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Etah News: बेटियों के लिए बचत की बयार, 84 हजार से ज्यादा खाते खुले
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एटा। बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर लोगों में जागरूकता लगातार बढ़ रही है। इसका असर सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खोले जा रहे खातों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
साल 2024 की तुलना में 2025 में लगभग डेढ़ गुना लोगों ने डाकघरों में अपनी बेटियों के नाम खाते खुलवाए। एटा और कासगंज में अब तक 84,657 सुकन्या समृद्धि खाते खोले जा चुके हैं।
बढ़ती महंगाई और बेटी के भविष्य की जरूरतों के लिए निवेश की चिंता ने बचत के रास्तों की ओर कदम बढ़ाए हैं। बेटी का जन्म होने के बाद माता-पिता उसकी उच्च शिक्षा और कोचिंग आदि के खर्च के लिए सुकन्या समृद्धि योजना को सहारा बना रहे हैं। एटा और कासगंज जिले के डाकघरों में लगातार बढ़ रही खातों की संख्या लोगों के बदलते नजरिये की तस्वीर पेश कर रही है।
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जिला पूर्ति कार्यालय के अनुसार, एटा में लगभग 1,79,960 और कासगंज जिले में 1,62,307 को मिलाकर 3,42,267 लोग निम्न मध्यम वर्ग में शामिल हैं। डाक विभाग के मंडल में एटा और कासगंज जिलों की रिपोर्ट के अनुसार अभी तक 84,657 लोगों ने सुकन्या समृद्धि खाते खुलवाए हैं, जो योजना के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाते हैं।
यानी जिले में गरीब और मध्यम वर्ग के लगभग 25 फीसदी लोग इस योजना का लाभ ले रहे हैं। डाकघर में हर वर्ष नए खातों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
डाकघर अधीक्षक विजयवीर सिंह यादव ने बताया कि योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचने के साथ लोगों का रुझान बढ़ा है। पहले जहां अभिभावक बेटियों के भविष्य की आर्थिक जरूरतों को लेकर चिंतित रहते थे। वहीं अब छोटी उम्र से ही बचत की शुरुआत कर रहे हैं।
खातों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि जिले में बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने को लेकर सोच में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।
साल 2024 की तुलना में 2025 में लगभग डेढ़ गुना लोगों ने डाकघरों में अपनी बेटियों के नाम खाते खुलवाए। एटा और कासगंज में अब तक 84,657 सुकन्या समृद्धि खाते खोले जा चुके हैं।
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बढ़ती महंगाई और बेटी के भविष्य की जरूरतों के लिए निवेश की चिंता ने बचत के रास्तों की ओर कदम बढ़ाए हैं। बेटी का जन्म होने के बाद माता-पिता उसकी उच्च शिक्षा और कोचिंग आदि के खर्च के लिए सुकन्या समृद्धि योजना को सहारा बना रहे हैं। एटा और कासगंज जिले के डाकघरों में लगातार बढ़ रही खातों की संख्या लोगों के बदलते नजरिये की तस्वीर पेश कर रही है।
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जिला पूर्ति कार्यालय के अनुसार, एटा में लगभग 1,79,960 और कासगंज जिले में 1,62,307 को मिलाकर 3,42,267 लोग निम्न मध्यम वर्ग में शामिल हैं। डाक विभाग के मंडल में एटा और कासगंज जिलों की रिपोर्ट के अनुसार अभी तक 84,657 लोगों ने सुकन्या समृद्धि खाते खुलवाए हैं, जो योजना के प्रति बढ़ते रुझान को दर्शाते हैं।
यानी जिले में गरीब और मध्यम वर्ग के लगभग 25 फीसदी लोग इस योजना का लाभ ले रहे हैं। डाकघर में हर वर्ष नए खातों की संख्या में इजाफा हो रहा है।
डाकघर अधीक्षक विजयवीर सिंह यादव ने बताया कि योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचने के साथ लोगों का रुझान बढ़ा है। पहले जहां अभिभावक बेटियों के भविष्य की आर्थिक जरूरतों को लेकर चिंतित रहते थे। वहीं अब छोटी उम्र से ही बचत की शुरुआत कर रहे हैं।
खातों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि जिले में बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने को लेकर सोच में सकारात्मक बदलाव आ रहा है।