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Chitrakoot News: रानीपुर टाइगर रिजर्व में जलस्रोत पर दिखा तेंदुआ
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 22 Jun 2026 12:07 AM IST
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फोटो 21 सीकेटीपी-47-वाटर होल में पानी पीता तेंदुआ। संवाद
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मानिकपुर (चित्रकूट)। रानीपुर बाघ अभयारण्य के रिझाउवा जंगल में रविवार शाम एक तेंदुआ जलस्रोत पर पानी पीते हुए देखा गया। गश्त पर निकली वन विभाग की टीम ने इस दुर्लभ दृश्य को अपने कैमरे में कैद कर लिया। तेंदुए की मौजूदगी से वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में उत्साह का माहौल है।
यह घटना मानिकपुर प्रथम रेंज क्षेत्र में हुई। वन विभाग की टीम रविवार शाम करीब चार बजे नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान उन्हें जलस्रोत के पास तेंदुआ पानी पीता दिखा। टीम ने तेंदुए का वीडियो भी बनाया, जिसमें एक सांभर भी नजर आया। सांभर तेंदुए को देखकर तेजी से जंगल की ओर भाग गया। भीषण गर्मी के बीच वन्यजीवों को पानी उपलब्ध कराने के लिए बाघ अभयारण्य प्रशासन ने कई जलस्रोत बनाए हैं। इनमें नियमित रूप से टैंकरों से पानी भरा जा रहा है, जिससे वन्यजीवों को राहत मिल रही है।
मानिकपुर प्रथम रेंज के वन क्षेत्रपाल सुशील श्रीवास्तव ने बताया कि क्षेत्र में वन्यजीवों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि तेंदुए का दिखाई देना जंगल के बेहतर होते पर्यावरण का प्रमाण है। यह वन्यजीव संरक्षण के लिए एक सकारात्मक संकेत है। वन क्षेत्रपाल ने यह भी बताया कि वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। वन्यजीवों के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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यह घटना मानिकपुर प्रथम रेंज क्षेत्र में हुई। वन विभाग की टीम रविवार शाम करीब चार बजे नियमित गश्त पर थी। इसी दौरान उन्हें जलस्रोत के पास तेंदुआ पानी पीता दिखा। टीम ने तेंदुए का वीडियो भी बनाया, जिसमें एक सांभर भी नजर आया। सांभर तेंदुए को देखकर तेजी से जंगल की ओर भाग गया। भीषण गर्मी के बीच वन्यजीवों को पानी उपलब्ध कराने के लिए बाघ अभयारण्य प्रशासन ने कई जलस्रोत बनाए हैं। इनमें नियमित रूप से टैंकरों से पानी भरा जा रहा है, जिससे वन्यजीवों को राहत मिल रही है।
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मानिकपुर प्रथम रेंज के वन क्षेत्रपाल सुशील श्रीवास्तव ने बताया कि क्षेत्र में वन्यजीवों की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि तेंदुए का दिखाई देना जंगल के बेहतर होते पर्यावरण का प्रमाण है। यह वन्यजीव संरक्षण के लिए एक सकारात्मक संकेत है। वन क्षेत्रपाल ने यह भी बताया कि वन विभाग की टीम लगातार निगरानी कर रही है। वन्यजीवों के संरक्षण के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।