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Chitrakoot News: तीन बिचौलियों व 16 पेंशनरों से पूछताछ शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Thu, 05 Feb 2026 11:14 PM IST
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चित्रकूट। जिले के कोषागार में हुए 43.13 करोड़ रुपये के बहुचर्चित घोटाले की जांच में एसआईटी (विशेष जांच दल) लगातार सक्रिय है। इस मामले में अब तक 16 पेंशनरों और तीन बिचौलियों को गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय से स्टे (रोक) मिल चुका है। एसआईटी इन सभी से पूछताछ कर घोटाले में उनकी भूमिका और अन्य शामिल लोगों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, अभी तक की पूछताछ में कोई नई महत्वपूर्ण जानकारी सामने नहीं आई है।
कोषागार में अक्तूबर माह में सामने आए इस बड़े घोटाले में पहले चार कर्मचारियों और 93 पेंशनरों के खिलाफ सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जांच एसआईटी को सौंपे जाने के बाद विवेचना में करीब 24 बिचौलियों की संलिप्तता पाई गई। इनमें से नौ बिचौलियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जब अन्य बिचौलियों को पकड़ने के लिए दबिश तेज की गई, तो कई बिचौलिए और पेंशनर कोर्ट की शरण में पहुंच गए और स्टे प्राप्त कर लिया। एसआईटी अब इन सभी से बारी-बारी से पूछताछ कर रही है, इस उम्मीद में कि कुछ नई कड़ियां सामने आ सकें।
छापेमारी में आरोपियों के घरों में मिल रहा ताला
दूसरी ओर, एसआईटी की टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापा मार रही हैं लेकिन कई दिनों से आरोपियों के घरों में ताला बंद मिल रहा है, जिससे टीम को बैरंग लौटना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को भी सहायक प्रभारी अजीत पांडेय के नेतृत्व में टीम ने पांच पेंशनरों व बिचौलियों के घरों पर दबिश दी, लेकिन सभी घरों पर ताला लगा था। पड़ोसी भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके। इस समय एसआईटी की तीन टीमें आरोपियों की धरपकड़ के लिए सक्रिय हैं। एसआईटी प्रभारी अरविंद कुमार वर्मा ने स्पष्ट किया है कि स्टे मिलने वाले सभी पेंशनरों व बिचौलियों से पूछताछ जारी है और जिसका भी नाम सामने आएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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कोषागार में अक्तूबर माह में सामने आए इस बड़े घोटाले में पहले चार कर्मचारियों और 93 पेंशनरों के खिलाफ सदर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। जांच एसआईटी को सौंपे जाने के बाद विवेचना में करीब 24 बिचौलियों की संलिप्तता पाई गई। इनमें से नौ बिचौलियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। जब अन्य बिचौलियों को पकड़ने के लिए दबिश तेज की गई, तो कई बिचौलिए और पेंशनर कोर्ट की शरण में पहुंच गए और स्टे प्राप्त कर लिया। एसआईटी अब इन सभी से बारी-बारी से पूछताछ कर रही है, इस उम्मीद में कि कुछ नई कड़ियां सामने आ सकें।
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छापेमारी में आरोपियों के घरों में मिल रहा ताला
दूसरी ओर, एसआईटी की टीमें आरोपियों को पकड़ने के लिए लगातार छापा मार रही हैं लेकिन कई दिनों से आरोपियों के घरों में ताला बंद मिल रहा है, जिससे टीम को बैरंग लौटना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को भी सहायक प्रभारी अजीत पांडेय के नेतृत्व में टीम ने पांच पेंशनरों व बिचौलियों के घरों पर दबिश दी, लेकिन सभी घरों पर ताला लगा था। पड़ोसी भी उनके बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके। इस समय एसआईटी की तीन टीमें आरोपियों की धरपकड़ के लिए सक्रिय हैं। एसआईटी प्रभारी अरविंद कुमार वर्मा ने स्पष्ट किया है कि स्टे मिलने वाले सभी पेंशनरों व बिचौलियों से पूछताछ जारी है और जिसका भी नाम सामने आएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।