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High Court : निष्पक्षता से समझौता नहीं, भर्ती परीक्षा रद्द करने का फैसला सही, सभी 224 याचिकाएं खारिज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 19 Mar 2026 01:05 PM IST
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सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी भी परीक्षा में निष्पक्षता से समझौता नहीं किया जा सकता। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा-2025 के परिणाम को निरस्त करने के फैसले को सही ठहराते हुए कुमारी लक्ष्मी समेत 224 अभ्यर्थियों की याचिकाएं खारिज कर दीं।
अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि किसी भी परीक्षा में निष्पक्षता से समझौता नहीं किया जा सकता। इस टिप्पणी संग न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकल पीठ ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा-2025 के परिणाम को निरस्त करने के फैसले को सही ठहराते हुए कुमारी लक्ष्मी समेत 224 अभ्यर्थियों की याचिकाएं खारिज कर दीं। कहा कि केवल लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित होना अंतिम चयन नहीं माना जा सकता। क्योंकि, साक्षात्कार अभी बाकी था।
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कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को किसी त्रुटिपूर्ण और संदिग्ध परीक्षा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। जांच में सामने आया कि प्रश्नपत्र लीक होने से सीमित संख्या में अभ्यर्थियों को लाभ मिला था, जो पूरी परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।
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910 पदों पर भर्ती के लिए अप्रैल 2025 में दो दिन 52 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के तुरंत बाद पेपर लीक के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई। एसटीएफ जांच में गड़बड़ी की पुष्टि होने के बाद परीक्षा रद्द करने की सिफारिश की गई। कोर्ट ने कहा कि अभ्यर्थियों को नए सिरे से होने वाली लिखित परीक्षा में भाग लेने का अवसर मिलेगा, जिसका कार्यक्रम पहले ही जारी किया जा चुका है।