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Chandauli News: धान के कटोरे में 175 नहरों में टेल तक नहीं पहुंचा पानी, 35 फीसदी ही हो सकी रोपाई
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चहनियां क्षेत्र में सूखी खेत। संवाद
- फोटो : Archive
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पीडीडीयू नगर। मौसम की बेरुखी के कारण अन्नदाता किसानों की चिंता बढ़ गई है। जिले में अब तक सिर्फ 93.8 मिलीमीटर (मिमी) बारिश हुई है जो पिछले साल 56.7 मिमी कम है। 2025 में अब तक 150 मिमी बारिश हुई थी।
कम बारिश की वजह से ही 197 नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच पाया। इससे सिंचाई का संकट पैदा हुआ और सिर्फ 35 फीसदी खेतों में ही धान की रोपाई हो सकी। पिछले साल 15 जुलाई तक 80 फीसदी धान की रोपाई हो गई थी।
चंदौली को धान का कटोरा कहा जाता है। इस साल खरीफ सीजन में एक लाख 22 हेक्टेयर में फसलों की बोआई का लक्ष्य रखा गया है। इसमें एक लाख पांच हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई होनी है। जिले में 2.57 लाख किसान खेती करते हैं। पूर्वांचल में 15 जून को प्री मानसून और 21 जून से मानसून का आगमन माना जाता है लेकिन इस साल अब तक बेहद कम बारिश हुई है।
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कृषि विभाग के अनुसार किसान सिंचाई के लिए 372 नहरों पर आश्रित हैं। वर्तमान में 197 नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच सका है। बाकी नहर में भी पानी का बहाव कम है। इससे दिक्कत बढ़ी है।
खेतों में पड़ीं दरारें, किसान बेहाल : चहनिया। चहनिया क्षेत्र के खेतों में दरारें पड़ गई हैं । नर्सरी भी सूखने के कगार पर है। किसानों का कहना है कि 10 दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो पूरी मेहनत और पूंजी बेकार चली जाएगी। वहीं, बबुरी इलाके में खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं। धीना क्षेत्र के बरहनी ब्लॉक के पूर्वी नरवन परगना में नारायणपुर पंप कैनाल से पानी की आपूर्ति नहीं मिल रही है। इससे खेत सूख गए हैं। किसान श्रवण कुमार राय, संदीप कुमार और पंकज ने बताया कि नारायणपुर पंप कैनाल से पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है।
पानी के लिए ओनावल के लोगों ने किया प्रदर्शन : सकलडीहा। नहर का पानी न छोड़े जाने से नाराज ओनावल गांव के किसानों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि बारिश नहीं हो रही है। नहर का पानी भी नहीं मिल रहा है। धान की नर्सरी सूख रही है। सकलडीहा रजवाहा से सिंचाई होती है लेकिन टेल के आखिरी गांव ओनावल तक नहर में पानी नहीं पहुंच रहा।
इस सिलसिले में जूनियर इंजीनियर इंद्र बहादुर यादव ने बताया कि नहरों को रोस्टर के हिसाब से चलाया जा रहा है। टेल तक पानी पहुंचाया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में चंद्रिका प्रसाद, राम अधार, पिंटू, जितेंद्र कुमार, नरेंद्र, रामअवतार और राम लक्ष्मण आदि उपस्थित रहे। संवाद
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कम बारिश की वजह से ही 197 नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच पाया। इससे सिंचाई का संकट पैदा हुआ और सिर्फ 35 फीसदी खेतों में ही धान की रोपाई हो सकी। पिछले साल 15 जुलाई तक 80 फीसदी धान की रोपाई हो गई थी।
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चंदौली को धान का कटोरा कहा जाता है। इस साल खरीफ सीजन में एक लाख 22 हेक्टेयर में फसलों की बोआई का लक्ष्य रखा गया है। इसमें एक लाख पांच हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई होनी है। जिले में 2.57 लाख किसान खेती करते हैं। पूर्वांचल में 15 जून को प्री मानसून और 21 जून से मानसून का आगमन माना जाता है लेकिन इस साल अब तक बेहद कम बारिश हुई है।
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कृषि विभाग के अनुसार किसान सिंचाई के लिए 372 नहरों पर आश्रित हैं। वर्तमान में 197 नहरों में टेल तक पानी नहीं पहुंच सका है। बाकी नहर में भी पानी का बहाव कम है। इससे दिक्कत बढ़ी है।
खेतों में पड़ीं दरारें, किसान बेहाल : चहनिया। चहनिया क्षेत्र के खेतों में दरारें पड़ गई हैं । नर्सरी भी सूखने के कगार पर है। किसानों का कहना है कि 10 दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई तो पूरी मेहनत और पूंजी बेकार चली जाएगी। वहीं, बबुरी इलाके में खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं। धीना क्षेत्र के बरहनी ब्लॉक के पूर्वी नरवन परगना में नारायणपुर पंप कैनाल से पानी की आपूर्ति नहीं मिल रही है। इससे खेत सूख गए हैं। किसान श्रवण कुमार राय, संदीप कुमार और पंकज ने बताया कि नारायणपुर पंप कैनाल से पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है।
पानी के लिए ओनावल के लोगों ने किया प्रदर्शन : सकलडीहा। नहर का पानी न छोड़े जाने से नाराज ओनावल गांव के किसानों ने शनिवार को प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि बारिश नहीं हो रही है। नहर का पानी भी नहीं मिल रहा है। धान की नर्सरी सूख रही है। सकलडीहा रजवाहा से सिंचाई होती है लेकिन टेल के आखिरी गांव ओनावल तक नहर में पानी नहीं पहुंच रहा।
इस सिलसिले में जूनियर इंजीनियर इंद्र बहादुर यादव ने बताया कि नहरों को रोस्टर के हिसाब से चलाया जा रहा है। टेल तक पानी पहुंचाया जाएगा। विरोध प्रदर्शन में चंद्रिका प्रसाद, राम अधार, पिंटू, जितेंद्र कुमार, नरेंद्र, रामअवतार और राम लक्ष्मण आदि उपस्थित रहे। संवाद