{"_id":"69c2e6b073b366fa4a0c2401","slug":"rabi-crop-damaged-due-to-unseasonal-rain-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1001-128762-2026-03-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: बेमौसम बारिश से रबी की फसल को नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: बेमौसम बारिश से रबी की फसल को नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 25 Mar 2026 01:02 AM IST
विज्ञापन
फोटो 24 सीकेटीपी 17 खेत में कटी फसल को समेटता किसान। संवाद
विज्ञापन
चित्रकूट। जिले में पिछले सप्ताह तेज हवा के साथ हुई बेमौसम बारिश से रबी की फसल को भारी नुकसान हुआ है। चना, गेहूं और सरसों सहित अन्य फसलें प्रभावित हुई हैं। सबसे ज्यादा चना फसल को करीब पंद्रह फीसदी नुकसान होने के अनुमान है। नुकसान बाद 1046 किसानों ने फसल बीमा के तहत मुआवजे के लिए आवेदन किया है।
कृषि विभाग के अनुसार जिले में कुल 115276 हेक्टेयर में रबी की फसलें बोई गई थीं। इनमें गेहूं 60516 हेक्टेयर, चना 26012 हेक्टेयर, मटर 710 हेक्टेयर, सरसों 13760 हेक्टेयर और मसूर 5164 हेक्टेयर शामिल हैं। पिछले दिनों तेज हवा के साथ हुई बारिश से गेहूं, सरसों और मसूर की फसलों को आंशिक क्षति हुई है। कर्वी व पहाड़ी और राजापुर क्षेत्र के कई गांव मसलन पहाड़ी बुजुर्ग, नांदी, तौरा, सरधुआ और चिल्लीरासक में फसलें चौपट हुई हैं। नांदी के किसान नरेंद्र कुमार ने बताया कि पक चुकी फसलें बारिश से बर्बाद हो गईं, जिसके लिए उन्होंने मुआवजे की मांग की है। महिला किसान एगसिया ने कहा कि खेती ही उनके जीवन का सहारा है और अब आगे कैसे गुजारा होगा, यह समझ नहीं आ रहा। किसान शिवप्रेम निषाद ने एसडीएम से सर्वे व मुआवजे की मांग की है। उधर, बीमा कराने वाले 1046 किसानों ने नुकसान के मुआवजा के लिए आवेदन किया है। इनमें से 64 किसानों के खेतों का सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे का कार्य जारी है। अधिकारियों के अनुसार, 33 फीसदी से अधिक नुकसान होने पर ही शासन द्वारा सर्वे कराकर धनराशि दी जाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा के जिला समन्वयक प्रदीप शुक्ला ने भी चना की फसल में 15 फीसदी नुकसान की बात कही।
किसान बोले खरीफ की फसल ढंग से नहीं हुआ सर्वे
भारतीय किसान यूनियन के शैलेंद्र सिंह ने सर्वे प्रक्रिया पर सवाल उठाए, कहा दैवीय आपदा में ठीक से सर्वे नहीं होता। उन्होंने खरीफ की फसल का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल बीमा कराने वालों को ही नुकसान की धनराशि दी गई थी।
मौसम वैज्ञानिक की आगामी बारिश की चेतावनी
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक मनोज शर्मा ने बताया कि 28 और 29 मार्च को जिले में हल्की बारिश की संभावना है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रख लें।
Trending Videos
कृषि विभाग के अनुसार जिले में कुल 115276 हेक्टेयर में रबी की फसलें बोई गई थीं। इनमें गेहूं 60516 हेक्टेयर, चना 26012 हेक्टेयर, मटर 710 हेक्टेयर, सरसों 13760 हेक्टेयर और मसूर 5164 हेक्टेयर शामिल हैं। पिछले दिनों तेज हवा के साथ हुई बारिश से गेहूं, सरसों और मसूर की फसलों को आंशिक क्षति हुई है। कर्वी व पहाड़ी और राजापुर क्षेत्र के कई गांव मसलन पहाड़ी बुजुर्ग, नांदी, तौरा, सरधुआ और चिल्लीरासक में फसलें चौपट हुई हैं। नांदी के किसान नरेंद्र कुमार ने बताया कि पक चुकी फसलें बारिश से बर्बाद हो गईं, जिसके लिए उन्होंने मुआवजे की मांग की है। महिला किसान एगसिया ने कहा कि खेती ही उनके जीवन का सहारा है और अब आगे कैसे गुजारा होगा, यह समझ नहीं आ रहा। किसान शिवप्रेम निषाद ने एसडीएम से सर्वे व मुआवजे की मांग की है। उधर, बीमा कराने वाले 1046 किसानों ने नुकसान के मुआवजा के लिए आवेदन किया है। इनमें से 64 किसानों के खेतों का सर्वे पूरा हो चुका है। सर्वे का कार्य जारी है। अधिकारियों के अनुसार, 33 फीसदी से अधिक नुकसान होने पर ही शासन द्वारा सर्वे कराकर धनराशि दी जाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा के जिला समन्वयक प्रदीप शुक्ला ने भी चना की फसल में 15 फीसदी नुकसान की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन
किसान बोले खरीफ की फसल ढंग से नहीं हुआ सर्वे
भारतीय किसान यूनियन के शैलेंद्र सिंह ने सर्वे प्रक्रिया पर सवाल उठाए, कहा दैवीय आपदा में ठीक से सर्वे नहीं होता। उन्होंने खरीफ की फसल का उदाहरण देते हुए कहा कि केवल बीमा कराने वालों को ही नुकसान की धनराशि दी गई थी।
मौसम वैज्ञानिक की आगामी बारिश की चेतावनी
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक मनोज शर्मा ने बताया कि 28 और 29 मार्च को जिले में हल्की बारिश की संभावना है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रख लें।