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Deoria News: आठ दिन बाद शिवानंद का शव पहुंचा गांव, हर आंख नम
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 18 Jun 2026 12:14 AM IST
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एंबुलेंस के आगे बैठे शिवानंद के परिजन पत्नी और बच्चे
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पैकौली। ओमान में अमेरिकी बम हमले में जान गंवाने वाले शिवानंद चौरसिया का शव मंगलवार को आठ दिन बाद पैतृक गांव सुरौली पहुंचते ही कोहराम मच गया। परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों और आसपास के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
10 जून को ओमान के समुद्री क्षेत्र में पानी के जहाज पर अमेरिकी बम हमले में शिवानंद मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलने के बाद से परिवार शव के इंतजार में दिन-रात आंखें बिछाए बैठा था। भारतीय दूतावास और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद आठवें दिन उसका शव गांव पहुंच सका।
शव पहुंचते ही पिता रामजी चौरसिया, मां कलावती देवी, पत्नी सुशीला देवी और छोटे भाई रामप्रवेश चौरसिया बेसुध होकर रोने लगे। परिजनों की दहाड़ देखकर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
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गांव में शोक की लहर दौड़ गई और अधिकतर घरों में चूल्हे नहीं जले। ग्रामीणों ने शिवानंद को मेहनती युवक बताते हुए परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा सरकार से उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की। शिवानंद के घर नेताओं के पहुंचने का सिलसिला भी जारी रहा।
10 जून को ओमान के समुद्री क्षेत्र में पानी के जहाज पर अमेरिकी बम हमले में शिवानंद मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलने के बाद से परिवार शव के इंतजार में दिन-रात आंखें बिछाए बैठा था। भारतीय दूतावास और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद आठवें दिन उसका शव गांव पहुंच सका।
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शव पहुंचते ही पिता रामजी चौरसिया, मां कलावती देवी, पत्नी सुशीला देवी और छोटे भाई रामप्रवेश चौरसिया बेसुध होकर रोने लगे। परिजनों की दहाड़ देखकर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
गांव में शोक की लहर दौड़ गई और अधिकतर घरों में चूल्हे नहीं जले। ग्रामीणों ने शिवानंद को मेहनती युवक बताते हुए परिवार को आर्थिक सहायता देने तथा सरकार से उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की। शिवानंद के घर नेताओं के पहुंचने का सिलसिला भी जारी रहा।