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Chitrakoot News: नहीं मिला व्यावसायिक सिलिंडर, लकड़ी और कोयले से चल रहा कारोबार
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 08 Apr 2026 12:14 AM IST
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फोटो 07 सीकेटीपी-11- प्रयागराज रोड स्थित गैस एजेंसी में लोगों की भीड़। संवाद
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चित्रकूट। जिले में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति ठप होने से छोटे दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी वालों और होटल-ढाबा संचालकों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गैस के अभाव में उन्हें मजबूरन लकड़ी और कोयले के सहारे अपना व्यवसाय चलाना पड़ रहा है।
दुकानदारों का कहना है कि पहले एक गैस सिलिंडर से 15 से 20 दिन तक काम आसानी से चल जाता था, लेकिन अब स्थिति यह है कि उन्हें रोजाना लकड़ी खरीदनी पड़ रही है। करीब 12 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 200 से 300 रुपये तक की लकड़ी प्रतिदिन खर्च हो रही है। इसके चलते उनके मुनाफे पर सीधा असर पड़ रहा है। लकड़ी और कोयले से चूल्हा जलाने में अधिक समय लगता है। देरी के कारण ग्राहक इंतजार नहीं कर पाते और कई बार बिना खाए ही लौट जाते हैं, व्यापार प्रभावित हो रहा है।
बढ़ती लागत का असर अब आम ग्राहकों पर भी दिखने लगा है। पहले 20 रुपये में मिलने वाली चार पूड़ियां अब 30 रुपये में दी जा रही हैं। समोसे का दाम 10 से बढ़कर 15 रुपये हो गया है, जबकि चाय भी सात रुपये से बढ़कर 12 से 15 रुपये तक पहुंच गई है। जिले में लगभग 11 सौ व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति का प्रावधान है, जिसमें से 550 सिलिंडरों की मांग की गई थी। इसके बावजूद हर महीने मुश्किल से 50 सिलिंडर ही उपलब्ध हो पा रहे हैं।
व्यावसायिक सिलिंडरों के लिए लगा रहे चक्कर
स्टेशन के सामने होटल संचालक लल्लू गुप्ता ने बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से हफ्ते में दो से तीन दिन दुकान बंद करनी पड़ती है। लकड़ी व भट्ठी के भरोसे ही समोसा, पकौड़ा व चाय बनानी पड़ती है। इसमें समय अधिक लगता है। कई बार एजेंसी जाकर सिलिंडर को लेकर बात की है, लेकिन कोई सुनवाई ही नहीं हो रही है।
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पटेल तिराहे के पास छोला भटूरा के ठेला संचालक राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि एक महीने से सिलिंडर को लेकर एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक सिलिंडर नहीं मिला है। इसलिए मजबूर में भट्ठी के सहारे से भटूरा व छोला पका रहे हैं। इसमें एक घंटे से अधिक समय लगता है और इससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
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बोले जिम्मेदार
व्यावसायिक सिलिंडर को लेकर लगातार मांग जा रही है। मुख्यालय से आपूर्ति को लेकर सूचना मांगी गई, उसे दिया जा रहा है, जिले में जल्द उपभोक्ताओं को व्यावसायिक सिलिंडर उपलब्ध होगा।- कमल नयन सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी
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दुकानदारों का कहना है कि पहले एक गैस सिलिंडर से 15 से 20 दिन तक काम आसानी से चल जाता था, लेकिन अब स्थिति यह है कि उन्हें रोजाना लकड़ी खरीदनी पड़ रही है। करीब 12 रुपये प्रति किलो के हिसाब से 200 से 300 रुपये तक की लकड़ी प्रतिदिन खर्च हो रही है। इसके चलते उनके मुनाफे पर सीधा असर पड़ रहा है। लकड़ी और कोयले से चूल्हा जलाने में अधिक समय लगता है। देरी के कारण ग्राहक इंतजार नहीं कर पाते और कई बार बिना खाए ही लौट जाते हैं, व्यापार प्रभावित हो रहा है।
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बढ़ती लागत का असर अब आम ग्राहकों पर भी दिखने लगा है। पहले 20 रुपये में मिलने वाली चार पूड़ियां अब 30 रुपये में दी जा रही हैं। समोसे का दाम 10 से बढ़कर 15 रुपये हो गया है, जबकि चाय भी सात रुपये से बढ़कर 12 से 15 रुपये तक पहुंच गई है। जिले में लगभग 11 सौ व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति का प्रावधान है, जिसमें से 550 सिलिंडरों की मांग की गई थी। इसके बावजूद हर महीने मुश्किल से 50 सिलिंडर ही उपलब्ध हो पा रहे हैं।
व्यावसायिक सिलिंडरों के लिए लगा रहे चक्कर
स्टेशन के सामने होटल संचालक लल्लू गुप्ता ने बताया कि व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से हफ्ते में दो से तीन दिन दुकान बंद करनी पड़ती है। लकड़ी व भट्ठी के भरोसे ही समोसा, पकौड़ा व चाय बनानी पड़ती है। इसमें समय अधिक लगता है। कई बार एजेंसी जाकर सिलिंडर को लेकर बात की है, लेकिन कोई सुनवाई ही नहीं हो रही है।
पटेल तिराहे के पास छोला भटूरा के ठेला संचालक राजेंद्र गुप्ता ने बताया कि एक महीने से सिलिंडर को लेकर एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक सिलिंडर नहीं मिला है। इसलिए मजबूर में भट्ठी के सहारे से भटूरा व छोला पका रहे हैं। इसमें एक घंटे से अधिक समय लगता है और इससे व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
बोले जिम्मेदार
व्यावसायिक सिलिंडर को लेकर लगातार मांग जा रही है। मुख्यालय से आपूर्ति को लेकर सूचना मांगी गई, उसे दिया जा रहा है, जिले में जल्द उपभोक्ताओं को व्यावसायिक सिलिंडर उपलब्ध होगा।- कमल नयन सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी

फोटो 07 सीकेटीपी-11- प्रयागराज रोड स्थित गैस एजेंसी में लोगों की भीड़। संवाद

फोटो 07 सीकेटीपी-11- प्रयागराज रोड स्थित गैस एजेंसी में लोगों की भीड़। संवाद

फोटो 07 सीकेटीपी-11- प्रयागराज रोड स्थित गैस एजेंसी में लोगों की भीड़। संवाद