अनोखा प्रदर्शन: नाले में कुर्सी डालकर बैठा युवक, सफाई की मांग पर अड़ा; अधिकारियों के आश्वासन पर माना
Chandauli News: चंदौली जिले में नाले में कुर्सी डालकर एक युवक बैठ गया और सफाई की मांग को लेकर अनोखा प्रदर्शन किया। इस दौरान मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने उसकी समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद उसने प्रदर्शन समाप्त किया।
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चंदौली जिले के नियामताबाद विकासखंड के मढ़िया गांव में सोमवार को नाला सफाई को लेकर एक अनोखा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। गांव के एक युवक ने वर्षों से चली आ रही जलनिकासी की समस्या और नाले की नियमित सफाई न होने से नाराज होकर सीधे नाले में कुर्सी डाल दी और उसी पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। युवक के इस अनोखे अंदाज ने मौके पर लोगों की भीड़ जुटा दी। सूचना मिलने पर पुलिस और स्थानीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों द्वारा मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने के बाद युवक ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे युवक पंकज उर्फ गोलू का आरोप था कि गांव में वर्षों से नालों की नियमित सफाई नहीं कराई जाती। बरसात के मौसम में नाले जाम होने से पानी सड़कों और गलियों में भर जाता है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सफाई के नाम पर केवल खानापूर्ति की जाती है।
युवक का कहना था कि जब नाले की सफाई होती भी है तो उसमें से निकाला गया कचरा कई दिनों तक नाले के किनारे ही पड़ा रहता है। बारिश होने पर वही कचरा दोबारा नाले में बह जाता है, जिससे पूरी सफाई बेकार हो जाती है। उन्होंने मुख्य निकासी स्थल की प्रभावी सफाई कराने तथा निकाले गए कचरे को समय पर हटाने की मांग की।
प्रदर्शन की सूचना पर जलीलपुर चौकी प्रभारी अजय यादव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने युवक से बातचीत कर उसे शांत कराया और संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर उसकी मांगों पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद युवक नाले से बाहर आ गया और प्रदर्शन समाप्त हो गया।
इस संबंध में ग्राम प्रधान शंकर प्रसाद ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर बरसात के मौसम को देखते हुए गांव में नालों की सफाई कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर रहा युवक तत्काल नाले से निकला कचरा हटाने की मांग कर रहा था, जबकि गीले कचरे को उसी समय हटाना तकनीकी रूप से संभव नहीं होता। सामान्य प्रक्रिया के तहत कचरा एक-दो दिन सूखने के बाद उठाया जाता है।
ग्राम प्रधान ने यह भी स्वीकार किया कि क्षेत्र में लंबे समय से जलभराव की समस्या बनी हुई है। इसे देखते हुए सफाई अभियान चलाया जा रहा है और जलनिकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। युवक के इस अनोखे विरोध की चर्चा पूरे क्षेत्र में होती रही। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते नालों की नियमित सफाई और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तो बरसात के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।