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Chitrakoot News: सिलिंडरों की किल्लत ने होटल कारोबारियों की तोड़ी कमर
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 25 Mar 2026 01:05 AM IST
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फोटो 24 सीकेटीपी 10 राजेश गुप्ता। संवाद
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चित्रकूट। व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति ठप होने से होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस न मिलने के कारण उन्हें मजबूरन लकड़ी की भट्टियों पर खाना बनाना पड़ रहा है। हालांकि बढ़ती मांग से लकड़ी के दाम भी बढ़ गए हैं।
लॉकडाउन के बाद एकाएक बार फिर उपभोक्ता गैस की किल्लत से जूझ रहे हैं। एक तो व्यावसायिक गैस सिलिंडर पर पूरी तरह से पाबंदी है। जिस कारण यह सिलिंडर होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को मिल नहीं रहे हैं। जबकि 15 दिन पहले इन्हें आसानी से गैस सिलिंडर मिल जाते थे। गैस का यह संकट पश्चिमी एशिया में छिड़ी जंग के चलते आया है।
व्यावसायिक के संग घरेलू गैस सिलिंडर भी उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद हफ्तों मिल नहीं रहे हैं। रेस्टोरेंट मालिक नीरज केसरवानी बताते हैं कि व्यावसायिक गैस की किल्लत ने कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। पहले होटलों और रेस्टोरेंट में चहल-पहल रहती थी। अब वह देखने को नहीं मिल रही है। इससे व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
होटल व्यवसायी मुन्ना लाल गुप्ता का भी कुछ यही कहना है। वह कहते हैं कि व्यावसायिक सिलिंडर बंद हो गए हैं। वे मजबूरी में लकड़ी की भट्टी पर खाना पकवा रहे हैं। बच्चा धतुरहा बताते हैं कि सिलिंडर न मिलने की वजह से उन्होंने अपने कारोबार को चलाने के लिए लकड़ी का सहारा लिया लेकिन अब उसके दाम भी बढ़ गए हैं।
मांग बढ़ने से 600 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाली लकड़ी अब 700 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। सिलिंडरों की अनुपलब्धता से होटल और रेस्टोरेंट का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ग्राहकों की संख्या में कमी आई है। संचालन लागत में वृद्धि हुई है।
सिलिंडर न मिला तो जलानी पड़ेगी भट्ठी
होटल व्यवसायी ने राजेश गुप्ता बताया कि उनके यहां 10 दिन तक दो व्यावसायिक सिलिंडर चलते थे। अब सप्लाई बंद हो गई है। उनके पास सिर्फ एक सिलिंडर बचा है। यदि जल्द गैस नहीं मिली तो भट्टी जलाकर खाना बनाना पड़ेगा।
गैस किल्लत से व्यापार चौपट
रेस्टोरेंट मालिक नीरज केसरवानी ने बताया कि व्यावसायिक गैस की किल्लत ने कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। पहले जहां होटलों व रेस्टोरेंट में चहल-पहल बनी रहती थी। अब नहीं हो देखने को मिल रही है। इससे व्यापार प्रभावित हुआ है। व्यावसायिक सिलिंडर की डिलीवरी की जाए।
बोले जिम्मेदार-- -- -- --
जिलापूर्ति अधिकारी कमल नयन ने बताया कि शासन की तरफ से व्यावसायिक सिलिंडर में प्रतिबंध लगा दिया है। जिस कारण सिलिंडर नहीं आ रहे हैं। हालांकि घरेलू गैस सिलिंडर आपूर्ति में कोई किल्लत नहीं है।
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लॉकडाउन के बाद एकाएक बार फिर उपभोक्ता गैस की किल्लत से जूझ रहे हैं। एक तो व्यावसायिक गैस सिलिंडर पर पूरी तरह से पाबंदी है। जिस कारण यह सिलिंडर होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को मिल नहीं रहे हैं। जबकि 15 दिन पहले इन्हें आसानी से गैस सिलिंडर मिल जाते थे। गैस का यह संकट पश्चिमी एशिया में छिड़ी जंग के चलते आया है।
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व्यावसायिक के संग घरेलू गैस सिलिंडर भी उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद हफ्तों मिल नहीं रहे हैं। रेस्टोरेंट मालिक नीरज केसरवानी बताते हैं कि व्यावसायिक गैस की किल्लत ने कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। पहले होटलों और रेस्टोरेंट में चहल-पहल रहती थी। अब वह देखने को नहीं मिल रही है। इससे व्यापार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
होटल व्यवसायी मुन्ना लाल गुप्ता का भी कुछ यही कहना है। वह कहते हैं कि व्यावसायिक सिलिंडर बंद हो गए हैं। वे मजबूरी में लकड़ी की भट्टी पर खाना पकवा रहे हैं। बच्चा धतुरहा बताते हैं कि सिलिंडर न मिलने की वजह से उन्होंने अपने कारोबार को चलाने के लिए लकड़ी का सहारा लिया लेकिन अब उसके दाम भी बढ़ गए हैं।
मांग बढ़ने से 600 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाली लकड़ी अब 700 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। सिलिंडरों की अनुपलब्धता से होटल और रेस्टोरेंट का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ग्राहकों की संख्या में कमी आई है। संचालन लागत में वृद्धि हुई है।
सिलिंडर न मिला तो जलानी पड़ेगी भट्ठी
होटल व्यवसायी ने राजेश गुप्ता बताया कि उनके यहां 10 दिन तक दो व्यावसायिक सिलिंडर चलते थे। अब सप्लाई बंद हो गई है। उनके पास सिर्फ एक सिलिंडर बचा है। यदि जल्द गैस नहीं मिली तो भट्टी जलाकर खाना बनाना पड़ेगा।
गैस किल्लत से व्यापार चौपट
रेस्टोरेंट मालिक नीरज केसरवानी ने बताया कि व्यावसायिक गैस की किल्लत ने कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। पहले जहां होटलों व रेस्टोरेंट में चहल-पहल बनी रहती थी। अब नहीं हो देखने को मिल रही है। इससे व्यापार प्रभावित हुआ है। व्यावसायिक सिलिंडर की डिलीवरी की जाए।
बोले जिम्मेदार
जिलापूर्ति अधिकारी कमल नयन ने बताया कि शासन की तरफ से व्यावसायिक सिलिंडर में प्रतिबंध लगा दिया है। जिस कारण सिलिंडर नहीं आ रहे हैं। हालांकि घरेलू गैस सिलिंडर आपूर्ति में कोई किल्लत नहीं है।

फोटो 24 सीकेटीपी 10 राजेश गुप्ता। संवाद

फोटो 24 सीकेटीपी 10 राजेश गुप्ता। संवाद

फोटो 24 सीकेटीपी 10 राजेश गुप्ता। संवाद