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पीएमओ की पहल: पूर्वोत्तर व उत्तर रेलवे को मिलाकर बनेगा एक मंडल, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Mon, 13 Apr 2026 01:26 PM IST
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सार

Varanasi News: पूर्वोत्तर व उत्तर रेलवे को मिलाकर एक मंडल बनेगा। इसे लेकर पीएमओ ने कवायद तेज कर दी है। पीएमओ की दो सदस्यीय टीम ने इस मामले में जिला प्रशासन के साथ ही दोनों मंडलों के रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक की है। 

PMO Initiative Single Division to be Formed by Merging Northeast and Northern Railways
वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

रेलवे में पूर्वोत्तर और उत्तर रेलवे को मिलाकर एक मंडल बनाने की कवायद तेज हो गई है। वैसे तो इस मुद्दे पर लंबे समय से चर्चा चल रही है। कई बार यह मुद्दा बैठकों में उठाया जा चुका है। इस बार पीएमओ ने इसका संज्ञान लिया है। पीएमओ की दो सदस्यीय टीम ने शनिवार को इस मामले में जिला प्रशासन के साथ ही दोनों मंडलों के रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक की। जिस तरह से अचानक पीएमओ की सक्रियता बढ़ी है, उससे माना जा रहा है कि जल्द ही बड़ा फैसला हो सकता है।

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वाराणसी में यदि रेल संचालन की बात करें, तो यहां उत्तर रेलवे और पूर्वोत्तर रेलवे दोनों मंडलों के तहत संचालन होता है। उत्तर रेलवे का मंडल कार्यालय लखनऊ में है, जबकि वाराणसी में पूर्वोत्तर रेलवे का मंडलीय कार्यालय स्थित है। प्रायः विकास, ट्रेन संचालन, सुरक्षा, सुविधा और विभागीय कार्यों से जुड़े मुद्दों पर पूर्वोत्तर रेलवे में निर्णय लागू कराने में कोई विशेष असुविधा नहीं होती, क्योंकि यहां डीआरएम सहित सभी मंडलीय वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहते हैं। 
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वहीं उत्तर रेलवे के मामलों में मंडल कार्यालय लखनऊ में होने के कारण छोटी-छोटी बातों के लिए भी डीआरएम सहित अन्य अधिकारियों को वाराणसी आना पड़ता है। हालांकि एडीआरएम का कार्यालय कैंट रेलवे स्टेशन परिसर में है, लेकिन इसके बावजूद कई महत्वपूर्ण मामलों में अंतिम मंजूरी के लिए लखनऊ से स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्य शुरू हो पाता है।

पीएमओ के दो वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं। शनिवार को दोनों रेल मंडलों को मिलाकर एक मंडल बनाने के मुद्दे पर करीब तीन घंटे तक बैठक चली, जिसमें विस्तृत चर्चा हुई।
 
विभागीय सूत्रों के अनुसार, पीएमओ की सक्रियता को देखते हुए इस मामले में जल्द ही कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि नवंबर 2025 में बनारस से खजुराहो तक बंदे भारत को हरी झंडी दिखाने आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस विषय को उठाया था।

दोनों मंडल एक हुए तो ये होंगे बदलाव

दोनों रेल मंडलों को मिलाकर एक करने पर कैंट रेलवे स्टेशन समेत आसपास के स्टेशनों को एक ही मंडल में शामिल किया जा सकता है, जिससे सुविधाओं का विस्तार होगा। ट्रेनों के संचालन में आ रही बाधाएं दूर होंगी, जिससे वाराणसी समेत पूर्वांचल के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। स्टेशन पर विकास, सुरक्षा और यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्यों के क्रियान्वयन में देरी नहीं होगी। ट्रेनों के संचालन, यात्री सुविधाओं और सुरक्षा की निगरानी अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगी। यदि दोनों मंडलों को मिलाकर एक मंडल बताया जाता है, तो नियमानुसार अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्य विकल्प भी मांगा जाएगा।

पीएमओ की टीम आज परखेगी विकास कार्यों की हकीकत

शहर के विकास कार्यों की हकीकत सोमवार को पीएमओ की टीम परखेगी। तरुण कपूर की अगुवाई में पीएमओ की टीम यहां की विकास से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा कर रही है। किन योजनाओं का कितना लाभ लोगों को मिला। खासकर रोपवे, मणिकर्णिका, हरिश्चंद्र घाट पर चल रहे निर्माण कार्यों के बारे में पता कर रही है। सीएसआर फंड से हो रहे कामकाज का ब्योरा लेगी। एक अधिकारी ने बताया कि विगत दो दिनों से वह गुप्त रूप से विकास कार्य वाले स्थानों पर जाकर रिपोर्ट तैयार कर रही है। जिस पर पीएमओ की टीम संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक करेगी।  

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