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Chitrakoot News: स्कैनर व्यवस्था खत्म, अब गर्भवतियों का होगा मैनुअल अल्ट्रासाउंड
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sat, 31 Jan 2026 11:34 PM IST
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चित्रकूट। गर्भवती महिलाओं को अब छह माह बाद मैनुअल तरीके से अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलने लगेगी। अभी तक स्कैनर के माध्यम से यह सुविधा दी जाती थी, जिसमें महिलाओं को अधिक परेशानी उठानी पड़ती थी। इस नई व्यवस्था से जरूरतमंद महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी और वे बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपनी जांच करा सकेंगी।
शासन द्वारा गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिन सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध नहीं हैं, वहां अनुबंधित निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर यह सुविधा प्रदान की जाती है। जिले में ऐसे छह निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से अनुमति प्राप्त है, जहां प्रत्येक अल्ट्रासाउंड के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 425 रुपये का भुगतान किया जाता है।
पूर्व में यह भुगतान ई-रूपी के माध्यम से होता था लेकिन तकनीकी दिक्कतों और प्रक्रिया की जटिलता के कारण कई महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस कारण कई महिलाएं मजबूरी में अपने खर्च पर जांच कराने को विवश हो जाती थीं। अब मैनुअल वाउचर व्यवस्था लागू होने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
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नई व्यवस्था से मिलेगी राहत
नई व्यवस्था के तहत, अस्पताल से महिला को तीन प्रतियों वाला एक वाउचर जारी किया जाएगा। इस वाउचर की एक प्रति डॉक्टर के पास सुरक्षित रखी जाएगी, जबकि दो प्रतियां गर्भवती महिला को दी जाएंगी। महिला को इन दो प्रतियों में से एक प्रति अल्ट्रासाउंड केंद्र पर जमा करनी होगी। दूसरी प्रति महिला के पास रहेगी, जिसके आधार पर अल्ट्रासाउंड केंद्र को भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस सरल प्रक्रिया से महिलाओं को अनावश्यक भाग-दौड़ से मुक्ति मिलेगी और वे समय पर अपनी जांच करा सकेंगी।
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ऐसे मिलेगी सुविधा :
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भावस्था के चौथे से नौवें माह में गर्भवती महिलाओं को हर महीने की एक, नौ, 16 और 24 तारीख को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त अल्ट्रासाउंड कराने के निर्देश हैं। जहां मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां अनुबंधित निजी केंद्रों पर जांच कराई जाती है। साथ ही जिला अस्पताल में भीड़ अधिक होने पर निजी केंद्रों में भेजा जाता है।
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बोले जिम्मेदार
स्कैनर व्यवस्था में कुछ बदलाव किया गया है। इससे अब मैनुअल तरीके से बाउचर दिए जाएंगे। इससे गर्भवती महिलाओं को परेशानियां नहीं होंगी और आसानी से अल्ट्रासाउंड हो जाएगा।
- डॉ. भूपेश द्विवेदी, सीएमओ।
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शासन द्वारा गर्भवती महिलाओं के लिए मुफ्त अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जिन सरकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड मशीनें उपलब्ध नहीं हैं, वहां अनुबंधित निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर यह सुविधा प्रदान की जाती है। जिले में ऐसे छह निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से अनुमति प्राप्त है, जहां प्रत्येक अल्ट्रासाउंड के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से 425 रुपये का भुगतान किया जाता है।
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पूर्व में यह भुगतान ई-रूपी के माध्यम से होता था लेकिन तकनीकी दिक्कतों और प्रक्रिया की जटिलता के कारण कई महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता था। इस कारण कई महिलाएं मजबूरी में अपने खर्च पर जांच कराने को विवश हो जाती थीं। अब मैनुअल वाउचर व्यवस्था लागू होने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।
नई व्यवस्था से मिलेगी राहत
नई व्यवस्था के तहत, अस्पताल से महिला को तीन प्रतियों वाला एक वाउचर जारी किया जाएगा। इस वाउचर की एक प्रति डॉक्टर के पास सुरक्षित रखी जाएगी, जबकि दो प्रतियां गर्भवती महिला को दी जाएंगी। महिला को इन दो प्रतियों में से एक प्रति अल्ट्रासाउंड केंद्र पर जमा करनी होगी। दूसरी प्रति महिला के पास रहेगी, जिसके आधार पर अल्ट्रासाउंड केंद्र को भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस सरल प्रक्रिया से महिलाओं को अनावश्यक भाग-दौड़ से मुक्ति मिलेगी और वे समय पर अपनी जांच करा सकेंगी।
ऐसे मिलेगी सुविधा :
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भावस्था के चौथे से नौवें माह में गर्भवती महिलाओं को हर महीने की एक, नौ, 16 और 24 तारीख को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर मुफ्त अल्ट्रासाउंड कराने के निर्देश हैं। जहां मशीन उपलब्ध नहीं है, वहां अनुबंधित निजी केंद्रों पर जांच कराई जाती है। साथ ही जिला अस्पताल में भीड़ अधिक होने पर निजी केंद्रों में भेजा जाता है।
बोले जिम्मेदार
स्कैनर व्यवस्था में कुछ बदलाव किया गया है। इससे अब मैनुअल तरीके से बाउचर दिए जाएंगे। इससे गर्भवती महिलाओं को परेशानियां नहीं होंगी और आसानी से अल्ट्रासाउंड हो जाएगा।
- डॉ. भूपेश द्विवेदी, सीएमओ।