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कोषागार घोटाला: एसआईटी ने कसा शिकंजा, सात नए बिचौलियों की तलाश में दबिश
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Thu, 29 Jan 2026 12:06 AM IST
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चित्रकूट। कोषागार में हुए 43.13 करोड़ रुपये के बहुचर्चित घोटाले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच का दायरा लगातार बढ़ रहा है। एसआईटी ने अब तक नौ बिचौलियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जिनमें से कई आपस में रिश्तेदार भी बताए जा रहे हैं। ताजा जांच में छह से सात नए बिचौलियों के नाम सामने आए हैं, जिन्हें पकड़ने के लिए एसआईटी की टीमें लगातार छापा मार रही है। वहीं, चिह्नित बिचौलिए गिरफ्तारी से बचने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
कोषागार में हुए इस बड़े घोटाले का खुलासा तब हुआ जब पेंशनरों के खातों में एरियर मद के नाम पर भुगतान की गई धनराशि में से बिचौलियों के माध्यम से एक बड़ा हिस्सा निकाल लिया गया। कोषागार कर्मचारियों की मिलीभगत से यह खेल खेला जा रहा था। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद एसआईटी ने जब विवेचना शुरू की तो इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ।
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नौ बिचौलिये जेल में, आठ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
एसआईटी ने अब तक नौ बिचौलियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इनमें से आठ के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। हाल ही में एक और बिचौलिए की गिरफ्तारी हुई है। एसआईटी की जांच में अब करीब छह से सात नए बिचौलियों के नाम सामने आए हैं। इनमें सोमवार को गिरफ्तार किए गए बिचौलिए हनुवा निवासी देव कुमार उर्फ बोग्गन त्रिपाठी का भाई रितेश उर्फ मुन्नू त्रिपाठी भी शामिल है।
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गिरफ्तारी से बचने की जुगत में बिचौलिये
एसआईटी की टीमें इन नए चिह्नित बिचौलियों को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। दूसरी ओर, जिन बिचौलियों के नाम सामने आए हैं, वे गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट और संबंधित अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ तो जिला छोड़कर भागने की फिराक में हैं लेकिन बचना उनके लिए मुश्किल होगा।
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कोषागार में हुए इस बड़े घोटाले का खुलासा तब हुआ जब पेंशनरों के खातों में एरियर मद के नाम पर भुगतान की गई धनराशि में से बिचौलियों के माध्यम से एक बड़ा हिस्सा निकाल लिया गया। कोषागार कर्मचारियों की मिलीभगत से यह खेल खेला जा रहा था। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद एसआईटी ने जब विवेचना शुरू की तो इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश हुआ।
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नौ बिचौलिये जेल में, आठ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
एसआईटी ने अब तक नौ बिचौलियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इनमें से आठ के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। हाल ही में एक और बिचौलिए की गिरफ्तारी हुई है। एसआईटी की जांच में अब करीब छह से सात नए बिचौलियों के नाम सामने आए हैं। इनमें सोमवार को गिरफ्तार किए गए बिचौलिए हनुवा निवासी देव कुमार उर्फ बोग्गन त्रिपाठी का भाई रितेश उर्फ मुन्नू त्रिपाठी भी शामिल है।
गिरफ्तारी से बचने की जुगत में बिचौलिये
एसआईटी की टीमें इन नए चिह्नित बिचौलियों को पकड़ने के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। दूसरी ओर, जिन बिचौलियों के नाम सामने आए हैं, वे गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट और संबंधित अधिकारियों से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ तो जिला छोड़कर भागने की फिराक में हैं लेकिन बचना उनके लिए मुश्किल होगा।