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Etah News: कमर्शियल सिलिंडर की महंगाई के साथ चढ़े कोयला-लकड़ी के दाम
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 04 May 2026 12:04 AM IST
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जीटी रोड पर स्थित एक ढाबे पर कमर्शियल सिलिंडर महंगा होने पर लकडियों का चूल्हे पर चावल पकते हु
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एटा। कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब बाजार में साफ दिखने लगा है। सिलिंडर महंगा होते ही कोयला और लकड़ी के दामों में अचानक तेजी आ गई है। ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों ने ढाबा, होटल और भट्ठियों के संचालन पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। व्यापारी कहते हैं कि गैस के बाद कोयला-लकड़ी का महंगा होना उनके लिए दोहरी मार साबित हो रहा है।
जिले में कोयला तीन रुपये प्रति किलो और लकड़ी दो रुपये प्रति किलो महंगी कर दी गई है। पहले कोयला 17 रुपये प्रतिकिलो था जो कि अब 20 रुपये पहुंच गया है। वहीं लकड़ी की कीमत 8 से बढ़कर 10 रुपये प्रतिकिलो हो गई है। कारोबारियों का कहना है कि खपत बढ़ने से आगे भी दामों में इजाफा संभव है। लकड़ी व्यापारी प्रमोद कुमार ने बताया कि लागत और मांग बढ़ने के कारण फिलहाल दो रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है लेकिन स्टॉक की स्थिति और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने पर कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।
दूसरी ओर ढाबा संचालक बढ़ती लागत से परेशान हैं। ढाबा संचालक बंटी सिंह का कहना है कि गैस, कोयला व लकड़ी तीनों ही ईंधन महंगे होने से उनके लिए पुराने रेट पर काम चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि दाल व अन्य सभी व्यंजनों की कीमत कम से कम 10 रुपये बढ़ानी पड़ेगी। गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं किया जा सकता इसलिए मजबूरी में कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं। ईंधन बाजार में आई इस तेजी का असर आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं की जेब पर और अधिक पड़ सकता है।
वहीं होटल व ढाबा संचालकों का कहना है कि अगर स्थिति ऐसी ही रही तो खाने-पीने की चीजों के दामों में और उछाल देखना पड़ सकता है। मारहरा ढाबा संचालक सुमित का कहा कि महंगाई बढ़ती जा रही है एक दिन में ही कमर्शियल सिलिंडर पर इतने रुपये बढ़ा दिए कभी सोचा भी नहीं था। अब लकड़ी व कोयला के दामों में बढ़ोत्तरी हो गई है। जिससे अब इसका असर हमारे साथ ग्राहकों की भी जेब पर पड़ेगा।
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सिलिंडर के दाम बढ़ते ही कोयला व लकड़ी के दाम बढ़ने लगे है। जिसका असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। मंगलवार मेन्यू में बढ़ोत्तरी की तैयारी है। दाल, पनीर आदि सब्जियों पर बढ़ोत्तरी की जाएगी। -धर्मेंद्र कुमार, ढाबा संचालक
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कमर्शियल सिलिंडर के दाम बढ़े तो हमने भट्टियों से काम चलाया लेकिन अब लकड़ी और कोयला भी महंगे हो गए। मजबूरी में मेन्यू के रेट बढ़ाने पड़ रहे हैं क्योंकि क्वालिटी से समझौता नहीं कर सकते। -संतोष सिंह, ढाबा स्वामी
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जिले में कोयला तीन रुपये प्रति किलो और लकड़ी दो रुपये प्रति किलो महंगी कर दी गई है। पहले कोयला 17 रुपये प्रतिकिलो था जो कि अब 20 रुपये पहुंच गया है। वहीं लकड़ी की कीमत 8 से बढ़कर 10 रुपये प्रतिकिलो हो गई है। कारोबारियों का कहना है कि खपत बढ़ने से आगे भी दामों में इजाफा संभव है। लकड़ी व्यापारी प्रमोद कुमार ने बताया कि लागत और मांग बढ़ने के कारण फिलहाल दो रुपये की बढ़ोत्तरी की गई है लेकिन स्टॉक की स्थिति और ट्रांसपोर्ट खर्च बढ़ने पर कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।
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दूसरी ओर ढाबा संचालक बढ़ती लागत से परेशान हैं। ढाबा संचालक बंटी सिंह का कहना है कि गैस, कोयला व लकड़ी तीनों ही ईंधन महंगे होने से उनके लिए पुराने रेट पर काम चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि दाल व अन्य सभी व्यंजनों की कीमत कम से कम 10 रुपये बढ़ानी पड़ेगी। गुणवत्ता के साथ समझौता नहीं किया जा सकता इसलिए मजबूरी में कीमतें बढ़ानी पड़ रही हैं। ईंधन बाजार में आई इस तेजी का असर आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं की जेब पर और अधिक पड़ सकता है।
वहीं होटल व ढाबा संचालकों का कहना है कि अगर स्थिति ऐसी ही रही तो खाने-पीने की चीजों के दामों में और उछाल देखना पड़ सकता है। मारहरा ढाबा संचालक सुमित का कहा कि महंगाई बढ़ती जा रही है एक दिन में ही कमर्शियल सिलिंडर पर इतने रुपये बढ़ा दिए कभी सोचा भी नहीं था। अब लकड़ी व कोयला के दामों में बढ़ोत्तरी हो गई है। जिससे अब इसका असर हमारे साथ ग्राहकों की भी जेब पर पड़ेगा।
सिलिंडर के दाम बढ़ते ही कोयला व लकड़ी के दाम बढ़ने लगे है। जिसका असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। मंगलवार मेन्यू में बढ़ोत्तरी की तैयारी है। दाल, पनीर आदि सब्जियों पर बढ़ोत्तरी की जाएगी। -धर्मेंद्र कुमार, ढाबा संचालक
कमर्शियल सिलिंडर के दाम बढ़े तो हमने भट्टियों से काम चलाया लेकिन अब लकड़ी और कोयला भी महंगे हो गए। मजबूरी में मेन्यू के रेट बढ़ाने पड़ रहे हैं क्योंकि क्वालिटी से समझौता नहीं कर सकते। -संतोष सिंह, ढाबा स्वामी
