पड़री बाजार। पड़री बाजार क्षेत्र के गायत्री शक्तिपीठ घुसरी मिश्र में चल रहे 24 कुंडीय गायत्री महायज्ञ एवं प्रज्ञा पुराण कथा में बुधवार को शांतिकुंज हरिद्वार से आईं उषा शर्मा ने प्रज्ञा पुराण कथा का रसपान कराते हुए कहा कि प्रज्ञा पुराण कथा में 18 पुराणों का सार है। धार्मिक, नैतिक, अध्यात्मिक कथाओं से मनुष्य का नैतिक उत्थान होता है। प्रज्ञा पुराण के चार खंड है। प्रथम खंड लोक कल्याण जिज्ञासा प्रकरण से शुरू होता है। यह प्राणी को आत्मबोध कराता है। द्वितीय खंड मानव जीवन को स्वार्थ से उठकर परमार्थ के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है। तृतीय खंड में परिवार निर्माण नारी जागरण शिशु निर्माण बसुधैव कुटुंबकम का पाठ पढ़ाया जाता है । चतुर्थ खंड में भारतीय संस्कृति के जागरण का संदेश है।
यहां गाय के लिए पहली एवं कुत्ते के लिए आखिरी रोटी निकाली जाती है। यहां चीटियों के लिए आटा एवं पक्षियों के लिए दाना डालने का कार्य किया जाता है। दूर दूर से आए भक्तों ने 24 कुंडीय हवन एवं पूजन किया। इस दौरान शक्ति पीठ के संरक्षक दरोगा मिश्र, चन्द्रशेखर मिश्र, बीडी, मिश्र, कमल प्रसाद, मुदित मिश्र, विनय मिश्र, प्रिंयबदा मिश्र, तेजनारायन मिश्र, विजयबहादुर मिश्र, हरिओम मिश्र, सुमित मिश्र आदि मौजूद रहे।
कमेंट
कमेंट X