{"_id":"697a587b8b5ce038580bba94","slug":"farmers-expectations-from-the-union-budget-increase-in-subsidies-on-fertilizers-and-seeds-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1001-126308-2026-01-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"केंद्रीय बजट पर किसानों की उम्मीदें : खाद व बीज पर बढ़े सब्सिडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
केंद्रीय बजट पर किसानों की उम्मीदें : खाद व बीज पर बढ़े सब्सिडी
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Thu, 29 Jan 2026 12:12 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
चित्रकूट। आगामी एक फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट को लेकर किसानों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। किसानों ने कृषि विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखते हुए बजट में विशेष प्रावधानों की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में खाद-बीज की उपलब्धता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार और फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा दिलाना शामिल है। किसानों का मानना है कि इन मांगों को बजट में शामिल करने से कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी।
भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने बताया कि खाद और बीज की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने बजट में इन पर सब्सिडी बढ़ाने की मांग की, ताकि किसानों को ये आवश्यक वस्तुएं न्यूनतम दरों पर उपलब्ध हो सकें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने वृद्ध किसानों के लिए मासिक पेंशन और स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाओं को बजट में शामिल करने का भी आग्रह किया।
फसलों पर एमएसपी को कानूनी दर्जा देने की आवश्यकता रैपुरा के किसान महेश लाल ने गेहूं, धान, मक्का सहित सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा देने की मांग उठाई। उनका कहना है कि इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित हो सकेगा और वे बिचौलियों के शोषण से बच पाएंगे।
-- -- -- -- -- --
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर जोर
कसहई गांव के किसान रामलाल ने ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई की समुचित व्यवस्था न होने की समस्या को उजागर किया। उन्होंने बजट में नहरों के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए प्रावधान करने की आवश्यकता पर बल दिया।
-- -- -- -- --
आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान और ऋण माफी की मांग : नांदिन गांव के किसान रामफल द्विवेदी ने आधुनिक खेती के लिए ट्रैक्टर, हार्वेस्टर जैसे कृषि यंत्रों पर अधिक अनुदान देने की मांग की। वहीं, सेमरिया चरणदासी गांव के किसान हेम नारायण कुशवाहा ने किसानों के लिए कृषि ऋण माफ करने और कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की अपील की।
Trending Videos
भारतीय किसान यूनियन के तहसील अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने बताया कि खाद और बीज की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने बजट में इन पर सब्सिडी बढ़ाने की मांग की, ताकि किसानों को ये आवश्यक वस्तुएं न्यूनतम दरों पर उपलब्ध हो सकें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने वृद्ध किसानों के लिए मासिक पेंशन और स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाओं को बजट में शामिल करने का भी आग्रह किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
फसलों पर एमएसपी को कानूनी दर्जा देने की आवश्यकता रैपुरा के किसान महेश लाल ने गेहूं, धान, मक्का सहित सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा देने की मांग उठाई। उनका कहना है कि इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित हो सकेगा और वे बिचौलियों के शोषण से बच पाएंगे।
सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर जोर
कसहई गांव के किसान रामलाल ने ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई की समुचित व्यवस्था न होने की समस्या को उजागर किया। उन्होंने बजट में नहरों के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए प्रावधान करने की आवश्यकता पर बल दिया।
आधुनिक कृषि यंत्रों पर अनुदान और ऋण माफी की मांग : नांदिन गांव के किसान रामफल द्विवेदी ने आधुनिक खेती के लिए ट्रैक्टर, हार्वेस्टर जैसे कृषि यंत्रों पर अधिक अनुदान देने की मांग की। वहीं, सेमरिया चरणदासी गांव के किसान हेम नारायण कुशवाहा ने किसानों के लिए कृषि ऋण माफ करने और कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराने की अपील की।