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Chandauli News: दौलत जो आ गई तो शराफत चली गई..........
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पीडीडीयू नगर के इस्लामपुर में मुशायरा कवि सम्मेलन में काव्य पाठ करते मुशायरा। स्रोत:-जागरूक पाठ
- फोटो : kathua news
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पीडीडीयू नगर। नगर के इस्लामपुर स्थित लॉन में आयोजित ऑल इंडिया मुशायरा और कवि सम्मेलन में बिहार, मध्य प्रदेश, दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश के कई जनपदों से आए शायरों एवं कवियों अपनी रचनाओं से लोगों का मन मोहा। कवियों ने श्रोताओं को अपनी रचनाओं से गुदगुदाते, हंसाते एवं संवेदनशील करते हुए कौमी एकता का पैगाम दिया। डॉ सुरेश अकेला ने दौलत जो मिल गई तो शराफत चली गई, झुक करके मिलने वाली वो आदत चली गई सुनाकर आज की हकीकत बयां की।
मुशायरे की शुरुआत शाहबाज मकदूमाबादी ने नाते पाक से किया। आकाश मिश्रा ने उससे कह दे कोई वो आ के संभाले मुझको, शब ए ग़म उसका कहीं मार न डाले मुझको सुनाकर महफिल को ऊंचाई दी। युवा शायर दानिश इकबाल ने मां को समर्पित अपनी रचना बहुत बड़ी कुर्बानी माएं करती हैं सुनाया। अहमद आजमी ने मिसाइल मैन हम ही हैं हमी राफ़ेल उड़ाते हैं मगर साहब ये कहते हैं कि हम पंचर बनाते हैं सुनाया तो जमजम रामनगरी ने लहद में मां की तरह मुझको भींच लेती है वतन की ख़ाक से जब-जब भी प्यार हमने किया सुनाया। इस दौरान रौशन मुगलसरायवी, अली अशफाक हुसैन, ज़िया अहसनी, शंकर कैमूरी, डॉ. अजहर सईद, सतनाम सिंह, इंद्रपाल सिंह डिंपल, डॉ. भारत भूषण यादव, आशीष लक्ष्य, वकार जाहिद बल्ला, इमरान अहमद, मनोज यादव, डॉ. रवि कुमार, इरफान अहमद, कसिमुद्दीन,अमित यादव, सफीर अहमद, रिजवान आदि उपस्थित रहे।
इनसेट
मेरी धड़कन हो मेरा प्यार मेरी जान हो तुम क्या बताऊं मगर इस बात से अनजान हो तुम..........
रीवा मप्र से हास्य कवि कामता माखन ने टेंशन वाली कविता के माध्यम से खूब हंसाया। मिर्जापुर से आए डाॅ. शाद मशरीकी ने मेरी धड़कन हो मेरा प्यार मेरी जान हो तुम क्या बताऊं मगर इस बात से अनजान हो तुम सुनाकर युवाओं में जोश भर दिया। बलिया से आई की कवयित्री प्रतिभा यादव ने वफा खुलूस के परचम को उठाते रहना प्यार के गीत को सुनते और सुनाते रहना सुनाकर मुहब्बत से जीने का सलीका बताया। प्रयागराज के हास्य कवि बिहारी लाल अंबर ने अपने सधे बेजोड़ हास्य अंदाज में तुझे रब ने बनाया होगा दोपहर में मेरे यार सुनाकर लोगों को लोटपोट किया।
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मुशायरे की शुरुआत शाहबाज मकदूमाबादी ने नाते पाक से किया। आकाश मिश्रा ने उससे कह दे कोई वो आ के संभाले मुझको, शब ए ग़म उसका कहीं मार न डाले मुझको सुनाकर महफिल को ऊंचाई दी। युवा शायर दानिश इकबाल ने मां को समर्पित अपनी रचना बहुत बड़ी कुर्बानी माएं करती हैं सुनाया। अहमद आजमी ने मिसाइल मैन हम ही हैं हमी राफ़ेल उड़ाते हैं मगर साहब ये कहते हैं कि हम पंचर बनाते हैं सुनाया तो जमजम रामनगरी ने लहद में मां की तरह मुझको भींच लेती है वतन की ख़ाक से जब-जब भी प्यार हमने किया सुनाया। इस दौरान रौशन मुगलसरायवी, अली अशफाक हुसैन, ज़िया अहसनी, शंकर कैमूरी, डॉ. अजहर सईद, सतनाम सिंह, इंद्रपाल सिंह डिंपल, डॉ. भारत भूषण यादव, आशीष लक्ष्य, वकार जाहिद बल्ला, इमरान अहमद, मनोज यादव, डॉ. रवि कुमार, इरफान अहमद, कसिमुद्दीन,अमित यादव, सफीर अहमद, रिजवान आदि उपस्थित रहे।
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मेरी धड़कन हो मेरा प्यार मेरी जान हो तुम क्या बताऊं मगर इस बात से अनजान हो तुम..........
रीवा मप्र से हास्य कवि कामता माखन ने टेंशन वाली कविता के माध्यम से खूब हंसाया। मिर्जापुर से आए डाॅ. शाद मशरीकी ने मेरी धड़कन हो मेरा प्यार मेरी जान हो तुम क्या बताऊं मगर इस बात से अनजान हो तुम सुनाकर युवाओं में जोश भर दिया। बलिया से आई की कवयित्री प्रतिभा यादव ने वफा खुलूस के परचम को उठाते रहना प्यार के गीत को सुनते और सुनाते रहना सुनाकर मुहब्बत से जीने का सलीका बताया। प्रयागराज के हास्य कवि बिहारी लाल अंबर ने अपने सधे बेजोड़ हास्य अंदाज में तुझे रब ने बनाया होगा दोपहर में मेरे यार सुनाकर लोगों को लोटपोट किया।