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Deoria News: लोक निर्माण विभाग बैकफुट पर, पहली कंपनी ही लगवाएगी पीपा पुल
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 18 Jun 2026 12:32 AM IST
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लार। हाईकोर्ट में करीब छह माह से चुरिया गांव के सामने पीपा पुल लगाने का मामला विचारधीन था। इसके बाद से पुल लगाने का कार्य अधर में लटक गया था। हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए लोक निर्माण विभाग देवरिया के अधीक्षण अभियंता जैनू राम को तलब किया। इसके बाद विभाग बैकफुट पर आकर याचिकाकर्ता की पुरानी बीड स्वीकार कर नया टेंडर रद्द कर दिया।
अब पहले जिस कंपनी को टेंडर मिला था, वही कार्य कराएगी। सब कुछ ठीक रहा तो पुल नवंबर के पहले सप्ताह में लग कर तैयार हो जाएगा। इसके बाद से किसानों को नदी उस पार दियारा क्षेत्र में कृषि कार्य करने आने जाने में सहूलियत मिलेगी।
ब्लाक के चुरिया, महाल मंझरिया, नदौली, बलिया जिले के हल्दी रामपुर, बिहार के गुठनी क्षेत्र के कई गांवों के किसानों की करीब दस हजार एक्कड़ से अधिक की भूमि सरयू नदी के उस पार दियारा क्षेत्र में है। जिस पर किसान खेती करते हैं। सबसे अधिक चुनौती का कार्य नदी उस पार जाकर फसल की बुआई और पकने के बाद कटाई कर ढुलाई कर घर को लाना होता है। किसान जान जोखिम में डाल नदी के रास्ते ही ट्रैक्टर और कंबाइन मशीन कड़ी मशक्कत के बाद लेकर पहुंचते हैं। इस दौरान कई बार हादसे के शिकार भी हो जाते हैं। इसे देखते हुए नदी पर पीपा पुल लगवाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने जनवरी माह में टेंडर आमंत्रित कर निविदा निकाली। जिसमे मां शारदा कंस्ट्रक्शन ग्रुप को कार्य कराने का टेंडर मिला। 2 जनवरी को फाइनेंशियल बिड भी खुल गई थी।इसी बीच लोक निर्माण विभाग ने 6 जनवरी को टेंडर प्रक्रिया को रद्द कर नया टेंडर निकाल दिया। जिसके बाद कोर्ट ने स्टे लगा दिया। टेंडर निरस्त के खिलाफ मां शारदा कंस्ट्रक्शन ग्रुप ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दिया। इस दौरान करीब छह माह तक मामला विचारधीन रहा। इधर अपना गला फंसता देख लोक निर्माण विभाग ने पहले किए टेंडर को स्वीकार कर लिया है। अब यह कंपनी चुरिया गांव के सामने पीपा पुल लगवाने का कार्य करेगी। इसकी जानकारी किसानों को मिली तो वह खुशी से झूम उठे। उनका कहना है की अब पुल लग जाने के बाद खेती करने में सहूलियत मिलेगी। अब जान जोखिम में डाल नहीं आना जाना पड़ेगा।
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मामला सुलझ गया है। मां शारदा कंस्ट्रक्शन ग्रुप को कार्य कराना है। फिलहाल जून के बाद पांटून हटा दिया जाता है। सरयू का जलस्तर कम होने पर पुल लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा।
- संतोष यादव, जेई लोक निर्माण विभाग देवरिया
अब पहले जिस कंपनी को टेंडर मिला था, वही कार्य कराएगी। सब कुछ ठीक रहा तो पुल नवंबर के पहले सप्ताह में लग कर तैयार हो जाएगा। इसके बाद से किसानों को नदी उस पार दियारा क्षेत्र में कृषि कार्य करने आने जाने में सहूलियत मिलेगी।
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ब्लाक के चुरिया, महाल मंझरिया, नदौली, बलिया जिले के हल्दी रामपुर, बिहार के गुठनी क्षेत्र के कई गांवों के किसानों की करीब दस हजार एक्कड़ से अधिक की भूमि सरयू नदी के उस पार दियारा क्षेत्र में है। जिस पर किसान खेती करते हैं। सबसे अधिक चुनौती का कार्य नदी उस पार जाकर फसल की बुआई और पकने के बाद कटाई कर ढुलाई कर घर को लाना होता है। किसान जान जोखिम में डाल नदी के रास्ते ही ट्रैक्टर और कंबाइन मशीन कड़ी मशक्कत के बाद लेकर पहुंचते हैं। इस दौरान कई बार हादसे के शिकार भी हो जाते हैं। इसे देखते हुए नदी पर पीपा पुल लगवाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने जनवरी माह में टेंडर आमंत्रित कर निविदा निकाली। जिसमे मां शारदा कंस्ट्रक्शन ग्रुप को कार्य कराने का टेंडर मिला। 2 जनवरी को फाइनेंशियल बिड भी खुल गई थी।इसी बीच लोक निर्माण विभाग ने 6 जनवरी को टेंडर प्रक्रिया को रद्द कर नया टेंडर निकाल दिया। जिसके बाद कोर्ट ने स्टे लगा दिया। टेंडर निरस्त के खिलाफ मां शारदा कंस्ट्रक्शन ग्रुप ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दिया। इस दौरान करीब छह माह तक मामला विचारधीन रहा। इधर अपना गला फंसता देख लोक निर्माण विभाग ने पहले किए टेंडर को स्वीकार कर लिया है। अब यह कंपनी चुरिया गांव के सामने पीपा पुल लगवाने का कार्य करेगी। इसकी जानकारी किसानों को मिली तो वह खुशी से झूम उठे। उनका कहना है की अब पुल लग जाने के बाद खेती करने में सहूलियत मिलेगी। अब जान जोखिम में डाल नहीं आना जाना पड़ेगा।
मामला सुलझ गया है। मां शारदा कंस्ट्रक्शन ग्रुप को कार्य कराना है। फिलहाल जून के बाद पांटून हटा दिया जाता है। सरयू का जलस्तर कम होने पर पुल लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा।
- संतोष यादव, जेई लोक निर्माण विभाग देवरिया