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Chitrakoot News: आषाढ़ अमावस्या पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब, बढ़ा जलस्तर बना चुनौती
Mon, 13 Jul 2026 01:25 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 13 Jul 2026 01:25 AM IST
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फोटो 12 सीकेटीपी-12- रामघाट पर बिना बैरीकेड सुरक्षा के स्नान करते श्रद्धालु। संवाद
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चित्रकूट। आषाढ़ अमावस्या पर धर्मनगरी में आस्था का सैलाब उमड़ने की उम्मीद है। 13 जुलाई की शाम से 14 जुलाई तक चलने वाले इस पर्व पर करीब तीन लाख श्रद्धालुओं के रामघाट पहुंचने का अनुमान है। वहीं मंदाकिनी नदी का बढ़ा जलस्तर प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है। तेज बहाव के चलते घाटों पर लगाई गई बैरिकेडिंग और महिलाओं के लिए बनाए गए अस्थायी चेंजिंग रूम हटा दिए गए हैं।
मंदाकिनी नदी का जलस्तर फिलहाल 124.150 मीटर दर्ज किया गया है जो खतरे के निशान 126.50 मीटर से लगभग ढाई मीटर नीचे है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एसके प्रसाद ने बताया कि नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर है और पहले की तुलना में कुछ कमी आई है। हालांकि मध्य प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में बारिश होने पर जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। तेज बहाव के बावजूद श्रद्धालु बिना बैरिकेडिंग के स्नान कर रहे हैं जो सुरक्षा की दृष्टि से चिंता का विषय है।
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14 जुलाई को रहेगा स्नान और दान का विशेष महत्व
वैदिक पंचांग के अनुसार आषाढ़ कृष्ण अमावस्या तिथि 13 जुलाई को शाम 6:49 बजे शुरू होगी और 14 जुलाई को दोपहर 3:12 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 14 जुलाई को ही आषाढ़ अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन मंदाकिनी नदी में स्नान, पितरों का तर्पण, दान और श्राद्ध का विशेष धार्मिक महत्व है। इसी वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु चित्रकूट पहुंचते हैं।
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जलस्तर कम होने पर बैरिकेडिंग और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम दोबारा लगाए जाएंगे। यदि जलस्तर स्थिर रहता है या बढ़ता है तो श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जाएंगी। प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पूरी है।
- चंद्रशेखर, अपर जिलाधिकारी।
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मंदाकिनी नदी का जलस्तर फिलहाल 124.150 मीटर दर्ज किया गया है जो खतरे के निशान 126.50 मीटर से लगभग ढाई मीटर नीचे है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता एसके प्रसाद ने बताया कि नदी का जलस्तर फिलहाल स्थिर है और पहले की तुलना में कुछ कमी आई है। हालांकि मध्य प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में बारिश होने पर जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। तेज बहाव के बावजूद श्रद्धालु बिना बैरिकेडिंग के स्नान कर रहे हैं जो सुरक्षा की दृष्टि से चिंता का विषय है।
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14 जुलाई को रहेगा स्नान और दान का विशेष महत्व
वैदिक पंचांग के अनुसार आषाढ़ कृष्ण अमावस्या तिथि 13 जुलाई को शाम 6:49 बजे शुरू होगी और 14 जुलाई को दोपहर 3:12 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार 14 जुलाई को ही आषाढ़ अमावस्या मनाई जाएगी। इस दिन मंदाकिनी नदी में स्नान, पितरों का तर्पण, दान और श्राद्ध का विशेष धार्मिक महत्व है। इसी वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु चित्रकूट पहुंचते हैं।
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जलस्तर कम होने पर बैरिकेडिंग और महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम दोबारा लगाए जाएंगे। यदि जलस्तर स्थिर रहता है या बढ़ता है तो श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जाएंगी। प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पूरी है।
- चंद्रशेखर, अपर जिलाधिकारी।