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Chitrakoot News: रैपुरा पेयजल योजना से 78 गांवों के 28,925 घरों तक पहुंचेगा शुद्ध पानी
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 16 Mar 2026 12:09 AM IST
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फोटो 15सीकेटीपी 08 अगरहुडा गांव में बने जलशोधन यंत्र का निरीक्षण करते डीएम व अन्य। संवाद
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चित्रकूट। मानिकपुर ब्लॉक की निर्माणाधीन रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना के तहत जल्द ही 78 गांवों के 28,925 घरों तक शुद्ध पानी पहुंचाया जाएगा। इस योजना से गुंता डैम के पानी को अगरहुण्डा गांव में शोधित कर आपूर्ति की जाएगी।
वर्तमान में, योजना के तहत 68 ग्रामों में से 61 ग्रामों में पेयजल आपूर्ति शुरू हो चुकी है। कुल 78 ग्रामों के 28,925 घरों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाना है। इनमें रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना के 68 ग्राम और रेट्रोफिटिंग योजना के 10 ग्राम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 47 ग्रामों को हर घर जल प्रमाणीकरण भी प्राप्त हो चुका है। योजना में 28 शिरोपरि जलाशयों और 11 सीडब्ल्यूआर के माध्यम से 882.38 किमी पाइपलाइन बिछाई जा रही है।
अब तक 26 शिरोपरि जलाशयों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष दो जलाशयों को 30 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना गुंता डैम को जल स्रोत के रूप में उपयोग करती है, जहां एक इंटेक वेल का निर्माण किया गया है। गुंता डैम से कच्चा पानी अगरहुण्डा स्थित जल शोधन संयंत्र तक लाया जाता है। संयंत्र में विभिन्न प्रक्रियाओं से जल को शुद्ध किया जाता है। शुद्धिकरण के बाद, जल को ग्रामों में आपूर्ति के लिए भेजा जाता है।
-- -- -- -- - बोले जिम्मेदार-- -- --
रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना में 78 ग्रामों के 28925 घरों तक शुद्ध जलापूर्ति पहुंचाने पर काम चल रहा है। 61 ग्रामों में जलापूर्ति शुरू हो गई। शेष कार्य भी 30 अप्रैल तक पूरे कर दिए जाएंगे।
- पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी।
-- -- -- -- -- --
29 एमएलडी संयंत्र का निरीक्षण, आपूर्ति में तेजी के निर्देश
चित्रकूट। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना के 29 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने एरिएटर, फ्लैश मिक्सर, क्लैरिफ्लोक्यूलेटर, फिल्टर बेड, एमसीडब्ल्यूआर, प्रयोगशाला और स्काडा प्रणाली का अवलोकन किया।
उन्होंने गांव में शुरू की गई पेयजल आपूर्ति पर संतोष व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने संयंत्र के तकनीकी कार्यों को 30 अप्रैल तक पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही, शेष सात ग्रामों में भी इस अवधि तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति प्रारंभ करने को कहा। उन्होंने प्रधानों से पानी का अपव्यय रोकने और योजना का प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया। निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) ने योजना परिसर में पौधारोपण भी किया। (संवाद)
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वर्तमान में, योजना के तहत 68 ग्रामों में से 61 ग्रामों में पेयजल आपूर्ति शुरू हो चुकी है। कुल 78 ग्रामों के 28,925 घरों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाना है। इनमें रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना के 68 ग्राम और रेट्रोफिटिंग योजना के 10 ग्राम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 47 ग्रामों को हर घर जल प्रमाणीकरण भी प्राप्त हो चुका है। योजना में 28 शिरोपरि जलाशयों और 11 सीडब्ल्यूआर के माध्यम से 882.38 किमी पाइपलाइन बिछाई जा रही है।
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अब तक 26 शिरोपरि जलाशयों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष दो जलाशयों को 30 अप्रैल तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना गुंता डैम को जल स्रोत के रूप में उपयोग करती है, जहां एक इंटेक वेल का निर्माण किया गया है। गुंता डैम से कच्चा पानी अगरहुण्डा स्थित जल शोधन संयंत्र तक लाया जाता है। संयंत्र में विभिन्न प्रक्रियाओं से जल को शुद्ध किया जाता है। शुद्धिकरण के बाद, जल को ग्रामों में आपूर्ति के लिए भेजा जाता है।
रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना में 78 ग्रामों के 28925 घरों तक शुद्ध जलापूर्ति पहुंचाने पर काम चल रहा है। 61 ग्रामों में जलापूर्ति शुरू हो गई। शेष कार्य भी 30 अप्रैल तक पूरे कर दिए जाएंगे।
- पुलकित गर्ग, जिलाधिकारी।
29 एमएलडी संयंत्र का निरीक्षण, आपूर्ति में तेजी के निर्देश
चित्रकूट। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने रैपुरा ग्राम समूह पेयजल योजना के 29 मिलियन लीटर प्रतिदिन क्षमता वाले जल शोधन संयंत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने एरिएटर, फ्लैश मिक्सर, क्लैरिफ्लोक्यूलेटर, फिल्टर बेड, एमसीडब्ल्यूआर, प्रयोगशाला और स्काडा प्रणाली का अवलोकन किया।
उन्होंने गांव में शुरू की गई पेयजल आपूर्ति पर संतोष व्यक्त किया। जिलाधिकारी ने संयंत्र के तकनीकी कार्यों को 30 अप्रैल तक पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही, शेष सात ग्रामों में भी इस अवधि तक शुद्ध पेयजल आपूर्ति प्रारंभ करने को कहा। उन्होंने प्रधानों से पानी का अपव्यय रोकने और योजना का प्रचार-प्रसार करने का आग्रह किया। निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) ने योजना परिसर में पौधारोपण भी किया। (संवाद)