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Chitrakoot News: दहेज उत्पीड़न में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 15 May 2026 12:44 AM IST
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चित्रकूट। न्यायिक मजिस्ट्रेट-प्रथम सृष्टि शुक्ला ने दहेज उत्पीड़न और मारपीट के मामले में पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए। मामले की अगली सुनवाई 30 जून को होगी और बयान दर्ज किए जाएंगे।
अर्चना देवी ने बताया कि उनकी शादी 26 फरवरी 2024 को पप्पू उर्फ लक्ष्मण से हुई थी। ससुराल वाले कम दहेज का ताना देकर सात लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग करते थे। आरोप था कि पति पप्पू, सास सुमन, ससुर रघु प्रसाद और देवर अजय कुमार ने उन्हें लगातार प्रताड़ित किया। पति ने उन्हें नौकरी छोड़ने पर मजबूर किया। बताया कि फरवरी 2025 और जून 2025 में मारपीट के कारण उनके दो बार गर्भपात हुआ। 26 अक्तूबर 2025 को ससुराल वालों ने उन्हें पीटा और घर से निकाल दिया। उन्होंने चौकी सीतापुर, कोतवाली कर्वी और पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बाद सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इस पर अदालत ने शिकायत दर्ज करने का आदेश दिया है। (संवाद)
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धोखाधड़ी में अग्रिम जमानत याचिका खारिज
चित्रकूट। सत्र न्यायाधीश शेष मणि ने धोखाधड़ी के एक मामले में दो आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। सुनवाई में आरोपी के अधिवक्ता कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। यह मामला राजापुर क्षेत्र का है।
कौशांबी के शाहपुर गांव के भालेंद्र प्रताप सिंह और अखिलेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ वर्ष 2025 में राजापुर थाने में धोखाधड़ी व आपराधिक विश्वासघात के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। अधिवक्ता ने इन आरोपियों की जमानत अर्जी कोर्ट में डाली थी पर न्यायालय में सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से डीजीसी (आपराधिक) उपस्थित थे। हालांकि, आरोपियों के वकील अदालत में मौजूद नहीं थे। अदालत ने रिकॉर्ड को संबंधित कार्यालय में भेजने का निर्देश दिया। (संवाद)
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पत्नी से मारपीट के आरोपी को अग्रिम जमानत
चित्रकूट। सत्र न्यायालय ने पत्नी से मारपीट के आरोप में आरोपी राजेश कुमार को अग्रिम जमानत दे दी है। यह फैसला सत्र न्यायाधीश शेष मणि ने सुनाया। मामला मऊ थाने का है।
मऊ थाना क्षेत्र के निवासी राजेश कुमार की पत्नी ज्योति देवी ने मऊ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि उनके पति शराब पीकर उनसे मारपीट करते थे। 31 अगस्त 2025 को शाम करीब सात बजे राजेश कुमार ने लाठी से उनके सिर पर वार कर गला दबाया और अगले दिन 1 सितंबर 2025 को सुबह पांच बजे भी मारपीट की। आरोपी कारागार में निरुद्ध है। इस मामले में आरोपी के अधिवक्ता ने कोर्ट में जमानत अर्जी डाली थी। सुनवाई में आरोपी राजेश कुमार ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि उन्हें झूठा फंसाया है। पत्नी फिसलकर गिर गई थीं। अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट पर गौर किया, जिसमें चोटों को साधारण प्रकृति का बताया गया। डॉक्टर प्रखर निगम के बयान में भी यही बात सामने आई। आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। अदालत ने आरोपी राजेश कुमार को अग्रिम जमानत दे दी। उसे 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानत पर रिहा किया जाएगा।
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तीन अभियुक्तों को 20 हजार रुपये के बंधपत्र पर जमानत
चित्रकूट। न्यायिक मजिस्ट्रेट-प्रथम सृष्टि शुक्ला ने सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव व अन्य मामले में तीन आरोपियों रिंकू साहू, जितेंद्र कुमार साहू और राजेश कुमार साहू को 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
कर्वी कोतवाली में वादी ने रिंकू साहू, जितेंद्र कुमार साहू और राजेश कुमार साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोपियों के अधिवक्ता ने बताया कि वादी के पति दुर्गा प्रसाद नशे में उनकी दुकान पर उत्पात करते थे। उधार सामान लेने के बाद रुपये मांगने पर धमकी देते थे। घटना से दो दिन पहले दुकान पर अश्लील हरकतें कीं। इसके बाद वादिनी ने शराबी पति के बहकावे में आकर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई। न्यायालय ने पाया कि अपराध सात वर्ष से अधिक कारावास से दंडनीय है। न्यायालय ने सभी की जमानत का आधार पर्याप्त माना और उनकी याचिका स्वीकार कर ली।
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अर्चना देवी ने बताया कि उनकी शादी 26 फरवरी 2024 को पप्पू उर्फ लक्ष्मण से हुई थी। ससुराल वाले कम दहेज का ताना देकर सात लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग करते थे। आरोप था कि पति पप्पू, सास सुमन, ससुर रघु प्रसाद और देवर अजय कुमार ने उन्हें लगातार प्रताड़ित किया। पति ने उन्हें नौकरी छोड़ने पर मजबूर किया। बताया कि फरवरी 2025 और जून 2025 में मारपीट के कारण उनके दो बार गर्भपात हुआ। 26 अक्तूबर 2025 को ससुराल वालों ने उन्हें पीटा और घर से निकाल दिया। उन्होंने चौकी सीतापुर, कोतवाली कर्वी और पुलिस अधीक्षक से शिकायत के बाद सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इस पर अदालत ने शिकायत दर्ज करने का आदेश दिया है। (संवाद)
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धोखाधड़ी में अग्रिम जमानत याचिका खारिज
चित्रकूट। सत्र न्यायाधीश शेष मणि ने धोखाधड़ी के एक मामले में दो आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। सुनवाई में आरोपी के अधिवक्ता कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए। यह मामला राजापुर क्षेत्र का है।
कौशांबी के शाहपुर गांव के भालेंद्र प्रताप सिंह और अखिलेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ वर्ष 2025 में राजापुर थाने में धोखाधड़ी व आपराधिक विश्वासघात के आरोप में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। अधिवक्ता ने इन आरोपियों की जमानत अर्जी कोर्ट में डाली थी पर न्यायालय में सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से डीजीसी (आपराधिक) उपस्थित थे। हालांकि, आरोपियों के वकील अदालत में मौजूद नहीं थे। अदालत ने रिकॉर्ड को संबंधित कार्यालय में भेजने का निर्देश दिया। (संवाद)
पत्नी से मारपीट के आरोपी को अग्रिम जमानत
चित्रकूट। सत्र न्यायालय ने पत्नी से मारपीट के आरोप में आरोपी राजेश कुमार को अग्रिम जमानत दे दी है। यह फैसला सत्र न्यायाधीश शेष मणि ने सुनाया। मामला मऊ थाने का है।
मऊ थाना क्षेत्र के निवासी राजेश कुमार की पत्नी ज्योति देवी ने मऊ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि उनके पति शराब पीकर उनसे मारपीट करते थे। 31 अगस्त 2025 को शाम करीब सात बजे राजेश कुमार ने लाठी से उनके सिर पर वार कर गला दबाया और अगले दिन 1 सितंबर 2025 को सुबह पांच बजे भी मारपीट की। आरोपी कारागार में निरुद्ध है। इस मामले में आरोपी के अधिवक्ता ने कोर्ट में जमानत अर्जी डाली थी। सुनवाई में आरोपी राजेश कुमार ने आरोपों से इन्कार करते हुए कहा कि उन्हें झूठा फंसाया है। पत्नी फिसलकर गिर गई थीं। अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट पर गौर किया, जिसमें चोटों को साधारण प्रकृति का बताया गया। डॉक्टर प्रखर निगम के बयान में भी यही बात सामने आई। आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। अदालत ने आरोपी राजेश कुमार को अग्रिम जमानत दे दी। उसे 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की एक जमानत पर रिहा किया जाएगा।
तीन अभियुक्तों को 20 हजार रुपये के बंधपत्र पर जमानत
चित्रकूट। न्यायिक मजिस्ट्रेट-प्रथम सृष्टि शुक्ला ने सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव व अन्य मामले में तीन आरोपियों रिंकू साहू, जितेंद्र कुमार साहू और राजेश कुमार साहू को 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र और समान धनराशि की जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
कर्वी कोतवाली में वादी ने रिंकू साहू, जितेंद्र कुमार साहू और राजेश कुमार साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोपियों के अधिवक्ता ने बताया कि वादी के पति दुर्गा प्रसाद नशे में उनकी दुकान पर उत्पात करते थे। उधार सामान लेने के बाद रुपये मांगने पर धमकी देते थे। घटना से दो दिन पहले दुकान पर अश्लील हरकतें कीं। इसके बाद वादिनी ने शराबी पति के बहकावे में आकर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई। न्यायालय ने पाया कि अपराध सात वर्ष से अधिक कारावास से दंडनीय है। न्यायालय ने सभी की जमानत का आधार पर्याप्त माना और उनकी याचिका स्वीकार कर ली।