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Chitrakoot News: गोदामों से गेहूं उठाया नहीं, भेज दी खाद
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फोटो न- 15 सीकेटीपी 04 गल्ला के पीसीएफ गोदाम में रखा गेहूं। संवाद
- फोटो : सांकेतिक
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चित्रकूट। खरीफ सीजन नजदीक आते ही सहकारी समितियों में खाद की आपूर्ति तो हो गई है, लेकिन गोदामों में किसानों से खरीदे गए गेहूं का उठान कराया नहीं गया है। इससे समितियों में खाद वितरण की समस्या गंभीर हो गई है। गोदामों में जगह की कमी से खाद को सुरक्षित रखना भी चुनौती बन गया है।
सहकारी समितियों के गोदामों में बड़ी मात्रा में गेहूं का भंडारण किया गया है। गोदामों में रखे गए कुल 94.88 हजार मीट्रिक टन गेहूं में से अभी तक केवल 5581.992 मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो पाया है। जबकि शेष गेहूं गोदामों में डंप है। वहीं, शासन स्तर से खरीफ फसल के लिए 337.500 मीट्रिक टन यूरिया आवंटित की गई है। प्रत्येक केंद्र को 22.500 मीट्रिक टन खाद भेजी गई है। लेकिन गोदाम खाली नहीं है। इस कारण समितियों के प्रभारियों को खाद का भंडारण करने व खाद वितरण में समस्या आ रही है। किसान योगेश जैन, राम कुमार को चिंता है कि यदि खाद वितरण में देरी हुई तो खरीफ की बुवाई प्रभावित हो सकती है।
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केस नं..- एक
शहर के गल्लामंडी के पीसीएफ केंद्र प्रभारी बाबूराम कुशवाहा ने बताया कि यहां के गोदाम में 217 बोरी गेहूं रखा है। जबकि 400 बोरी डीएपी व 500 बोरी यूरिया भेज दी गई है। गोदाम में गेहूं के साथ ही खाद भी रखी हुई है। इससे किसानों को बांटने में परेशानी हो रही है।
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केस नं दो
शहर के शंकर बाजार स्थित कोऑपरेटिव परिसर कर्वी सहकारी केंद्र प्रभारी मनी लाल यादव ने बताया कि गोदाम में लगभग 300 बोरी गेहूं रखा है। इससे गोदाम में जगह कम हो गई है। खाद भी 500 बोरी आ गई है। मजबूरी में गेहूं के साथ ही गोदाम में खाद भी रखी जा रही है। जिस दिन ज्यादा किसान खाद लेने आ जाएंगे, उस दिन समस्या और गंभीर हो जाएगी।
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बोले जिम्मेदार-- -- -- --
गेहूं उठान के ठेकेदारों को दिए निर्देश
पीसीएफ विभाग के जिला प्रभारी अधिकारी सुजीत कुमार मौर्य ने बताया कि सहकारी समितियों में रखे गेहूं के उठान के लिए ठेकेदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द गोदाम से गेहूं उठा लें।
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सहकारी समितियों के गोदामों में बड़ी मात्रा में गेहूं का भंडारण किया गया है। गोदामों में रखे गए कुल 94.88 हजार मीट्रिक टन गेहूं में से अभी तक केवल 5581.992 मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो पाया है। जबकि शेष गेहूं गोदामों में डंप है। वहीं, शासन स्तर से खरीफ फसल के लिए 337.500 मीट्रिक टन यूरिया आवंटित की गई है। प्रत्येक केंद्र को 22.500 मीट्रिक टन खाद भेजी गई है। लेकिन गोदाम खाली नहीं है। इस कारण समितियों के प्रभारियों को खाद का भंडारण करने व खाद वितरण में समस्या आ रही है। किसान योगेश जैन, राम कुमार को चिंता है कि यदि खाद वितरण में देरी हुई तो खरीफ की बुवाई प्रभावित हो सकती है।
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केस नं..- एक
शहर के गल्लामंडी के पीसीएफ केंद्र प्रभारी बाबूराम कुशवाहा ने बताया कि यहां के गोदाम में 217 बोरी गेहूं रखा है। जबकि 400 बोरी डीएपी व 500 बोरी यूरिया भेज दी गई है। गोदाम में गेहूं के साथ ही खाद भी रखी हुई है। इससे किसानों को बांटने में परेशानी हो रही है।
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केस नं दो
शहर के शंकर बाजार स्थित कोऑपरेटिव परिसर कर्वी सहकारी केंद्र प्रभारी मनी लाल यादव ने बताया कि गोदाम में लगभग 300 बोरी गेहूं रखा है। इससे गोदाम में जगह कम हो गई है। खाद भी 500 बोरी आ गई है। मजबूरी में गेहूं के साथ ही गोदाम में खाद भी रखी जा रही है। जिस दिन ज्यादा किसान खाद लेने आ जाएंगे, उस दिन समस्या और गंभीर हो जाएगी।
बोले जिम्मेदार
गेहूं उठान के ठेकेदारों को दिए निर्देश
पीसीएफ विभाग के जिला प्रभारी अधिकारी सुजीत कुमार मौर्य ने बताया कि सहकारी समितियों में रखे गेहूं के उठान के लिए ठेकेदारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जल्द से जल्द गोदाम से गेहूं उठा लें।

फोटो न- 15 सीकेटीपी 04 गल्ला के पीसीएफ गोदाम में रखा गेहूं। संवाद- फोटो : सांकेतिक