने वर्ष 2002 में गांव के अनुसूचित जाति के चार लोगों से एक हेक्टेयर जमीन का बैनामा कराया था। इसके के लिए जिलाधिकारी से अनुमति नहीं ली गई थी। बाद में इस जमीन मां भवानी महिला महाविद्यालय का निर्माण करा दिया गया।
सोगाई गांव निवासी राघवेंद्र तिवारी ने अधिकारियों से मामले की शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन का गलत तरीके से बैनामा कराया गया है। इसके बाद एसडीएम सदर दिव्या ओझा ने मामले की जांच कराई तो शिकायत सही पाई गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने आदेश पारित किया कि अनुसूचित जाति की जमीन अवैध तरीके से हस्तांतरित की गई है। इसलिए यह संपत्ति अब राज्य सरकार की मानी जाएगी। आदेश के बाद जमीन को सरकारी अभिलेखों में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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सदर तहसील क्षेत्र के सोगाई गांव निवासी परशुराम यादव ने वर्ष 2002 में गांव के अनुसूचित जाति के चार लोगों से एक हेक्टेयर जमीन का बैनामा कराया था। इसके के लिए जिलाधिकारी से अनुमति नहीं ली गई थी। बाद में इस जमीन मां भवानी महिला महाविद्यालय का निर्माण करा दिया गया।
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सोगाई गांव निवासी राघवेंद्र तिवारी ने अधिकारियों से मामले की शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन का गलत तरीके से बैनामा कराया गया है। इसके बाद एसडीएम सदर दिव्या ओझा ने मामले की जांच कराई तो शिकायत सही पाई गई।
जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने आदेश पारित किया कि अनुसूचित जाति की जमीन अवैध तरीके से हस्तांतरित की गई है। इसलिए यह संपत्ति अब राज्य सरकार की मानी जाएगी। आदेश के बाद जमीन को सरकारी अभिलेखों में दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
