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Chitrakoot News: कलश यात्रा में थिरकीं महिलाएं, कथा में भक्ति व मोक्ष की महिमा
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 22 Jun 2026 12:06 AM IST
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21 सीकेटीपी-48-कलश यात्रा में नृत्य करती महिलाएं। संवाद
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मऊ (चित्रकूट)। नगर पंचायत मऊ के आनंदी नगर में रविवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ, जिसमें महिलाओं और श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे मार्ग में जयकारों और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कलश यात्रा आनंदी नगर से बस स्टैंड होते हुए मां आनंदी धाम तक निकाली गई। इसके बाद श्रद्धालु यमुना तट पहुंचे और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलशों में पवित्र जल भरा। फिर शोभायात्रा कथा स्थल तक पहुंची। वृंदावन से आए कथा व्यास आचार्य तरंग महाराज ने पहले दिन श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने बताया, कलियुग में प्रभु भक्ति, सत्संग और भागवत श्रवण ही मानव जीवन के कल्याण का सर्वोत्तम मार्ग है। आचार्य ने नैमिषारण्य में 88 हजार ऋषियों और सूतजी के संवाद का प्रसंग सुनाया।
आचार्य तरंग महाराज ने कहा, भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के दुखों का नाश कर उसे मोक्ष की ओर अग्रसर करता है। उन्होंने आत्मदेव की कथा का संक्षिप्त वर्णन भी किया। इस दौरान श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया गया। कथा में परीक्षित के रूप में जगपतिया देवी ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया। इस अवसर पर नारायण गुप्ता, राज गुप्ता, शुभम गुप्ता और कृष्णा गुप्ता मौजूद रहे। पूर्व प्रधान इंद्रराज गुप्ता सहित गुप्ता परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।
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कलश यात्रा आनंदी नगर से बस स्टैंड होते हुए मां आनंदी धाम तक निकाली गई। इसके बाद श्रद्धालु यमुना तट पहुंचे और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलशों में पवित्र जल भरा। फिर शोभायात्रा कथा स्थल तक पहुंची। वृंदावन से आए कथा व्यास आचार्य तरंग महाराज ने पहले दिन श्रीमद्भागवत महापुराण की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने बताया, कलियुग में प्रभु भक्ति, सत्संग और भागवत श्रवण ही मानव जीवन के कल्याण का सर्वोत्तम मार्ग है। आचार्य ने नैमिषारण्य में 88 हजार ऋषियों और सूतजी के संवाद का प्रसंग सुनाया।
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आचार्य तरंग महाराज ने कहा, भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के दुखों का नाश कर उसे मोक्ष की ओर अग्रसर करता है। उन्होंने आत्मदेव की कथा का संक्षिप्त वर्णन भी किया। इस दौरान श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया गया। कथा में परीक्षित के रूप में जगपतिया देवी ने श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण किया। इस अवसर पर नारायण गुप्ता, राज गुप्ता, शुभम गुप्ता और कृष्णा गुप्ता मौजूद रहे। पूर्व प्रधान इंद्रराज गुप्ता सहित गुप्ता परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।