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High Court : बीएसए को प्रबंध समिति के अस्तित्व पर टिप्पणी का कानूनी अधिकार नहीं, यह है पूरा मामला

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 19 Mar 2026 02:06 PM IST
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सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बीएसए को किसी शिक्षण संस्थान की प्रबंध समिति के अस्तित्व पर टिप्पणी का कानूनी अधिकार नहीं है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने देवरिया के कृषक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिसई की प्रबंध समिति की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की।

BSA has no legal right to comment on the existence of the management committee
अदालत का आदेश - फोटो : istock
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विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि बीएसए को किसी शिक्षण संस्थान की प्रबंध समिति के अस्तित्व पर टिप्पणी का कानूनी अधिकार नहीं है। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने देवरिया के कृषक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सिसई की प्रबंध समिति की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की। याची संस्था का आरोप था कि बीएसए की ओर से जनवरी 2026 को एक आदेश पारित किया गया। उसमें समिति के अस्तित्व पर सवाल उठाते हुए शिक्षकों के वेतन भुगतान के लिए ‘सिंगल ऑपरेशन’का निर्देश दिया गया था। इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी।

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याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि विद्यालय में नए चुनाव संपन्न हो चुके हैं। संबंधित कागजात निर्णय के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक एवं क्षेत्रीय स्तर की समिति को भेजे जा चुके हैं, वहां अभी फैसला लंबित है। ऐसे में बीएसए की ओर से अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर प्रबंध समिति के अस्तित्व पर टिप्पणी करना वैधानिक रूप से गलत है। कोर्ट को यह भी बताया गया कि विपक्षी शिक्षक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत सेवा समाप्ति का प्रस्ताव पारित कर दिया गया है, जो वर्तमान में सक्षम अधिकारी के विचाराधीन है।
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कोर्ट ने समस्त तथ्यों पर विचार करने के बाद निर्देश दिया कि प्रबंध समिति के चुनाव से संबंधित लंबित कागजातों पर बीएसए या क्षेत्रीय समिति 15 दिन में अंतिम निर्णय ले। साथ ही शिक्षकों की सेवा समाप्ति के प्रस्ताव पर भी संबंधित पक्षों को सुनकर तीन सप्ताह में फैसला करने का आदेश दिया गया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों का वेतन भुगतान सेवा समाप्ति के प्रस्ताव पर आने वाले अंतिम परिणाम के अधीन होगा। यदि कार्यवाहक प्रधानाचार्य के माध्यम से समिति की ओर से वेतन बिल भेजे जाते हैं तो सिंगल ऑपरेशन की कोई आवश्यकता नहीं होगी। 

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