{"_id":"69b86f6a62cdedf1cc0a96b1","slug":"eight-months-later-the-mystery-of-death-remains-unsolved-viscera-report-awaited-deoria-news-c-208-1-deo1035-177118-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: आठ महीने बाद भी मौत का राज बरकरार, खुलासा को बिसरा रिपोर्ट का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: आठ महीने बाद भी मौत का राज बरकरार, खुलासा को बिसरा रिपोर्ट का इंतजार
विज्ञापन
विज्ञापन
तरकुलवा। थाना क्षेत्र में आठ महीने के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में दो अलग-अलग गांवों में हुई मौतों का कारण अब तक पता नहीं चला है। पुलिस इन दोनों मामलों की गुत्थी सुलझाने में असफल रही है। अंतिम नतीजे के लिए अब बिसरा जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव निवासी डीजे संचालक हीरालाल शर्मा उर्फ बिकाऊ (30) की बीते साल 9 अगस्त की रात को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसका शव अगले दिन सुबह गांव के पश्चिम एक निजी विद्यालय के पास धान के खेत में मिला था। जबकि उसकी बाइक बगल में खड़ंजा मार्ग पर खड़ी पाई गई। इस मामले में पत्नी नीतू की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों पर हत्या करके दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण नहीं चल पाया था, जिससे पुलिस बिसरा सुरक्षित कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया था। लेकिन आठ महीने बाद भी बिसरा जांच रिपोर्ट के नहीं आने से जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। उधर, इस मामले को लेकर परिजनों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर असंतोष व्याप्त है। मृतक के पिता केदार शर्मा और पत्नी नीतू का आरोप है कि बार-बार पुलिस घर आती है, बयान दर्ज करती है लेकिन अभी तक इस घटना की सच्चाई सामने नहीं आई है। जो पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है ।
उधर, बरवा सेमरा गांव की है, जहां 19 सितंबर की शाम को राजू यादव की मासूम बेटी प्रियंका यादव (7) घर से कुछ दूरी पर शिव मंदिर परिसर में सहेलियों के साथ लुका छिपी खेल रही थी और रहस्यमय तरीके से लापता हो गई। अगले दिन सुबह उसका शव बगल के एक गन्ने के खेत में क्षत-विक्षत अवस्था में बरामद हुआ था। इसके पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया था, जिससे बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेज दिया गया था। लेकिन इतने लंबे इंतजार के बाद भी अभी बिसरा जांच रिपोर्ट पुलिस को नहीं मिल पाई है। जिससे इस मौतों के राज से पर्दा उठाना पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है।
थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बिसरा रिपोर्ट तैयार है, लेकिन अभी पुलिस को नहीं मिल पाया है। दो से तीन दिन में बिसरा रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद दोनों घटनाओं का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
Trending Videos
थाना क्षेत्र के बंजरिया गांव निवासी डीजे संचालक हीरालाल शर्मा उर्फ बिकाऊ (30) की बीते साल 9 अगस्त की रात को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसका शव अगले दिन सुबह गांव के पश्चिम एक निजी विद्यालय के पास धान के खेत में मिला था। जबकि उसकी बाइक बगल में खड़ंजा मार्ग पर खड़ी पाई गई। इस मामले में पत्नी नीतू की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात लोगों पर हत्या करके दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का स्पष्ट कारण नहीं चल पाया था, जिससे पुलिस बिसरा सुरक्षित कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया था। लेकिन आठ महीने बाद भी बिसरा जांच रिपोर्ट के नहीं आने से जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। उधर, इस मामले को लेकर परिजनों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर असंतोष व्याप्त है। मृतक के पिता केदार शर्मा और पत्नी नीतू का आरोप है कि बार-बार पुलिस घर आती है, बयान दर्ज करती है लेकिन अभी तक इस घटना की सच्चाई सामने नहीं आई है। जो पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है ।
विज्ञापन
विज्ञापन
उधर, बरवा सेमरा गांव की है, जहां 19 सितंबर की शाम को राजू यादव की मासूम बेटी प्रियंका यादव (7) घर से कुछ दूरी पर शिव मंदिर परिसर में सहेलियों के साथ लुका छिपी खेल रही थी और रहस्यमय तरीके से लापता हो गई। अगले दिन सुबह उसका शव बगल के एक गन्ने के खेत में क्षत-विक्षत अवस्था में बरामद हुआ था। इसके पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया था, जिससे बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेज दिया गया था। लेकिन इतने लंबे इंतजार के बाद भी अभी बिसरा जांच रिपोर्ट पुलिस को नहीं मिल पाई है। जिससे इस मौतों के राज से पर्दा उठाना पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है।
थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बिसरा रिपोर्ट तैयार है, लेकिन अभी पुलिस को नहीं मिल पाया है। दो से तीन दिन में बिसरा रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है। इसके बाद दोनों घटनाओं का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।