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Chitrakoot News: मोबाइल और बैंक खातों से जोड़ी जा रहीं कड़ियां
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बेतवा एक्सप्रेस में पकड़े गए 63 लाख के मामले में आयकर की जांच तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। बेतवा एक्सप्रेस में पकड़ी गई 63 लाख की नकदी के मामले में आयकर विभाग ने जांच तेज कर दी है। विभाग अब मोबाइल रिकॉर्ड और बैंक खातों के आधार पर लेनदेन की कड़ियां जोड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार जांच में एक और व्यक्ति के नाम के सामने आने की संभावना है।
सतना से कानपुर जा रही बेतवा एक्सप्रेस में 10 अगस्त को आरपीएफ और क्राइम विंग की टीम ने बहिलपुरवा रेलवे स्टेशन के पास चेकिंग की थी। इस दौरान सतना के रसाला मोहल्ला निवासी प्रीतम दास के बैग से 63 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। पूछताछ में प्रीतम ने बताया था कि यह रकम सतना निवासी गुटखा व्यापारी संजय उर्फ संजू ने कानपुर पहुंचाने के लिए दी थी लेकिन रुपये किसे और कहां देने थे, इस बारे में वह कोई जानकारी नहीं दे सका।
आरपीएफ की सूचना पर कानपुर से आयकर टीम ने चित्रकूट पहुंचकर प्रीतम दास से करीब नौ घंटे पूछताछ की थी। संतोषजनक जवाब न मिलने पर समन देकर उसे छोड़ दिया गया था। संजय को भी समन जारी किया गया लेकिन वह अब तक आयकर अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुआ है।
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नेटवर्क का शक, एक और नाम आया सामने
आयकर अधिकारियों को शक है कि इतनी बड़ी रकम अकेले नहीं ले जाई जा रही थी, बल्कि इसके पीछे कोई नेटवर्क काम कर रहा है। मोबाइल डिटेल और बैंक खातों की जांच में एक और व्यक्ति का नाम सामने आया है। विभाग जल्द ही उसे भी शमन भेजने की तैयारी में है। प्रीतम और संजय के मोबाइल डिटेल व बैंक ट्रांजेक्शन खंगाले जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा। आरपीएफ प्रभारी राजेंद्र कुमार का कहना है कि यह मामला आयकर विभाग के पास है, वहीं कुछ बता सकते हैं।
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बेतवा एक्सप्रेस में पकड़े गए 63 लाख के मामले में आयकर की जांच तेज
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। बेतवा एक्सप्रेस में पकड़ी गई 63 लाख की नकदी के मामले में आयकर विभाग ने जांच तेज कर दी है। विभाग अब मोबाइल रिकॉर्ड और बैंक खातों के आधार पर लेनदेन की कड़ियां जोड़ रहा है। सूत्रों के अनुसार जांच में एक और व्यक्ति के नाम के सामने आने की संभावना है।
सतना से कानपुर जा रही बेतवा एक्सप्रेस में 10 अगस्त को आरपीएफ और क्राइम विंग की टीम ने बहिलपुरवा रेलवे स्टेशन के पास चेकिंग की थी। इस दौरान सतना के रसाला मोहल्ला निवासी प्रीतम दास के बैग से 63 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे। पूछताछ में प्रीतम ने बताया था कि यह रकम सतना निवासी गुटखा व्यापारी संजय उर्फ संजू ने कानपुर पहुंचाने के लिए दी थी लेकिन रुपये किसे और कहां देने थे, इस बारे में वह कोई जानकारी नहीं दे सका।
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आरपीएफ की सूचना पर कानपुर से आयकर टीम ने चित्रकूट पहुंचकर प्रीतम दास से करीब नौ घंटे पूछताछ की थी। संतोषजनक जवाब न मिलने पर समन देकर उसे छोड़ दिया गया था। संजय को भी समन जारी किया गया लेकिन वह अब तक आयकर अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुआ है।
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नेटवर्क का शक, एक और नाम आया सामने
आयकर अधिकारियों को शक है कि इतनी बड़ी रकम अकेले नहीं ले जाई जा रही थी, बल्कि इसके पीछे कोई नेटवर्क काम कर रहा है। मोबाइल डिटेल और बैंक खातों की जांच में एक और व्यक्ति का नाम सामने आया है। विभाग जल्द ही उसे भी शमन भेजने की तैयारी में है। प्रीतम और संजय के मोबाइल डिटेल व बैंक ट्रांजेक्शन खंगाले जा रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क का खुलासा होगा। आरपीएफ प्रभारी राजेंद्र कुमार का कहना है कि यह मामला आयकर विभाग के पास है, वहीं कुछ बता सकते हैं।