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Chitrakoot News: मंदाकिनी उफान पर, रामघाट में बाढ़, श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक
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फोटो न- 19 सीकेटीपी 24 रामघाट पर पहुंचा बाढ़ का पानी। संवाद
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फोटो न- 19 सीकेटीपी 24 रामघाट पर पहुंचा बाढ़ का पानी। संवाद
फोटो न- 19 सीकेटीपी 25 रामघाट पर पहुंचा बाढ़ का पानी। संवाद
फोटो 19 सीकेटीपी 26 आरोग्यधाम पुल पर बहती बाढ़। संवाद
= सात घंटे में 2.230 मीटर बढ़ा मंदाकिनी का जलस्तर, खतरे के निशान को पार कर रामघाट की मुख्य सड़क तक पहुंचा
= दोपहर बाद जलस्तर घटने पर जिला प्रशासन ने ली राहत की सांस
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। मूसलाधार बारिश से बुधवार को धर्मनगरी की मंदाकिनी नदी उफान पर आ गई। महज साज घंटे में जलस्तर 2.230 मीटर बढ़ा और खतरे के निशान को पार कर रामघाट की मुख्य सड़क तक पहुंच गया। पानी दुकानों से टकराया तो प्रशासन ने रामघाट में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी। हालांकि, दोपहर बाद जलस्तर घटने से जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली।
नदी का जलस्तर बुधवार दोपहर साढ़े बारह बजे से तेजी से बढ़ना शुरू हुआ। डेढ़ बजे खतरे के निशान 126.500 मीटर को पार कर गया। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों क्षेत्रों के प्रशासनिक अधिकारियों ने अलर्ट जारी किया। श्रद्धालुओं के रामघाट, स्फटिक शिला और जानकीकुंड के घाटों पर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। रामघाट स्थित संत तुलसीदास का मंदिर आधा डूब गया। मतगजेंद्र नाथ मंदिर, भरत मंदिर और तोतामुखी हनुमान मंदिर जाने वाले प्रमुख रास्ते भी बंद हो गए। सावन माह में आए श्रद्धालु प्रतिबंध के कारण निराश लौटे, हालांकि कुछ ने दूसरे रास्तों से जलाभिषेक किया।
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रामघाट पर दुकानें बंद
रामघाट के दुकानदार दीपू व मूलचंद्र ने बताया कि पिछले पांच दिनों से उनकी दुकानें बंद हैं। बारिश के कारण बाढ़ का खतरा बना रहता है। पिछले साल अचानक आई बाढ़ से दुकानों का सामान बह गया था। उस घटना के बाद से दुकानदार सतर्क रहते हैं और अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा देते हैं।
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वर्जन
बुधवार को मंदाकिनी का जलस्तर में ज्यादा-कम होता रहा। दोपहर को नदी लाल निशान पार कर गई थी। दोपहर बाद नदी का जलस्तर कम हो गया। - एसके प्रसाद, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
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फोटो न- 19 सीकेटीपी 25 रामघाट पर पहुंचा बाढ़ का पानी। संवाद
फोटो 19 सीकेटीपी 26 आरोग्यधाम पुल पर बहती बाढ़। संवाद
= सात घंटे में 2.230 मीटर बढ़ा मंदाकिनी का जलस्तर, खतरे के निशान को पार कर रामघाट की मुख्य सड़क तक पहुंचा
= दोपहर बाद जलस्तर घटने पर जिला प्रशासन ने ली राहत की सांस
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। मूसलाधार बारिश से बुधवार को धर्मनगरी की मंदाकिनी नदी उफान पर आ गई। महज साज घंटे में जलस्तर 2.230 मीटर बढ़ा और खतरे के निशान को पार कर रामघाट की मुख्य सड़क तक पहुंच गया। पानी दुकानों से टकराया तो प्रशासन ने रामघाट में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी। हालांकि, दोपहर बाद जलस्तर घटने से जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली।
नदी का जलस्तर बुधवार दोपहर साढ़े बारह बजे से तेजी से बढ़ना शुरू हुआ। डेढ़ बजे खतरे के निशान 126.500 मीटर को पार कर गया। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों क्षेत्रों के प्रशासनिक अधिकारियों ने अलर्ट जारी किया। श्रद्धालुओं के रामघाट, स्फटिक शिला और जानकीकुंड के घाटों पर जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया। रामघाट स्थित संत तुलसीदास का मंदिर आधा डूब गया। मतगजेंद्र नाथ मंदिर, भरत मंदिर और तोतामुखी हनुमान मंदिर जाने वाले प्रमुख रास्ते भी बंद हो गए। सावन माह में आए श्रद्धालु प्रतिबंध के कारण निराश लौटे, हालांकि कुछ ने दूसरे रास्तों से जलाभिषेक किया।
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रामघाट पर दुकानें बंद
रामघाट के दुकानदार दीपू व मूलचंद्र ने बताया कि पिछले पांच दिनों से उनकी दुकानें बंद हैं। बारिश के कारण बाढ़ का खतरा बना रहता है। पिछले साल अचानक आई बाढ़ से दुकानों का सामान बह गया था। उस घटना के बाद से दुकानदार सतर्क रहते हैं और अपना सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा देते हैं।
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वर्जन
बुधवार को मंदाकिनी का जलस्तर में ज्यादा-कम होता रहा। दोपहर को नदी लाल निशान पार कर गई थी। दोपहर बाद नदी का जलस्तर कम हो गया। - एसके प्रसाद, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग

फोटो न- 19 सीकेटीपी 24 रामघाट पर पहुंचा बाढ़ का पानी। संवाद

फोटो न- 19 सीकेटीपी 24 रामघाट पर पहुंचा बाढ़ का पानी। संवाद