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Chitrakoot News: अमावस्या के दूसरे दिन भी मंदाकिनी घाट पर उमड़ी आस्था
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15 सीकेटीपी-19- मंदाकिनी नदी के घाट में श्रद्धालु। संवाद
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चित्रकूट। आषाढ़ी अमावस्या के दूसरे दिन बुधवार को भी धर्मनगरी चित्रकूट में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब उमड़ा। सुबह से ही मंदाकिनी नदी के घाटों पर श्रद्धालुओं ने भगवान कामतानाथ के जयकारों के बीच पवित्र स्नान किया। श्रद्धालुओं ने मत्तगजेंद्रनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और तुलसी घाट स्थित तोतमुखी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद श्रद्धालुओं ने कामदगिरि की परिक्रमा भी की। पूरे परिक्रमा मार्ग और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही दिनभर बनी रही। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस और सुरक्षा कर्मी प्रमुख स्थानों पर तैनात रहे।
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छांव के अभाव में गर्मी से जूझे श्रद्धालु
तेज धूप और उमस के बीच घाट क्षेत्र में पर्याप्त छांव की व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ आए लोगों को गर्मी से राहत के लिए इधर-उधर छांव तलाशनी पड़ी।
कानपुर से आए श्रद्धालु राजा सिंह और बांदा निवासी भरत कुमार ने बताया कि अमावस्या के दिन अत्यधिक भीड़ होने के कारण उन्होंने दूसरे दिन स्नान करने का निर्णय लिया। घाट पर धूप से बचने के लिए पर्याप्त शेड या छायादार स्थान नहीं हैं। तेज गर्मी के कारण बुजुर्ग परिजनों को वाहन में ही बैठाकर रखना पड़ा। प्रमुख पर्वों के दौरान घाटों पर अस्थायी शेड, पेयजल और विश्राम की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।
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छांव के अभाव में गर्मी से जूझे श्रद्धालु
तेज धूप और उमस के बीच घाट क्षेत्र में पर्याप्त छांव की व्यवस्था नहीं होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और छोटे बच्चों के साथ आए लोगों को गर्मी से राहत के लिए इधर-उधर छांव तलाशनी पड़ी।
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कानपुर से आए श्रद्धालु राजा सिंह और बांदा निवासी भरत कुमार ने बताया कि अमावस्या के दिन अत्यधिक भीड़ होने के कारण उन्होंने दूसरे दिन स्नान करने का निर्णय लिया। घाट पर धूप से बचने के लिए पर्याप्त शेड या छायादार स्थान नहीं हैं। तेज गर्मी के कारण बुजुर्ग परिजनों को वाहन में ही बैठाकर रखना पड़ा। प्रमुख पर्वों के दौरान घाटों पर अस्थायी शेड, पेयजल और विश्राम की बेहतर व्यवस्था होनी चाहिए।
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