Prayagraj : वाराणसी व मिर्जापुर रोड पर होगा पीडीए की सीमा का विस्तार, बैठक में हुए कई अहम फैसले
जिले में विकास का दायरा अब और विस्तार लेने जा रहा है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) 18 साल बाद अपनी सीमा का विस्तार करने जा रहा है।
विस्तार
जिले में विकास का दायरा अब और विस्तार लेने जा रहा है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) 18 साल बाद अपनी सीमा का विस्तार करने जा रहा है। बुधवार को पीडीए बोर्ड की बैठक में सीमा विस्तार के बारे में परीक्षण कर नियमानुसार कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए गए। मंडलायुक्त कार्यालय के गांधी सभागार में पीडीए की अध्यक्ष व मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के नेतृत्व में हुई बोर्ड की बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 2519 करोड़ 79 लाख 27 हजार रुपये प्रारंभिक अवशेष सहित कुल आय व 2156 करोड़ 46 लाख 50 हजार के कुल व्यय के प्रस्तावित बजट का अनुमोनदन किया गया। साथ ही कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी हुए।
चर्चा हुई कि वर्ष 2008 के बाद से पीडीए का सीमा विस्तार नहीं हुआ है, जबकि नगर निगम अपनी सीमा का विस्तार कर चुका है। आमतौर पर पीडीए की सीमा नगर निगम के मुकाबले पांच से छह किलोमीटर आगे रहती है, लेकिन सीमा विस्तार न होने से पीडीए काफी पीछे रह गया है। तय हुआ कि पीडीए की सीमा का विस्तार भी होना चाहिए। 18 साल में काफी विकास हुआ है।
वाराणसी रोड और मिर्जापुर रोड पर मुख्य मार्गों पर बहुत आगे तक प्लॉटिंग कराई जा रही है, लेकिन यह क्षेत्र पीडीए की सीमा से बाहर है। पीडीए के अफसरों ने कहा कि वाराणसी रोड पर भदोही के आसपास तक और मिर्जापुर रोड पर टोंस नदी तक पीडीए का सीमा विस्तार होना चाहिए। इस पर मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि इसका परीक्षण कर लिया जाए और नियमानुसार कार्रवाई शुरू की जाए।
पीडीए का लैंड बैंक भी काफी कम है, जिसकी वजह से आवासीय योजनाएं शुरू नहीं हो पा रही हैं। निर्णय लिया गया कि सेवानिवृत्त प्रशासनिक कर्मचारियों की एक टीम तैयार की जाए और उन्हें लैंड बैंक बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी जाए। वाराणसी विकास प्राधिकरण में इसी तर्ज पर काम किया जा रहा है। बैठक में डीएम मनीष कुमार वर्मा, पीडीए उपाध्यक्ष ऋषि राज, नगर आयुक्त सीलम साईं तेजा, पीडीए सचिव अजीत सिंह, आवास एवं विकास परिषद के अधीक्षण अभियंता एमएच इकबाल, अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन व शासन से नामित सदस्य राजेंद्र मिश्र, रणजीत सिंह, कमलेश कुमार उपस्थित रहे।
प्रयागराज विकास प्राधिकरण की विभिन्न आवासीय योजनाओं में रिक्त फ्लैट अब सस्ते होंगे। शासन की ओर से 25 दिसंबर 2025 को लागू विकास प्राधिकरणों एवं आवास विकास परिषद की संपत्तियों की कास्टिंग के लिए आदर्श कास्टिंग गाइड लाइन (मूलभूत सिद्धांत) 2025 के प्रावधानों को अंगीकार किया गया। आदर्श कास्टिंग गाइड लाइन में कई तरह की छूट दिए जाने का प्रावधान है। ऐसे में पीडीए के रिक्त पड़े पुराने फ्लैट अब सस्ते हो जाएंगे।
पीडीए तैयार करेगा आर्किटेक्ट का पैनल
पीडीए उपाध्यक्ष ऋषि राज ने बताया कि पीडीए अब अपने आर्किटेक्ट का पैनल तैयार करेगा। चौराहों की डिजाइन कैसी होनी चाहिए, सौंदर्यीकरण के लिए और क्या किया जा सकता है, फ्लैट आदि की डिजाइन के बारे में आर्किटेक्ट के पैनल से सलाह ली जाएगी और नई योजना पर काम शुरू किया जाएगा।
पीडीए नहीं लेगा दो फीसदी कंटीजेंसी, हनुमान मंदिर पर करेगा खर्च
कुंभ के तहत लेटे हनुमान मंदिर के सौंदर्यीकारण का कार्य कराया गया था। इसके लिए पीडीए को दो फीसदी कंटीजेंसी की धनराशि दी जानी है। पीडीए ने तय किया है कि वह दो फीसदी कंटीजेंसी धनराशि नहीं लेगा और इस धनराशि को हनुमान मंदिर से जुड़े कार्यों पर खर्च करेगा।
मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण एवं नई शहर प्रोत्साहन योजना के तहत प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर चर्चा की गई।
प्रयागराज महायोजना-2031 (पुनरीक्षित) में कुछ विसंगतियों के संशोधन संबंधी प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान करते हुए शासन को प्रेषित किए जाने के निर्देश दिए गए।
पीडीए की विभिन्न परियोजनाओं के अनुश्रवण, कार्यान्वयन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और विभिन्न विभागों/एजेंसियों के मध्य समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से एक प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट/एसेंसी के चयन के प्रस्ताव पर स्वीकृति प्रदान की गई।
पीडीए में आउट सोर्सिंग के माध्यम से कार्मिकों की आपूर्ति किए जाने संबंधी प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई।
पीडीए के क्षेत्र में स्थित अर्बन सीलिंग भूमि एवं इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की जमीनों का लैंड ऑडिट, पीसीएस मैनेजमेंट कंसल्टेंसी से कराए गए गए कार्यों का अवलोकन किया गया और प्रस्तुत प्रस्ताव अनुमोदित किया गया।
शासन द्वारा समय-समय पर नियोजन के संबंध में जारी शासनादेश, पॉलिसी एवं बाईलॉज को अवलोकित/अंगीकृत किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।
महाकुंभ-2025 के आयोजन के मद्देनजर शासन से वित्त पोषित एवं महाकुंभ-2025 के अंतर्गत सौंदर्यीकरण संबंधी व्यय मद, नगरीय अवस्थापना विकास निधि व स्मार्ट सिटी से वित्त पोषित कार्यों के तहत पीडीए द्वारा कराए गए कार्यों का अवलोकन किया गया।
हाईकोर्ट चौराहा (न्यायविद हनुमान जी चौराहा) के पुनर्विकास के कार्य के लिए व्यय धनराशि को स्मार्ट सिटी को वापस करने का औचित्य नहीं पाया गया।
शासन द्वारा विकास प्राधिकरणों के लिए मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधि और मॉडल जोनिंग रेगुलेशंस-2025 (04 जुलाई 2025) को परिचालन के माध्यम से बोर्ड द्वारा अंगीकृत किए जाने की पुष्टि की गई।