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Deoria News: हड़ताल पर रहे बैंक कर्मचारी, करीब 300 करोड़ का कारोबार हुआ प्रभावित
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देवरिया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर मंगलवार को जिले भर में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में हड़ताल रही। अधिकारियों और कर्मचारियों ने सुभाष चौक पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया। बैंक बंद होने से खातेदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नकद निकासी, जमा, चेक क्लियरेंस, ऋण स्वीकृति सहित सभी प्रकार के बैंकिंग कार्य प्रभावित रहे। इससे करीब 300 करोड़ का लेन देन प्रभावित होने का अनुमान है।
यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन (एआईबीईए से संबद्ध) के जिला मंत्री रैश्री प्रसाद ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की लगातार अनदेखी किए जाने के विरोध में यह हड़ताल की गई है। सरकार ने पांच दिन बैकिंग लागू करने की सहमति दी थी, लेकिन अब भी इस पर कार्रवाई नहीं हो रही है। जबकि देश के अधिकांश केंद्रीय संस्थानों में पांच दिवसीय कार्यप्रणाली लागू हो चुकी है। बैंक कर्मियों को अभी भी दो शनिवार को काम करना पड़ रहा है।
हड़ताल के कारण जिले में करीब 300 करोड़ रुपये के बैंकिंग लेन-देन पर असर पड़ा है। कई शाखाओं के बाहर उपभोक्ता सुबह से ही पहुंचे, लेकिन बैंक बंद मिलने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। विशेष रूप से पेंशनधारकों, व्यापारियों और ग्रामीण क्षेत्रों से आए खाताधारकों को अधिक दिक्कतें उठानी पड़ीं। धरना-प्रदर्शन में नवनीत कुमार उपाध्याय, सुजीत चतुर्वेदी, सतेंद्र यादव, कुलदीप शाह, जितेंद्र मिश्र, राजेश, सौरभ, शिवानंद, रत्नाकर मणि, प्रवीण शुक्ला, हर्ष रंजन, संदीप, अभय, अनिल, मोहित, सुदर्शन प्रसाद, अरुण कुमार सिंह, मनोज विश्वकर्मा, पुनीत कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं सरकार की होगी।
ग्रामीण बैंक के कर्मचारी भी हड़ताल में रहे शामिल
देवरिया। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हड़ताल में ग्रामीण बैंक के कर्मचारी भी शामिल रहे। इस हड़ताल के कारण ग्रामीण बैंक की 59 शाखाओं में कामकाज पूरी तरह बाधित रहा। हड़ताल कर रहे बैंककर्मियों का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग सेवा की मांग मार्च 2024 से भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग के पास लंबित है। बार-बार आश्वासन के बावजूद अभी तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे बैंक कर्मियों में भारी रोष है। प्रदर्शन के अंत में प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रधानमंत्री और सचिव, वित्तीय सेवा विभाग के नाम, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री गौरव कुमार सिंह को सौंपा। नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मार्च 2024 से लंबित उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस दौरान उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के जिला महासचिव शिव देव दुबे, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक सेवानिवृत्ति कार्मिक कल्याण समिति के अध्यक्ष रवींद्र सिंह, सचिव अशोक मिश्रा, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक एम्प्लॉइज यूनियन के महासचिव दीपक पांडे, राम प्रवेश मौर्या, हृदयानंद मिश्र, हरिशंकर मौर्य, सूरज तिवारी, अमरेश कुमार, रोहित वर्मा, अमित चौबे, रिजवान आलम, विनोद पासवान, तुलसी नारायण कुशवाहा, मुकेश सिंह, कुंदन कुमार, राहुल गुप्ता, सिद्धार्थ श्रीवास्तव, संजय गुप्ता, शशांक उपाध्याय सहित भारी संख्या में बैंक कर्मी मौजूद रहे।
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यूपी बैंक इम्प्लाइज यूनियन (एआईबीईए से संबद्ध) के जिला मंत्री रैश्री प्रसाद ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की लगातार अनदेखी किए जाने के विरोध में यह हड़ताल की गई है। सरकार ने पांच दिन बैकिंग लागू करने की सहमति दी थी, लेकिन अब भी इस पर कार्रवाई नहीं हो रही है। जबकि देश के अधिकांश केंद्रीय संस्थानों में पांच दिवसीय कार्यप्रणाली लागू हो चुकी है। बैंक कर्मियों को अभी भी दो शनिवार को काम करना पड़ रहा है।
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हड़ताल के कारण जिले में करीब 300 करोड़ रुपये के बैंकिंग लेन-देन पर असर पड़ा है। कई शाखाओं के बाहर उपभोक्ता सुबह से ही पहुंचे, लेकिन बैंक बंद मिलने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। विशेष रूप से पेंशनधारकों, व्यापारियों और ग्रामीण क्षेत्रों से आए खाताधारकों को अधिक दिक्कतें उठानी पड़ीं। धरना-प्रदर्शन में नवनीत कुमार उपाध्याय, सुजीत चतुर्वेदी, सतेंद्र यादव, कुलदीप शाह, जितेंद्र मिश्र, राजेश, सौरभ, शिवानंद, रत्नाकर मणि, प्रवीण शुक्ला, हर्ष रंजन, संदीप, अभय, अनिल, मोहित, सुदर्शन प्रसाद, अरुण कुमार सिंह, मनोज विश्वकर्मा, पुनीत कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और व्यापक किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं सरकार की होगी।
ग्रामीण बैंक के कर्मचारी भी हड़ताल में रहे शामिल
देवरिया। सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की हड़ताल में ग्रामीण बैंक के कर्मचारी भी शामिल रहे। इस हड़ताल के कारण ग्रामीण बैंक की 59 शाखाओं में कामकाज पूरी तरह बाधित रहा। हड़ताल कर रहे बैंककर्मियों का कहना है कि पांच दिवसीय बैंकिंग सेवा की मांग मार्च 2024 से भारत सरकार के वित्तीय सेवा विभाग के पास लंबित है। बार-बार आश्वासन के बावजूद अभी तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे बैंक कर्मियों में भारी रोष है। प्रदर्शन के अंत में प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रधानमंत्री और सचिव, वित्तीय सेवा विभाग के नाम, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री गौरव कुमार सिंह को सौंपा। नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि मार्च 2024 से लंबित उनकी मांगों पर जल्द ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन और भी उग्र रूप धारण करेगा जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस दौरान उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के जिला महासचिव शिव देव दुबे, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक सेवानिवृत्ति कार्मिक कल्याण समिति के अध्यक्ष रवींद्र सिंह, सचिव अशोक मिश्रा, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक एम्प्लॉइज यूनियन के महासचिव दीपक पांडे, राम प्रवेश मौर्या, हृदयानंद मिश्र, हरिशंकर मौर्य, सूरज तिवारी, अमरेश कुमार, रोहित वर्मा, अमित चौबे, रिजवान आलम, विनोद पासवान, तुलसी नारायण कुशवाहा, मुकेश सिंह, कुंदन कुमार, राहुल गुप्ता, सिद्धार्थ श्रीवास्तव, संजय गुप्ता, शशांक उपाध्याय सहित भारी संख्या में बैंक कर्मी मौजूद रहे।
