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Deoria News: मोमोज की लत में किशोर ने मां के साथ दादी की तिजोरी भी कर दिया खाली

संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Wed, 04 Feb 2026 12:29 AM IST
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A teenager addicted to momos emptied his mother's and grandmother's safe.
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रामपुर कारखाना। मोमोज खाने की लत ने एक किशोर को ऐसा रास्ता दिखाया कि उसने अपने ही परिवार की तिजोरी खाली कर दी। मामला रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के भगवानपुर तिवारी गांव का है, जहां पुजारी के बेटे ने एक वर्ष के भीतर धीरे-धीरे करके मां, दादी और दो बुआ के करीब 85 लाख रुपये के जेवर दुकानदारों को दे दिए। घटना का खुलासा होने के बाद पुलिस किशोर समेत एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
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जानकारी के अनुसार, किशोर को मोमोज खाने की आदत लग गई थी। शुरुआत में उसने अपनी मां की अलमारी में रखे जेवर एक-एक कर निकालकर दुकानदारों को देना शुरू किया। इसके बदले वह मोमोज और अन्य सामान लेता रहा। कुछ समय बाद दुकानदारों ने उससे और जेवर लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया।
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परिजनों के मुताबिक किशोर की दो बुआ ने अपने जेवर सुरक्षित रखने के लिए अपनी मां यानी किशोर की दादी की बॉक्स में रख दिए थे। दुकानदारों की धमकी से डरे किशोर ने दादी के बॉक्स में लगे ताले की चाबी बनवा ली। इसके बाद उसने दादी और दोनों बुआ के जेवरात भी निकालकर आरोपियों को देना शुरू कर दिया। करीब एक वर्ष में उसने परिवार के सभी जेवर दुकानदारों तक पहुंचा दिए। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक बुआ के घर किसी कार्यक्रम का आयोजन था। वह अपने जेवर लेने के लिए अपनी मां के पास पहुंची तो बॉक्स खाली मिला। इसके बाद परिवार के लोगों ने किशोर से पूछताछ की, जिसमें पूरा मामला सामने आ गया। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और किशोर समेत एक दुकानदार को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।
रामपुर कारखाना थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जेवरात कहां और किन लोगों को दिए गए, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घर में माता-पिता को देना होगा अधिक समय
आज के समाज मेंं इंटनरेट, मोबाइल और फिल्मों की वजह से युवाओं में फैशन और दिखावे का चलन बढ़ गया है। अच्छे कपड़े,पहनावा, बाहर में पार्टी करना, लेटेस्ट मोबाइल रखना आदि प्रवृत्तियों देन घर में चोरी करने की प्रवृत्तियों को बढ़ाया है। क्योंकि अभी भी हमारे यहां पार्ट टाइम रोजगार नहीं के बराबर हैं। पश्चिमी देशों के युवा अपने से पार्ट टाइम जाब करके यह शौक पूरा करते हैं। घर में चोरी की प्रवृत्ति पर विराम लगाने के लिए घर में माता पिता को अधिक समय देना होगा।
- डॉ. राजेश कुमार गुप्ता, समाजशास्त्री, प्राचार्य, दीनानाथ पांडेय महिला महाविद्यालय, देवरिया
बच्चों के सामने न करें रुपये से जुड़ी बातें
लोगों की इच्छाएं असीमित हो गई हैं। इसके लिए लोग चोरी भी करने लगे हैं। आज के बच्चों में रुपये की वैल्यू पता नहीं होती है। यह पहले होती थी। पहले अभिभावक समझाते थे कि रुपये मेहनत से आता है। उसे सही जगह खर्च करना चाहिए। घर में माता-पिता बच्चों के सामने रुपये और कीमती सामान रखते हैं। इसके बारे में बच्चों के सामने डिस्कस करते हैं। इससे बचने के लिए बच्चों को रुपये की कीमत का अहसास करवाना चाहिए। उनके सामने रुपये से जुड़ी बातों पर चर्चा नहीं करें। बच्चों को जरूरत और इच्छा का अंतर बताएं।
-डॉ. तूलिका पांडेय, मनोविज्ञानी, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसवीपीजी काॅलेज देवरिया
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