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Deoria News: मेडिकल काॅलेज में युवक के पेट से निकाला सात सेमी लंबा अपशिष्ट
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देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा राज्य चिकित्सा महाविद्यालय के शल्य चिकित्सा विभाग के ऑपरेशन थियेटर में सोमवार को एक युवक के पेट का ऑपरेशन हुआ।
इसमें सात सेमी लंबा पत्थर जैसा एक अपशिष्ट निकाला गया। युवक को दर्द की शिकायत के बाद मेडिकल काॅलेज में जांच कर भर्ती किया गया था।
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्वेता पाठक की ओपीडी में मरीज शुभम 30 वर्ष ने पेट में दाहिने तरफ दर्द होने की शिकायत की थी। इसके बाद डॉक्टर ने उसका परीक्षण किया। जांच में लगभग 7 सेमी का एक दाहिना यूरेटरिक कैलकुलस पाया गया। पत्थर के बड़े आकार और स्वतः समाप्त होने की कम संभावना के कारण, डॉक्टर ने आपरेशन की योजना बनाई। रोगी ने स्पाइनल एनेस्थीसिया के तहत ओपन यूरेटेरोलिथोटॉमी किया। प्रक्रिया के दौरान, यूरेटर का अन्वेषण किया गया और बड़े कैलकुलस को सफलतापूर्वक हटा दिया गया। हेमोस्टेसिस हासिल किया गया और यूरेटर की मरम्मत मानक शल्य चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार की गई।
यह कठिन सर्जरी डॉ. श्वेता पाठक (असिस्टेंट प्रोफेसर) द्वारा की गई थी। सर्जरी टीम में डॉ. उर्वशी (एसआर), सिस्टर सुमन, दीप, नेहा शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. कृष्णा (एसआर), डॉ. पवित्र (जूनियर) और ओटी स्टाफ ने सहयोग किया। प्राचार्य प्रो. रजनी पटेल ने सफल आपरेशन के लिए मेडिकल टीम को बधाई दी है।
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इसमें सात सेमी लंबा पत्थर जैसा एक अपशिष्ट निकाला गया। युवक को दर्द की शिकायत के बाद मेडिकल काॅलेज में जांच कर भर्ती किया गया था।
असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. श्वेता पाठक की ओपीडी में मरीज शुभम 30 वर्ष ने पेट में दाहिने तरफ दर्द होने की शिकायत की थी। इसके बाद डॉक्टर ने उसका परीक्षण किया। जांच में लगभग 7 सेमी का एक दाहिना यूरेटरिक कैलकुलस पाया गया। पत्थर के बड़े आकार और स्वतः समाप्त होने की कम संभावना के कारण, डॉक्टर ने आपरेशन की योजना बनाई। रोगी ने स्पाइनल एनेस्थीसिया के तहत ओपन यूरेटेरोलिथोटॉमी किया। प्रक्रिया के दौरान, यूरेटर का अन्वेषण किया गया और बड़े कैलकुलस को सफलतापूर्वक हटा दिया गया। हेमोस्टेसिस हासिल किया गया और यूरेटर की मरम्मत मानक शल्य चिकित्सा प्रोटोकॉल के अनुसार की गई।
यह कठिन सर्जरी डॉ. श्वेता पाठक (असिस्टेंट प्रोफेसर) द्वारा की गई थी। सर्जरी टीम में डॉ. उर्वशी (एसआर), सिस्टर सुमन, दीप, नेहा शामिल रहे। एनेस्थीसिया टीम में डॉ. कृष्णा (एसआर), डॉ. पवित्र (जूनियर) और ओटी स्टाफ ने सहयोग किया। प्राचार्य प्रो. रजनी पटेल ने सफल आपरेशन के लिए मेडिकल टीम को बधाई दी है।
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