जिला मुख्यालय स्थित अजाखाने में मुहर्रम की छठी मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना जफर रिजवी ने करबला की घटना और इमाम हुसैन के जीवन से मिलने वाले संदेशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सत्य, न्याय, मानवता और सद्भाव के मूल्यों को अपनाने की अपील की। मौलाना ने कहा कि इमाम हुसैन का जीवन त्याग, धैर्य और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था के साथ-साथ अच्छे आचरण, आपसी भाईचारे और मानव सेवा का भाव भी समाज के लिए आवश्यक है। मजलिस में मौलाना ने करबला के शहीदों की कुर्बानियों का उल्लेख करते हुए उनके आदर्शों को याद किया। उन्होंने कहा कि करबला का संदेश अन्याय के विरुद्ध संघर्ष और सत्य के समर्थन का संदेश देता है।
इस अवसर पर बनारस और लखनऊ से आए शम्सुल फैजाबादी, वकार सुल्तानपुरी और शाहिद बनारसी ने अपने कलाम प्रस्तुत किए। अंजुमन हुसैनिया कच्चीबाग, बनारस ने मसायबी नौहे पेश किए, जबकि अंजुमन हुसैनिया दोषीपुरा के मातमी दस्ते ने मातम कर शहीद-ए-करबला को श्रद्धांजलि अर्पित की। सिकंदरपुर से आई अंजुमन अब्बासिया के बच्चों ने भी नौहा पढ़कर इमाम हुसैन और करबला के शहीदों को याद किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अज़ादार उपस्थित रहे। आयोजकों ने बताया कि आठ मुहर्रम को अजाखाने से दुलदुल का जुलूस निकाला जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में अज़ादारों के शामिल होने की संभावना है।