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Chandauli News: बैटरी बचाने के लिए अंधेरे में दौड़ रहे 200 से ज्यादा ई-रिक्शा, हादसे का डर
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पीडीडीयू नगर में लाइट बंद करके चलते ई रिक्शा चालक। संवाद
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पीडीडीयू नगर। नगर में ई-रिक्शा चालकों की लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। बैटरी बचाने के चक्कर में बड़ी संख्या में ई-रिक्शा चालक रात के समय हेडलाइट बंद कर चल रहे हैं।
अंधेरे में बिना हेडलाइट चलने वाले ई-रिक्शा अचानक सामने आ जाते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति न केवल यात्रियों बल्कि अन्य वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी खतरा बन गई है।
जिले के परिवहन कार्यालय में करीब 3500 से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इनमें सबसे अधिक ई-रिक्शा पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर क्षेत्र में संचालित होते हैं। सस्ती और सुलभ सवारी होने के कारण शहर में ई-रिक्शा परिवहन का प्रमुख साधन बन चुके हैं, लेकिन कई चालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
नगर में 200 से अधिक ई-रिक्शा ऐसे हैं जो रात के समय बैटरी बचाने के लिए हेडलाइट बंद करके चलते हैं। इससे अंधेरे में वाहन दूर से दिखाई नहीं देते और अचानक सामने आने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
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अंधेरे में बिना हेडलाइट चलने वाले ई-रिक्शा अचानक सामने आ जाते हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्थिति न केवल यात्रियों बल्कि अन्य वाहन चालकों और राहगीरों के लिए भी खतरा बन गई है।
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जिले के परिवहन कार्यालय में करीब 3500 से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इनमें सबसे अधिक ई-रिक्शा पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर क्षेत्र में संचालित होते हैं। सस्ती और सुलभ सवारी होने के कारण शहर में ई-रिक्शा परिवहन का प्रमुख साधन बन चुके हैं, लेकिन कई चालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं।
नगर में 200 से अधिक ई-रिक्शा ऐसे हैं जो रात के समय बैटरी बचाने के लिए हेडलाइट बंद करके चलते हैं। इससे अंधेरे में वाहन दूर से दिखाई नहीं देते और अचानक सामने आने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।