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Chitrakoot News: खर्राटा से छुटकारा पाने को करें नाड़ी शोधन प्रणायाम
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फोटो न- 18
पतंजलि महिला समिति का योग शिविर का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। शहर के मंदाकिनी नदी किनारे स्थित सुंदरधाट परिसर में पतंजलि महिला समिति द्वारा एक विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में रात के समय आने वाले खर्राटों से निजात पाने के लिए नाड़ी शोधन प्राणायाम पर जोर दिया।
पतंजलि महिला समिति की जिला प्रभारी मंजू केसरवानी ने बताया कि नींद के दौरान आने वाले खर्राटों को अक्सर लोग एक सामान्य आदत मानकर अनदेखा कर देते हैं, जबकि यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। उन्होंने समझाया कि खर्राटों के कारण श्वास रोग नली में रुकावट का जोखिम बढ़ जाता है, जिससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इस समस्या के समाधान के लिए शिविर में नाड़ी शोधन प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। मंजू केसरवानी ने प्राणायाम करने की सरल विधि भी बताई। बताया कि योग मुद्रा में आराम से बैठें। दाहिने हाथ के अंगूठे से दाहिनी नासिका को बंद करें। बाईं नासिका से बिना किसी दबाव के, शांत भाव से श्वास लें। फिर उसी बाईं नासिका से, हल्के दबाव के साथ, धीरे-धीरे श्वास को छोड़ें। इस प्रक्रिया को पांच बार दोहराएं। इसके बाद, इसी प्रक्रिया को बाईं नासिका से भी पांच बार करें। उन्होंने बताया कि इस प्राणायाम के नियमित अभ्यास से खर्राटों की समस्या में काफी राहत मिल सकती है। शिविर में लालमनी, पद्मा सिंह, रेखा, संध्या, सुनीता, किरन और रमेश सहित कई अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
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पतंजलि महिला समिति का योग शिविर का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। शहर के मंदाकिनी नदी किनारे स्थित सुंदरधाट परिसर में पतंजलि महिला समिति द्वारा एक विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में रात के समय आने वाले खर्राटों से निजात पाने के लिए नाड़ी शोधन प्राणायाम पर जोर दिया।
पतंजलि महिला समिति की जिला प्रभारी मंजू केसरवानी ने बताया कि नींद के दौरान आने वाले खर्राटों को अक्सर लोग एक सामान्य आदत मानकर अनदेखा कर देते हैं, जबकि यह एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। उन्होंने समझाया कि खर्राटों के कारण श्वास रोग नली में रुकावट का जोखिम बढ़ जाता है, जिससे स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इस समस्या के समाधान के लिए शिविर में नाड़ी शोधन प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। मंजू केसरवानी ने प्राणायाम करने की सरल विधि भी बताई। बताया कि योग मुद्रा में आराम से बैठें। दाहिने हाथ के अंगूठे से दाहिनी नासिका को बंद करें। बाईं नासिका से बिना किसी दबाव के, शांत भाव से श्वास लें। फिर उसी बाईं नासिका से, हल्के दबाव के साथ, धीरे-धीरे श्वास को छोड़ें। इस प्रक्रिया को पांच बार दोहराएं। इसके बाद, इसी प्रक्रिया को बाईं नासिका से भी पांच बार करें। उन्होंने बताया कि इस प्राणायाम के नियमित अभ्यास से खर्राटों की समस्या में काफी राहत मिल सकती है। शिविर में लालमनी, पद्मा सिंह, रेखा, संध्या, सुनीता, किरन और रमेश सहित कई अन्य सदस्य भी मौजूद रहे।
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