पड़ाव। मालवीय पुल के बगल में प्रस्तावित सिक्स लेन सिग्नेचर ब्रिज और फोर लेन नई रेल ट्रैक बिछाने के लिए मंगलवार को रेलवे के कर्मचारियों ने जलीलपुर नई बस्ती और रतनपुर गांव में रेलवे ट्रैक के किनारे बने और 24 मकानों पर लाल निशान लगाए। भूमि नापी कर लाल निशान लगाए जाने से यहां रहने वाले लोगों में हड़कंप मच गया।
पड़ाव से काशी के बीच गंगा नदी में सिक्स लेन का सिग्नेचर ब्रिज और उसके नीचे रेलवे के चार ट्रैक बिछाए जाने हैं। इसके लिए रेलवे की ओर से कवायद शुरू कर दी गई है। इसी कड़ी में एक महीना पहले जनवरी में रेलवे की ओर से नई बस्ती जलीलपुर लाइन पार, जलीलपुर और चौरहट गांव में मकानों की नापी कराई गई थी। यहां 36 मकानों पर लाल निशान लगाए गए थे।
लाल निशान लगाए जाने के विरोध में ग्रामीणों का प्रतिनिधि मंडल जिलाधिकारी, चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह से मिला और उन्हें न उजाड़े जाने की गुहार लगाई। रेलवे की ओर से सही ढंग से नापी करने की मांग की गई। पीड़ितों ने बताया कि यहां वे वर्षों पहले जमीन खरीद कर बसे हैं। वहीं अब उन्हें अतिक्रमणकारी बताया जा रहा है। अभी यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि मंगलवार को जलीलपुर नई बस्ती के दूसरे छोर और रतनपुर गांव रेलवे ट्रैक के किनारे बसे हुए घरों की नापी शुरू कर दी गई। 12 से अधिक रेलकर्मियों की टीम ने भूमि की नापी कर 24 से अधिक मकानों पर लाल निशान लगाए गए। इससे यहां के रहवासियों में हड़कंप मच गया। हालांकि रेलवे अधिकारियों से पूछने पर उन्होंने कुछ भी नहीं बताया। वहीं लाल निशान लगाए जाने से लाेगों में आक्रोश है। क्षेत्र के नसीम खान, जयप्रकाश यादव, रामदेव, राकेश सिंह, संजय पाल, जवाहर प्रजापति, राजमणि प्रसाद, सुजीत सिंह सोहन पटेल आदि ने बताया कि हम लोगों ने भूमि खरीद कर उसकी रजिस्ट्री, दाखिल खारिज कराकर मकान का निर्माण कराया है। अब रेलवे न जाने किस आधार पर अब इसे अपना बता रही है। चेतावनी दी कि बिना मुआवजा दिए हटाने की कोशिश की तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।