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Chitrakoot News: 84 कोसी परिक्रमा में साधु संतों का दिखा समागम
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 18 Feb 2026 12:20 AM IST
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17 सीकेटीपी-26- परिक्रमा में शामिल होने आए मंदिर परिसर में मौजूद साधू संत। संवाद
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खोही/चित्रकूट। आस्था, परंपरा और अध्यात्म के अनूठे संगम की 84 कोसी परिक्रमा का मंगलवार को शुभारंभ हो गया। चित्रकूट के रामघाट स्थित मां मंदाकिनी नदी के तट पर श्रद्धालुओं ने स्नान कर मंदिरों और मठों में देवी देवताओं के दर्शन किए और कामतानाथ की परिक्रमा की। बाद में भगवत आराधना मंदिर से परिक्रमा करने वालों का जत्था पहले पड़ाव के लिए निकल पड़ा। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर यात्रियों का स्वागत किया।
बड़ी संख्या में साधु-संत व श्रद्धालु परिक्रमा करने पहुंचे हैं। भगवत आराधना मंदिर के महंत गोविंद दास महाराज की अगुवाई में सनातन परंपराओं का संरक्षण, धर्म प्रचार और सामाजिक समरसता का संदेश के संग श्रद्धालु वहां से रवाना हुए। ढ़ोल-मंजीरे की करतल ध्वनि के मध्य भजनों पर झूमते श्रद्धालु और सीताराम का जयघोष रामघाट से भरतकूप तक वातावरण में भक्ति रस घोलता रहा।
मोक्ष व पुण्य की कामना से साधु-संत, बच्चे, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग भी धर्म यात्रा कर रहे हैं। यह परिक्रमा तय मार्ग से होते हुए भागवत पीठ खोही पहुंची, जहां आचार्य नवलेश दीक्षित महाराज ने संतों व श्रद्धालुओं का स्वागत किया। परिक्रमा का पहला पड़ाव रामशैया में रहा, रात्रि विश्राम भरतकूप मंदिर में श्रद्धालुओं ने किया। बुधवार को वहां से यह परिक्रमा अपने दूसरे पड़ाव के लिए रवाना हो जाएगी। यात्रा बड़े देव हनुमान भीषमपुर और टिटहरा होते हुए ओरन पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम परिक्रमा में शामिल श्रद्धालु रात्रि विश्राम करेंगे।
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बड़ी संख्या में साधु-संत व श्रद्धालु परिक्रमा करने पहुंचे हैं। भगवत आराधना मंदिर के महंत गोविंद दास महाराज की अगुवाई में सनातन परंपराओं का संरक्षण, धर्म प्रचार और सामाजिक समरसता का संदेश के संग श्रद्धालु वहां से रवाना हुए। ढ़ोल-मंजीरे की करतल ध्वनि के मध्य भजनों पर झूमते श्रद्धालु और सीताराम का जयघोष रामघाट से भरतकूप तक वातावरण में भक्ति रस घोलता रहा।
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मोक्ष व पुण्य की कामना से साधु-संत, बच्चे, युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग भी धर्म यात्रा कर रहे हैं। यह परिक्रमा तय मार्ग से होते हुए भागवत पीठ खोही पहुंची, जहां आचार्य नवलेश दीक्षित महाराज ने संतों व श्रद्धालुओं का स्वागत किया। परिक्रमा का पहला पड़ाव रामशैया में रहा, रात्रि विश्राम भरतकूप मंदिर में श्रद्धालुओं ने किया। बुधवार को वहां से यह परिक्रमा अपने दूसरे पड़ाव के लिए रवाना हो जाएगी। यात्रा बड़े देव हनुमान भीषमपुर और टिटहरा होते हुए ओरन पहुंचेगी, जहां रात्रि विश्राम परिक्रमा में शामिल श्रद्धालु रात्रि विश्राम करेंगे।