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Chitrakoot News: पर्याप्त मात्रा में डीजल न मिलने से किसानों में निराशा
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:18 PM IST
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फोटो न- 31सीकेटीपी 20 बछरन क्षेत्र के एक खेत में गेहूं फसल काटती हार्वेस्टिंग मशीन। संवाद
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चित्रकूट। रबी की फसलों की कटाई का दौर अपने चरम पर है, ऐसे में किसानों को खेती-किसानी के लिए आवश्यक डीजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। हार्वेस्टर मशीनों, ट्रैक्टरों और अन्य कृषि उपकरणों के संचालन के लिए डीजल की आवश्यकता बढ़ गई है, लेकिन पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध न होने से किसानों की परेशानियां और बढ़ गई हैं।
भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह कहते हैं कि इस संकट के चलते कटाई और ढुलाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। फसल कटाई के समय में किसान विभिन्न आधुनिक मशीनों जैसे हार्वेस्टर का उपयोग करते हैं, साथ ही खेतों से फसल को ट्रैक्टरों के माध्यम से खलिहान तक पहुंचाने का कार्य भी कर रहे हैं।
इन सभी कार्यों के लिए डीजल एक अनिवार्य आवश्यकता है लेकिन किसानों को पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल पंपों पर डीजल नहीं मिल रहा है। पंपों पर केवल 20 से 25 लीटर डीजल ही दिया जा रहा है, जो उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है। कई बार तो ड्रमों में भी डीजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
शिवपुरी गांव के किसान अर्जुन सिंह बताते हैं कि जब वे ट्रैक्टर में 40 लीटर डीजल डलवाने जाते हैं, तो उन्हें केवल 20 लीटर ही मिलता है और दोबारा आने को कहा जाता है। उनका गांव पेट्रोल पंप से काफी दूर होने के कारण यह समस्या और विकट हो जाती है। गांव तौरा के राजा सिंह का भी कुछ यही कहना है।
सरकार द्वारा बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से डीजल नहीं मिल रहा है, जिससे खेती का कार्य पिछड़ रहा है। शहर के पेट्रोल पंप के प्रबंधक रमेश कुमार का कहना है कि इस समय 50 लीटर तक डीजल दिया जा रहा है और ड्रम में भी डीजल नहीं दिया जाता। वहीं, जिला पूर्ति अधिकारी कमल नयन का दावा है कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है।
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भारतीय किसान यूनियन के मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह कहते हैं कि इस संकट के चलते कटाई और ढुलाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। फसल कटाई के समय में किसान विभिन्न आधुनिक मशीनों जैसे हार्वेस्टर का उपयोग करते हैं, साथ ही खेतों से फसल को ट्रैक्टरों के माध्यम से खलिहान तक पहुंचाने का कार्य भी कर रहे हैं।
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इन सभी कार्यों के लिए डीजल एक अनिवार्य आवश्यकता है लेकिन किसानों को पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल पंपों पर डीजल नहीं मिल रहा है। पंपों पर केवल 20 से 25 लीटर डीजल ही दिया जा रहा है, जो उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है। कई बार तो ड्रमों में भी डीजल उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
शिवपुरी गांव के किसान अर्जुन सिंह बताते हैं कि जब वे ट्रैक्टर में 40 लीटर डीजल डलवाने जाते हैं, तो उन्हें केवल 20 लीटर ही मिलता है और दोबारा आने को कहा जाता है। उनका गांव पेट्रोल पंप से काफी दूर होने के कारण यह समस्या और विकट हो जाती है। गांव तौरा के राजा सिंह का भी कुछ यही कहना है।
सरकार द्वारा बड़ी-बड़ी बातें की जाती हैं, लेकिन किसानों को उनकी जरूरत के हिसाब से डीजल नहीं मिल रहा है, जिससे खेती का कार्य पिछड़ रहा है। शहर के पेट्रोल पंप के प्रबंधक रमेश कुमार का कहना है कि इस समय 50 लीटर तक डीजल दिया जा रहा है और ड्रम में भी डीजल नहीं दिया जाता। वहीं, जिला पूर्ति अधिकारी कमल नयन का दावा है कि किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराया जा रहा है।