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सौर ऊर्जा: किसानों के लिए वरदान, खेती में नई उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 26 Jan 2026 01:02 AM IST
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फोटो-25 सीकेटीपी 01-खेत में लगे सोलर पंप प्लेट का पास खड़े किसान। संवाद
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चित्रकूट। विद्युत संकट और सिंचाई की समस्याओं से जूझ रहे चित्रकूट के किसानों के लिए सौर ऊर्जा एक बड़ा बदलाव लेकर आई है। जिले के 98 किसानों ने सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप लगवाकर करीब छह सौ एकड़ भूमि पर सिंचाई शुरू कर दी है, जिससे खेती के क्षेत्र में नई उम्मीद जगी है।
पांच विकास खंडों के किसानों ने अपने खेतों में तीन, पांच, साढ़े सात और 10 किलोवाट क्षमता के सोलर पंप स्थापित किए हैं। इन पंपों की मदद से किसान अब गेहूं, धान और हरी सब्जियों जैसी विभिन्न फसलों की खेती आसानी से कर पा रहे हैं। रामनगर ब्लॉक के करीब 30 किसानों को इसका सर्वाधिक लाभ मिला है। किसानों ने शासन की कुसुम योजना के तहत इन सोलर पंपों को लगवाया है, जिसके तहत उन्हें लगभग चार करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी मिली है। इस सब्सिडी के कारण किसानों की लागत में कमी आई है और उनकी खेती अब अधिक लाभकारी साबित हो रही है।
रामपुर गांव के किसान जगजीत ने बताया कि पहले बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण सिंचाई में बड़ी बाधा आती थी और उन्हें केवल एक ही फसल पर निर्भर रहना पड़ता था। सोलर पंप लगने के बाद, अब उन्हें बिना किसी रुकावट के समय पर सिंचाई की सुविधा मिल रही है, जिससे वे अपनी फसल के चयन को लेकर अधिक आश्वस्त हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर पंपों के उपयोग से न केवल बिजली पर निर्भरता कम हुई है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
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जनपद में कुल 168 किसानों ने आवेदन किया था, जिनमें से 98 किसानों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है और सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही है।
रजनीश पांडेय, नेडा परियोजना
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पांच विकास खंडों के किसानों ने अपने खेतों में तीन, पांच, साढ़े सात और 10 किलोवाट क्षमता के सोलर पंप स्थापित किए हैं। इन पंपों की मदद से किसान अब गेहूं, धान और हरी सब्जियों जैसी विभिन्न फसलों की खेती आसानी से कर पा रहे हैं। रामनगर ब्लॉक के करीब 30 किसानों को इसका सर्वाधिक लाभ मिला है। किसानों ने शासन की कुसुम योजना के तहत इन सोलर पंपों को लगवाया है, जिसके तहत उन्हें लगभग चार करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी मिली है। इस सब्सिडी के कारण किसानों की लागत में कमी आई है और उनकी खेती अब अधिक लाभकारी साबित हो रही है।
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रामपुर गांव के किसान जगजीत ने बताया कि पहले बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण सिंचाई में बड़ी बाधा आती थी और उन्हें केवल एक ही फसल पर निर्भर रहना पड़ता था। सोलर पंप लगने के बाद, अब उन्हें बिना किसी रुकावट के समय पर सिंचाई की सुविधा मिल रही है, जिससे वे अपनी फसल के चयन को लेकर अधिक आश्वस्त हैं। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि सोलर पंपों के उपयोग से न केवल बिजली पर निर्भरता कम हुई है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
जनपद में कुल 168 किसानों ने आवेदन किया था, जिनमें से 98 किसानों को इस योजना का लाभ मिल चुका है। अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है और सौर ऊर्जा के प्रति जागरूकता फैलाई जा रही है।
रजनीश पांडेय, नेडा परियोजना
