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Deoria News: घाटे के डर से शाम के साथ नहीं चलतीं रोडवेज बसें, सफर दुश्वार
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देवरिया। गोरखपुर-देवरिया और देवरिया-सलेमपुर मार्ग को छोड़कर जिले के अन्य मार्गों पर शाम 5 बजे के बाद रोडवेज या अनुबंधित बसें नहीं चलती हैं। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोडवेज प्रबंधन इसके पीछे घाटे को मुख्य वजह मान रहा है। जबकि बसें नहीं चलने से यात्रियों को दोहरा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
देवरिया डिपो से विभिन्न रूटों पर 80 बसों का संचालन किया जाता है। इसके अलावा 143 अनुबंधित बसें भी संचालित होती हैं। बसों के संचलन की जो समय सारिणी बनाई गई है उसमें देवरिया-गोरखपुर एवं देवरिया-सलेमपुर मार्ग को छोड़कर अन्य प्रमुख मार्गों देवरिया-कसया, देवरिया-पकहां, देवरिया-हेतिमपुर, देवरिया-हाटा, देवरिया-रुद्रपुर, देवरिया-बरहज एवं देवरिया-भागलपुर आदि पर शाम पांच बजे के बाद एक भी बस का संचालन नहीं किया जाता है।
विभिन्न कार्यों से जिला मुख्यालय आए लोगों को शाम पांच बजे के बाद अपने घरों को लौटना मुश्किल हो जाता है। उन्हें बस नहीं मिलने की दशा में ऑटो, जीप, टैंपो आदि का सहारा लेना पड़ता है। इसके लिए उन्हें अधिक रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
देवरिया-कसया जैसे मुख्य मार्ग पर टैंपो से यात्रा करना भी जोखिम भरा होता है। आए दिन ओवरस्पीड और ओवरलोड की वजह से टैंपो सड़क पर पलट जाते हैं, इससे हादसे भी होते हैं। शाम 5 बजे के बाद ट्रेन से देवरिया आने वालों को हर दिन इस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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विभिन्न कार्यों से जिला मुख्यालय आए लोगों को शाम पांच बजे के बाद अपने घरों को लौटना मुश्किल हो जाता है। उन्हें बस नहीं मिलने की दशा में ऑटो, जीप, टैंपो आदि का सहारा लेना पड़ता है। इसके लिए उन्हें अधिक रुपये खर्च करने पड़ते हैं।
देवरिया-कसया जैसे मुख्य मार्ग पर टैंपो से यात्रा करना भी जोखिम भरा होता है। आए दिन ओवरस्पीड और ओवरलोड की वजह से टैंपो सड़क पर पलट जाते हैं, इससे हादसे भी होते हैं। शाम 5 बजे के बाद ट्रेन से देवरिया आने वालों को हर दिन इस तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।