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Chitrakoot News: नाबालिग के अपहरण और यौन उत्पीड़न का मामला खारिज
Tue, 14 Jul 2026 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 14 Jul 2026 11:55 PM IST
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चित्रकूट। अपर सत्र न्यायाधीश रेनू मिश्रा ने नाबालिग के अपहरण और यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायत खारिज कर दी है। अदालत ने पाया कि प्रथम दृष्टया पॉक्सो अधिनियम के तहत कोई अपराध नहीं हुआ है। यह मामला कर्वी कोतवाली क्षेत्र का है।
शिकायतकर्ता ने सुखेंद्र और पांच अन्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कर्वी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप था कि सुखेंद्र नाबालिग बेटी को शादी का झांसा देकर बहलाकर ले गया। वो अपने साथ सोने-चांदी के जेवरात व एक लाख की नकदी भी ले गई थी। जाने में चिंगू और मिथुन ने मदद की। शिकायतकर्ता ने उपनिरीक्षक यजुवीर सिंह पर जांच में लापरवाही का आरोप भी लगाया।
थाने की रिपोर्ट के अनुसार, नाबालिग ने अपने बयान में कहा कि वह 6 जनवरी 2026 को घर से लखनऊ चली गई थी। उसके माता-पिता उसकी जबरदस्ती शादी करा रहे थे। उसने किसी भी यौन अपराध से इन्कार किया। न्यायालय ने पाया कि शिकायत से पॉक्सो अधिनियम के तहत कोई विचारणीय अपराध नहीं बनता है। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज है और अंतिम रिपोर्ट भी प्रेषित की जा चुकी है। (संवाद)
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शिकायतकर्ता ने सुखेंद्र और पांच अन्य के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कर्वी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप था कि सुखेंद्र नाबालिग बेटी को शादी का झांसा देकर बहलाकर ले गया। वो अपने साथ सोने-चांदी के जेवरात व एक लाख की नकदी भी ले गई थी। जाने में चिंगू और मिथुन ने मदद की। शिकायतकर्ता ने उपनिरीक्षक यजुवीर सिंह पर जांच में लापरवाही का आरोप भी लगाया।
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थाने की रिपोर्ट के अनुसार, नाबालिग ने अपने बयान में कहा कि वह 6 जनवरी 2026 को घर से लखनऊ चली गई थी। उसके माता-पिता उसकी जबरदस्ती शादी करा रहे थे। उसने किसी भी यौन अपराध से इन्कार किया। न्यायालय ने पाया कि शिकायत से पॉक्सो अधिनियम के तहत कोई विचारणीय अपराध नहीं बनता है। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज है और अंतिम रिपोर्ट भी प्रेषित की जा चुकी है। (संवाद)
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