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Deoria News: बिना अवकाश लिए दो दिन से जिले से बाहर हैं आरोपी बीएसए
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देवरिया। अनुदानित स्कूल के शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की खुदकुशी के मामले में आरोपी बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव लगातार दो दिन से बिना अवकाश लिए ही जिला मुख्यालय से बाहर हैं।
हैरानी की बात यह है कि न तो उनके कार्यालय से किसी को उनके ठिकाने की जानकारी है और न ही यह स्पष्ट है कि उनके अनुपस्थित रहने की स्थिति में विभागीय कार्यों का प्रभार किसे सौंपा गया है।
शिक्षक के आत्महत्या प्रकरण में डीएम के स्तर से एक जांच टीम गठित थी, जिसकी अध्यक्षता सीडीओ राजेश कुमार सिंह कर रहे थे। वहीं दूसरी टीम शासन स्तर से गठित थी। दोनों टीमों ने घटना के अगले दिन ही सोमवार को बीएसए कार्यालय पहुंचकर प्रकरण की जांच की। जिला स्तरीय जांच टीम ने प्रथम दृष्टया मामले को लंबित रखने के लिए बीएसए को दोषी मानते हुए निलंबित करने की संस्तुति की है। वहीं शासन स्तर से गठित टीम ने भी अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। हालांकि, इसके बाद भी अब तक मामले में कार्रवाई नहीं हो पाई है। वहीं बीएसए शालिनी श्रीवास्तव मंगलवार से ही कार्यालय नहीं जा रही हैं। उनके इस प्रकरण में अग्रिम जमानत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने की चर्चा है। हालांकि मंगलवार की शाम तक उन्होंने जिले से बाहर रहने के बावजूद अपना चार्ज किसी को नहीं दिया था।
जबकि विभागीय नियम है कि जिला मुख्यालय छोड़ने पर सामान्य प्रशासनिक कामकाज के लिए सदर ब्लॉक या किसी वरिष्ठ खंड शिक्षाधिकारी को चार्ज देना होता है। एडी बेसिक गोरखपुर संगीता सिंह ने बताया कि उन्हें बीएसए के मंगलवार को जिले से बाहर होने की जानकारी थी, लेकिन वे बुधवार को भी दफ्तर नहीं पहुंचीं हैं, इसकी जानकारी नहीं है।
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हैरानी की बात यह है कि न तो उनके कार्यालय से किसी को उनके ठिकाने की जानकारी है और न ही यह स्पष्ट है कि उनके अनुपस्थित रहने की स्थिति में विभागीय कार्यों का प्रभार किसे सौंपा गया है।
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शिक्षक के आत्महत्या प्रकरण में डीएम के स्तर से एक जांच टीम गठित थी, जिसकी अध्यक्षता सीडीओ राजेश कुमार सिंह कर रहे थे। वहीं दूसरी टीम शासन स्तर से गठित थी। दोनों टीमों ने घटना के अगले दिन ही सोमवार को बीएसए कार्यालय पहुंचकर प्रकरण की जांच की। जिला स्तरीय जांच टीम ने प्रथम दृष्टया मामले को लंबित रखने के लिए बीएसए को दोषी मानते हुए निलंबित करने की संस्तुति की है। वहीं शासन स्तर से गठित टीम ने भी अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। हालांकि, इसके बाद भी अब तक मामले में कार्रवाई नहीं हो पाई है। वहीं बीएसए शालिनी श्रीवास्तव मंगलवार से ही कार्यालय नहीं जा रही हैं। उनके इस प्रकरण में अग्रिम जमानत के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट जाने की चर्चा है। हालांकि मंगलवार की शाम तक उन्होंने जिले से बाहर रहने के बावजूद अपना चार्ज किसी को नहीं दिया था।
जबकि विभागीय नियम है कि जिला मुख्यालय छोड़ने पर सामान्य प्रशासनिक कामकाज के लिए सदर ब्लॉक या किसी वरिष्ठ खंड शिक्षाधिकारी को चार्ज देना होता है। एडी बेसिक गोरखपुर संगीता सिंह ने बताया कि उन्हें बीएसए के मंगलवार को जिले से बाहर होने की जानकारी थी, लेकिन वे बुधवार को भी दफ्तर नहीं पहुंचीं हैं, इसकी जानकारी नहीं है।
