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Chandauli News: 81 गांवों में कुएं सूखे, हैंडपंप की बोरिंग फेल, ग्रामीणों की आंखों में दर्द के आंसू लबालब
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नौगढ़ के मलेवर में कुएं का दूषित पानी। संवाद
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भीषण गर्मी के बीच जिले के चार ब्लाॅकों के 81 गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। कहीं कुएं सूख गए हैं तो कहीं हैंडपंप की बोरिंग ध्वस्त हो गई है। कई गांवों में करोड़ों रुपये की जलापूर्ति योजनाएं अधूरी हैं। टैंकरों के जरिये की जा रही आपूर्ति भी जरूरत के मुकाबले नाकाफी साबित हो रही है। नौगढ़ के 43, चकिया के छह, बरहनी के 24 और नियामताबाद क्षेत्र के आठ गांवों के एक लाख लोग पानी के लिए जूझ रहे हैं। पानी ढोने में ग्रामीणों की आंखों से दर्द के आंसू छलक जा रहे हैं।
नौगढ़ क्षेत्र की 43 ग्राम पंचायतों में जलस्तर तेजी से नीचे चला गया है। पंडी गांव की आबादी लगभग 150 है। यहां तीन में से दो हैंडपंप खराब है। पूरा गांव एक हैंडपंप पर निर्भर है। पानी लेने के लिए लोगों को घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ता है। वहीं केल्हडिया गांव में एकमात्र हैंडपंप महीनों से बंद है। यहां की 50 से अधिक लोग चुआड़ के पानी से प्यास बुझा रहे हैं। गंगापुर, चकरघट्टा, बरवाडीह, पंडी, धोबही, पथरौर, रहमानपुर, औरवाटाड़, बैरगाढ़, केसार, हरिजन बस्ती, पिपराही, बनवासी बस्ती, विनायकपुर, हरदहवां, मलेवर, चुप्पेपुर, उदितपुर सुर्रा अमदहां गोलाबाद सेमरिया नरकटी हिनैत घाट सहित कई गांवों में हैंडपंप खराब हैं। जलस्तर नीचे जाने से हैंडपंप पानी नहीं दे रहे। पढ़ौती गांव में दस हैंडपंप हैं, जिनमें से आधे खराब हो चुके हैं।
24 गांवों में जलकल की टंकी बनी, घरों तक नहीं पहुंचा पानी
बरहनी विकास खंड के चिल्हारी मौजा में जलकल विभाग की ओर से बोरिंग कराकर कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। इससे चिल्हारी, बेटाडीह, जमुड़ा सहित आसपास के गांवों में अभी तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। खझरा गांव में तीन साल पहले बनाई गई पानी टंकी से बैरी कला, बैरी खुर्द और धीना बाजार में अभी तक पानी की आपूर्ति नहीं पहुंची। वहीं सबल जलालपुर मौजा के रहपुरी गांव में बनी पानी टंकी से कम्हारी और सबल जलालपुर गांवों में अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। सिकठा ग्राम पंचायत में कराई गई बोरिंग के बावजूद एकौनी और खराठी गांव के लोग पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी ढोना पड़ रहा है।
पानी के लिए तरस रही 6 गांवों की 4000 की आबादी
चकिया विकासखंड के हिनौती दक्षिणी ग्राम पंचायत के हिनौती दक्षिणी, मुबारकपुर, रुकनपुर, मिल्कीचक, भंगड़ा और महमूदपुर सहित छह गांवों की 4000 आबादी पीने के पानी के लिए तरस रही है। यहां जमीन के अंदर चट्टान होने के कारण बोरिंग नहीं हो पा रही है। हर घर नल योजना के तहत हुई बोरिंग भी फेल है। ग्रामीण पड़ोस के मिर्जापुर जिले की हुसैनपुर गांव में स्थित अहरौरा और जरगो बांध से निकली पेयजल पाइपलाइन से जलापूर्ति की मांग कई साल से कर रहे हैं। 46 सरकारी हैंडपंप और 12 कुएं सूख गए हैं।
नियामताबाद ब्लॉक के महाबलपुर की पानी की टंकी से पिछले कई वर्षों से पेयजल आपूर्ति हो रही थी। दो साल पहले सिक्स लेन के निर्माण कार्य के दौरान जलनिगम की अंडर ग्राउंड पाइप लाइन क्षतिग्रस्त् हो गई। क्षेत्र के मुहम्मदपुर, कुंडा कला, भीसौड़ी, मलोखर, दुलहीपुर, सतपोखरी, कुंडा खुर्द, शकूराबाद आठ गांवों के 30 हजार लोग दो वर्षों से जलनिगम पानी के लिए तरस रहे हैं। क्षतिग्रस्त हुई पाइप लाइन की मरम्मत नहीं कराने के कारण पेयजल आपूर्ति ठप हैं। ग्रामीण प्रधान और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन समस्या का निदान नहीं हो रहा है।
चकिया विकासखंड के हिनौती दक्षिणी ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान श्यामदेई ने बताया कि पिछले वर्ष क्षेत्रीय भाजपा विधायक कैलाश आचार्य को पानी की समस्या से अवगत कराया गया था। उन्होंने चंदौली के तत्कालीन सीडीओ एस एन श्रीवास्तव से बात की थी। जिस पर सीडीओ ने मिर्जापुर के सीडीओ को पत्र लिखकर हुसैनपुर गांव में जलालपुर विकास खंड के गांव को जरगो और अहरौरा बांध से निकली पाइपलाइन से ही हिनौती दक्षिणी के लोगों को जलापूर्ति की अपील की थी। इस पर मिर्जापुर की जल निगम मिशन की टीम ने गांव का सर्वे भी किया था। लेकिन अभी भी मामला विचाराधीन है, हालांकि ग्राम प्रधान ने उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को भी इस समस्या से अवगत कराया था। भाजपा विधायक कैलाश आचार्य का कहना है की हिनौती दक्षिणी के लोगों पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। इसके लिए प्रदेश के जल शक्ति मंत्रालय से बात कर मिर्जापुर से पेयजल आपूर्ति की कोशिश आज भी जारी है।चंदौली जिले में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। भूगर्भ जल विभाग की वेबसाइट के अनुसार जिले में औसत भूजल स्तर जमीन से 14.5 मीटर दर्ज किया गया है। वर्ष 2016 से 2026 के बीच सदर विकास खंड में 1.95 मीटर, नौगढ़ में 1.98 मीटर, चकिया में 1.97 मीटर, नियामताबाद में 1.60 मीटर, बरहनी में 1.54 मीटर, चहनिया में 1.08 मीटर और शहाबगंज में 1.62 मीटर की गिरावट पाई गई है।
विजय कुमार, अधिशासी अभियंता, जलकल विभाग ने कहा कि
जिन गांवों में पेयजल आपूर्ति बाधित है, वहां की रिपोर्ट मंगाई गई है। जल्द ही तकनीकी खामियों को दूर कर नियमित जलापूर्ति शुरू कराई जाएगी।
नौगढ़ क्षेत्र की 43 ग्राम पंचायतों में जलस्तर तेजी से नीचे चला गया है। पंडी गांव की आबादी लगभग 150 है। यहां तीन में से दो हैंडपंप खराब है। पूरा गांव एक हैंडपंप पर निर्भर है। पानी लेने के लिए लोगों को घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ता है। वहीं केल्हडिया गांव में एकमात्र हैंडपंप महीनों से बंद है। यहां की 50 से अधिक लोग चुआड़ के पानी से प्यास बुझा रहे हैं। गंगापुर, चकरघट्टा, बरवाडीह, पंडी, धोबही, पथरौर, रहमानपुर, औरवाटाड़, बैरगाढ़, केसार, हरिजन बस्ती, पिपराही, बनवासी बस्ती, विनायकपुर, हरदहवां, मलेवर, चुप्पेपुर, उदितपुर सुर्रा अमदहां गोलाबाद सेमरिया नरकटी हिनैत घाट सहित कई गांवों में हैंडपंप खराब हैं। जलस्तर नीचे जाने से हैंडपंप पानी नहीं दे रहे। पढ़ौती गांव में दस हैंडपंप हैं, जिनमें से आधे खराब हो चुके हैं।
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24 गांवों में जलकल की टंकी बनी, घरों तक नहीं पहुंचा पानी
बरहनी विकास खंड के चिल्हारी मौजा में जलकल विभाग की ओर से बोरिंग कराकर कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। इससे चिल्हारी, बेटाडीह, जमुड़ा सहित आसपास के गांवों में अभी तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। खझरा गांव में तीन साल पहले बनाई गई पानी टंकी से बैरी कला, बैरी खुर्द और धीना बाजार में अभी तक पानी की आपूर्ति नहीं पहुंची। वहीं सबल जलालपुर मौजा के रहपुरी गांव में बनी पानी टंकी से कम्हारी और सबल जलालपुर गांवों में अब तक जलापूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। सिकठा ग्राम पंचायत में कराई गई बोरिंग के बावजूद एकौनी और खराठी गांव के लोग पानी के लिए भटकने को मजबूर हैं। महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज क्षेत्रों से पानी ढोना पड़ रहा है।
पानी के लिए तरस रही 6 गांवों की 4000 की आबादी
चकिया विकासखंड के हिनौती दक्षिणी ग्राम पंचायत के हिनौती दक्षिणी, मुबारकपुर, रुकनपुर, मिल्कीचक, भंगड़ा और महमूदपुर सहित छह गांवों की 4000 आबादी पीने के पानी के लिए तरस रही है। यहां जमीन के अंदर चट्टान होने के कारण बोरिंग नहीं हो पा रही है। हर घर नल योजना के तहत हुई बोरिंग भी फेल है। ग्रामीण पड़ोस के मिर्जापुर जिले की हुसैनपुर गांव में स्थित अहरौरा और जरगो बांध से निकली पेयजल पाइपलाइन से जलापूर्ति की मांग कई साल से कर रहे हैं। 46 सरकारी हैंडपंप और 12 कुएं सूख गए हैं।
नियामताबाद ब्लॉक के महाबलपुर की पानी की टंकी से पिछले कई वर्षों से पेयजल आपूर्ति हो रही थी। दो साल पहले सिक्स लेन के निर्माण कार्य के दौरान जलनिगम की अंडर ग्राउंड पाइप लाइन क्षतिग्रस्त् हो गई। क्षेत्र के मुहम्मदपुर, कुंडा कला, भीसौड़ी, मलोखर, दुलहीपुर, सतपोखरी, कुंडा खुर्द, शकूराबाद आठ गांवों के 30 हजार लोग दो वर्षों से जलनिगम पानी के लिए तरस रहे हैं। क्षतिग्रस्त हुई पाइप लाइन की मरम्मत नहीं कराने के कारण पेयजल आपूर्ति ठप हैं। ग्रामीण प्रधान और अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं लेकिन समस्या का निदान नहीं हो रहा है।
चकिया विकासखंड के हिनौती दक्षिणी ग्राम पंचायत की ग्राम प्रधान श्यामदेई ने बताया कि पिछले वर्ष क्षेत्रीय भाजपा विधायक कैलाश आचार्य को पानी की समस्या से अवगत कराया गया था। उन्होंने चंदौली के तत्कालीन सीडीओ एस एन श्रीवास्तव से बात की थी। जिस पर सीडीओ ने मिर्जापुर के सीडीओ को पत्र लिखकर हुसैनपुर गांव में जलालपुर विकास खंड के गांव को जरगो और अहरौरा बांध से निकली पाइपलाइन से ही हिनौती दक्षिणी के लोगों को जलापूर्ति की अपील की थी। इस पर मिर्जापुर की जल निगम मिशन की टीम ने गांव का सर्वे भी किया था। लेकिन अभी भी मामला विचाराधीन है, हालांकि ग्राम प्रधान ने उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को भी इस समस्या से अवगत कराया था। भाजपा विधायक कैलाश आचार्य का कहना है की हिनौती दक्षिणी के लोगों पीने का पानी उपलब्ध कराने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। इसके लिए प्रदेश के जल शक्ति मंत्रालय से बात कर मिर्जापुर से पेयजल आपूर्ति की कोशिश आज भी जारी है।चंदौली जिले में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। भूगर्भ जल विभाग की वेबसाइट के अनुसार जिले में औसत भूजल स्तर जमीन से 14.5 मीटर दर्ज किया गया है। वर्ष 2016 से 2026 के बीच सदर विकास खंड में 1.95 मीटर, नौगढ़ में 1.98 मीटर, चकिया में 1.97 मीटर, नियामताबाद में 1.60 मीटर, बरहनी में 1.54 मीटर, चहनिया में 1.08 मीटर और शहाबगंज में 1.62 मीटर की गिरावट पाई गई है।
विजय कुमार, अधिशासी अभियंता, जलकल विभाग ने कहा कि
जिन गांवों में पेयजल आपूर्ति बाधित है, वहां की रिपोर्ट मंगाई गई है। जल्द ही तकनीकी खामियों को दूर कर नियमित जलापूर्ति शुरू कराई जाएगी।