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Deoria News: एमसीएच विंग के वार्ड में ही खुलेगा प्रसूता का बैंक खाता
Sat, 01 Aug 2026 12:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 01 Aug 2026 12:09 AM IST
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देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज मैं प्रसूता का खाता कॉलेज प्रशासन खुलवायेगा। इस खाते में जननी सुरक्षा योजना की रकम भेजी जाएगी। खाता खोलने के लिए बैंक के कर्मचारी खुद वार्ड में आएंगे।
महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के अस्पताल में प्रतिमाह औसतन 550 बच्चों का जन्म सामान्य और सिजेरियन विधि से होता है।
इन प्रसूताओं को सरकार प्रसव पर प्रोत्साहन राशि देती है। ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूता को 1400 रुपए और शहरी क्षेत्र की प्रसूता को 1000 रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा अन्य मद में कुल मिलाकर प्रति प्रसव 6000 रुपये का सरकारी सहयोग मिलता है। यह धनराशि सीधे प्रसूता के खाते में स्थानांतरित की जाती है।
मेडिकल कॉलेज में होने वाले प्रसव में से 50-60 प्रसूता के बैंक खाते नहीं होते हैं। इससे कॉलेज प्रशासन के खाते में धनराशि नहीं भेज पता है। यह पोर्टल पर पेंडिंग दिखाई देता है।
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इसको ध्यान में रखते हुए बैंक खाता से वंचित प्रसूता का खाता वार्ड में ही खुलवाने का निर्णय मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने लिया है।
इसके लिए बैंक खाता नहीं रखने वाली प्रसूताओं की सूची कॉलेज परिसर में स्थित भारतीय स्टेट बैंक को भेजी जाएगी। बैंक के कर्मचारी सीधे वार्ड में पहुंचकर प्रसूता के आवश्यक कागजात लेकर खाता खोलने के फॉर्म भर लेंगे। इसके बाद उनका खाता खोल दिया जाएगा।
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महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के अस्पताल में प्रतिमाह औसतन 550 बच्चों का जन्म सामान्य और सिजेरियन विधि से होता है।
इन प्रसूताओं को सरकार प्रसव पर प्रोत्साहन राशि देती है। ग्रामीण क्षेत्र की प्रसूता को 1400 रुपए और शहरी क्षेत्र की प्रसूता को 1000 रुपये दिए जाते हैं। इसके अलावा अन्य मद में कुल मिलाकर प्रति प्रसव 6000 रुपये का सरकारी सहयोग मिलता है। यह धनराशि सीधे प्रसूता के खाते में स्थानांतरित की जाती है।
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मेडिकल कॉलेज में होने वाले प्रसव में से 50-60 प्रसूता के बैंक खाते नहीं होते हैं। इससे कॉलेज प्रशासन के खाते में धनराशि नहीं भेज पता है। यह पोर्टल पर पेंडिंग दिखाई देता है।
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इसको ध्यान में रखते हुए बैंक खाता से वंचित प्रसूता का खाता वार्ड में ही खुलवाने का निर्णय मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने लिया है।
इसके लिए बैंक खाता नहीं रखने वाली प्रसूताओं की सूची कॉलेज परिसर में स्थित भारतीय स्टेट बैंक को भेजी जाएगी। बैंक के कर्मचारी सीधे वार्ड में पहुंचकर प्रसूता के आवश्यक कागजात लेकर खाता खोलने के फॉर्म भर लेंगे। इसके बाद उनका खाता खोल दिया जाएगा।