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Deoria News: श्रीराम जन्म की कथा सुनकर भाव विभोर हुए श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 26 Mar 2026 11:40 PM IST
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शाहपुर। भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के पेंडारी गांव में चल रही संगीतमयी श्रीराम कथा के चौथे दिन बुधवार की रात कथा वाचक पं. राकेश शास्त्री ने राम जन्म की कथा सुनाई। इसे सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। पूरा पंडाल प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
कथावाचक ने कहा कि जब अयोध्या में भगवान राम का जन्म होने वाला था, तब समस्त अयोध्या नगरी में शुभ शगुन होने लगे। भगवान राम का जन्म होने पर अयोध्या नगरी में खुशी का माहौल हो गया। चारों ओर मंगल गीत गूंजने लगे। उन्होंने कहा भगवान राम ने पृथ्वी लोक पर आकर धर्म की स्थापना की। उनका जन्म असुरों और पापियों का नाश करने के लिए हुआ था। भगवान राम ने बाल्यावस्था से ही असुरों का नाश शुरू कर दिया। संसार में जितने भी असुर उत्पन्न हुए सभी ने ईश्वर के अस्तित्व को नकार दिया और स्वयं भगवान बनने का ढोंग करने लगे, लेकिन जब ईश्वर ने अपनी सत्ता की एक झलक दिखाई तो सभी धरा से ही समाप्त हो गए। उन्होंने कहा मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन चरित्र अनंत सदियों तक चलता रहेगा। रामकथा में पिता, मां और भाई के प्रति प्रभु राम का जो स्नेह रहा, वह सदा के लिए अमर है। इसी दौरान कथावाचक ने भगवान श्रीराम का बाल्य स्वरूप भगवान श्रीराम को अपने गोद में लेकर मंगल गीत सुनाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान मुख्य यजमान अर्जुन यादव, रामपाल यादव, मुनीराम यादव, शिवपूजन, बसई आदि मौजूद रहे।
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कथावाचक ने कहा कि जब अयोध्या में भगवान राम का जन्म होने वाला था, तब समस्त अयोध्या नगरी में शुभ शगुन होने लगे। भगवान राम का जन्म होने पर अयोध्या नगरी में खुशी का माहौल हो गया। चारों ओर मंगल गीत गूंजने लगे। उन्होंने कहा भगवान राम ने पृथ्वी लोक पर आकर धर्म की स्थापना की। उनका जन्म असुरों और पापियों का नाश करने के लिए हुआ था। भगवान राम ने बाल्यावस्था से ही असुरों का नाश शुरू कर दिया। संसार में जितने भी असुर उत्पन्न हुए सभी ने ईश्वर के अस्तित्व को नकार दिया और स्वयं भगवान बनने का ढोंग करने लगे, लेकिन जब ईश्वर ने अपनी सत्ता की एक झलक दिखाई तो सभी धरा से ही समाप्त हो गए। उन्होंने कहा मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन चरित्र अनंत सदियों तक चलता रहेगा। रामकथा में पिता, मां और भाई के प्रति प्रभु राम का जो स्नेह रहा, वह सदा के लिए अमर है। इसी दौरान कथावाचक ने भगवान श्रीराम का बाल्य स्वरूप भगवान श्रीराम को अपने गोद में लेकर मंगल गीत सुनाकर लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान मुख्य यजमान अर्जुन यादव, रामपाल यादव, मुनीराम यादव, शिवपूजन, बसई आदि मौजूद रहे।
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