{"_id":"6a567e845f2042cbc80d74bd","slug":"dams-remain-empty-even-in-july-is-the-shadow-of-drought-looming-chitrakoot-news-c-12-knp1085-1587250-2026-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"जुलाई में भी खाली पड़े बांध: कहीं सूखे का साया तो नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जुलाई में भी खाली पड़े बांध: कहीं सूखे का साया तो नहीं
Tue, 14 Jul 2026 11:53 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 14 Jul 2026 11:53 PM IST
विज्ञापन
फोटो 14 सीकेटीपी 16 धर्मराज सिंह। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चित्रकूट। जिले के गुंता और ओहन बांध जुलाई का पहला पखवाड़ा बीतने के बावजूद खाली पड़े हैं। हर साल लबालब भरने वाले ये बांध इस बार सूखे जैसे हालात में हैं। अब तक मात्र 60 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ी है।
रैपुरा क्षेत्र में गुंता बांध और मानिकपुर क्षेत्र में ओहन बांध स्थित हैं। ये बांध नहरों से आसपास के गांवों को सिंचाई और पेयजल उपलब्ध कराते हैं। गुंता बांध लगभग 100 गांवों को सिंचाई सुविधा देता है, जिनमें रामाकोल, बांधी, भखवार जैसे कई गांव शामिल हैं। ओहन बांध से बघरेही, भुजौली, मडवारा जैसे गांवों में नहरें चलती हैं। कृषि वैज्ञानिक अंकुर त्रिपाठी के अनुसार, पिछले साल जुलाई में बांध उफनने लगे थे, लेकिन इस बार स्थिति विपरीत है। मौसम वैज्ञानिक भी कम बारिश की आशंका जता रहे हैं। हर साल जुलाई में ये बांध लबालब भर जाते थे। इस बार जुलाई का मध्य होने पर भी बांध खाली हैं। कम बारिश से सिंचाई और पेयजल पर निर्भर किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
किसान धर्मराज सिंह ने बताया कि रैपुरा क्षेत्र में पड़ने वाले गुंता बांध से नहर में छोड़े जाने वाले पानी से खेतों की सिंचाई होती है। पिछले साल तो कई किसानों ने धान की फसल भी लगाई थी। इस बार हालत अधिक खराब है। बारिश नहीं हो रही है। इसके चलते बांध में पानी बहुत कम बचा है। जिस साल पानी बांध में कम होता है। उस साल पानी नहरों में नहीं छोड़ा जाता है। इससे फसल सूख जाती है। हालांकि उन्हें भरोसा है कि इस बार अच्छी बारिश होगी।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -
चित्रकूट। किसान सीताराम ने बताया कि ओहन बांध मानिकपुर क्षेत्र में पड़ता है। पिछले साल अच्छी बारिश होने से बांध उफनाने लगा था। इस साल जिले में सूखे जैसे हालत बन रहे हैं। यह चिंता का विषय बना हुआ है। इसके चलते बांध में पानी कम है। यदि पानी कम रहेगा तो नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाएगा। इसको देखते हुए किसान कम पानी आधारित फसल लग रहा है।
-- -- -- --
बोले जिम्मेदार-- -- -- --
गुंता बांध की कुल क्षमता 24.50 मिलियन घन मीटर है, जबकि इसमें अभी केवल 9.72 मिलियन पानी घन मीटर है। ओहन बांध की क्षमता 22.70 मिलियन घन मीटर है और इसमें 8.59 मिलियन घन मीटर पानी मौजूद है। यह स्थिति सामान्य से काफी कम है। -एसके प्रसाद, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
-- --
उपाय
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि इन बांधों में कहीं और से पानी लाने की कोई व्यवस्था नहीं है। बारिश का पानी ही यहां संग्रह किया जाता है।
विज्ञापन
रैपुरा क्षेत्र में गुंता बांध और मानिकपुर क्षेत्र में ओहन बांध स्थित हैं। ये बांध नहरों से आसपास के गांवों को सिंचाई और पेयजल उपलब्ध कराते हैं। गुंता बांध लगभग 100 गांवों को सिंचाई सुविधा देता है, जिनमें रामाकोल, बांधी, भखवार जैसे कई गांव शामिल हैं। ओहन बांध से बघरेही, भुजौली, मडवारा जैसे गांवों में नहरें चलती हैं। कृषि वैज्ञानिक अंकुर त्रिपाठी के अनुसार, पिछले साल जुलाई में बांध उफनने लगे थे, लेकिन इस बार स्थिति विपरीत है। मौसम वैज्ञानिक भी कम बारिश की आशंका जता रहे हैं। हर साल जुलाई में ये बांध लबालब भर जाते थे। इस बार जुलाई का मध्य होने पर भी बांध खाली हैं। कम बारिश से सिंचाई और पेयजल पर निर्भर किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
विज्ञापन
किसान धर्मराज सिंह ने बताया कि रैपुरा क्षेत्र में पड़ने वाले गुंता बांध से नहर में छोड़े जाने वाले पानी से खेतों की सिंचाई होती है। पिछले साल तो कई किसानों ने धान की फसल भी लगाई थी। इस बार हालत अधिक खराब है। बारिश नहीं हो रही है। इसके चलते बांध में पानी बहुत कम बचा है। जिस साल पानी बांध में कम होता है। उस साल पानी नहरों में नहीं छोड़ा जाता है। इससे फसल सूख जाती है। हालांकि उन्हें भरोसा है कि इस बार अच्छी बारिश होगी।
विज्ञापन
चित्रकूट। किसान सीताराम ने बताया कि ओहन बांध मानिकपुर क्षेत्र में पड़ता है। पिछले साल अच्छी बारिश होने से बांध उफनाने लगा था। इस साल जिले में सूखे जैसे हालत बन रहे हैं। यह चिंता का विषय बना हुआ है। इसके चलते बांध में पानी कम है। यदि पानी कम रहेगा तो नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाएगा। इसको देखते हुए किसान कम पानी आधारित फसल लग रहा है।
बोले जिम्मेदार
गुंता बांध की कुल क्षमता 24.50 मिलियन घन मीटर है, जबकि इसमें अभी केवल 9.72 मिलियन पानी घन मीटर है। ओहन बांध की क्षमता 22.70 मिलियन घन मीटर है और इसमें 8.59 मिलियन घन मीटर पानी मौजूद है। यह स्थिति सामान्य से काफी कम है। -एसके प्रसाद, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
उपाय
सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने बताया कि इन बांधों में कहीं और से पानी लाने की कोई व्यवस्था नहीं है। बारिश का पानी ही यहां संग्रह किया जाता है।

फोटो 14 सीकेटीपी 16 धर्मराज सिंह। संवाद

फोटो 14 सीकेटीपी 16 धर्मराज सिंह। संवाद