प्रभु यीशु के पुनरुत्थान के पावन अवसर पर रविवार को जिले भर में ईस्टर का पर्व पारंपरिक आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। गिरजाघरों में विशेष प्रार्थनाएं हुईं और प्रभु के प्रेम, त्याग व मानवता के संदेश को श्रद्धापूर्वक याद किया गया।
ईसाई धर्मावलंबियों के अनुसार मानवता को पापों से मुक्ति दिलाने के लिए प्रभु यीशु ने स्वयं बलिदान दिया। गुड फ्राइडे के दिन उन्हें सूली पर चढ़ाया गया, लेकिन तीन दिन बाद वे पुनः जीवित हो उठे। इसी पुनरुत्थान की खुशी में ईस्टर का पर्व मनाया जाता है।
यूरोपियन कॉलोनी स्थित बाल यीशु कैथोलिक चर्च में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जहां फादर विजय शांतिराज ने कहा कि प्रभु यीशु ने मानवता को प्रेम, क्षमा और त्याग का मार्ग दिखाया, जिसे अपने जीवन में अपनाकर ही सच्चे अर्थों में उनका अनुयायी बना जा सकता है। चर्च में श्रद्धालुओं ने भक्ति गीत गाए और सामूहिक प्रार्थना में भाग लिया। इससे पहले शनिवार की रात भी विशेष प्रार्थना और आराधना का आयोजन किया गया था। ईस्टर के अवसर पर घरों में विशेष पकवान बनाए गए और सामूहिक भोज के साथ इस पर्व की खुशियां साझा की गईं।