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Etah News: गर्मी में फूल रहीं बुजुर्गों को सांस, 150 मरीजों को दिया गया उपचार
Sat, 27 Jun 2026 11:47 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 27 Jun 2026 11:47 PM IST
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मेडिकल कॉलेज के टीबीसीडी विभाग में मरीजों को देखते चिकित्सक। संवाद
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एटा। मेडिकल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ चेस्ट डिसीज एंड ट्यूबरक्लोसि (टीबीसीडी) विभाग में सांस की दिक्कत के मरीज उपचार लेने के लिए पहुंचे। यहां सांस समेत अन्य बीमारी के कुल 150 मरीजों को उपचार दिया गया।
मेडिकल कॉलेज के भूतल पर टीबीसीडी विभाग संचालित हैं। यहां पर क्षय रोग के साथ सांस फूलने की बीमारी के मरीज उपचार लेने के लिए पहुंचते हैं। शनिवार को सबसे अधिक बुजुर्ग लोग सांस की बीमारी को लेकर उपचार लेने के लिए पहुंचे। क्षय रोग विशेषज्ञ व विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष ने बताया कि गर्मी के साथ धूल भरी हवा चलने की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। बताया कि सांस उखड़ने और फूलने की समस्या को लेकर 60 मरीजों को उपचार दिया गया। वहीं क्षय रोग के साथ बलगम, एलर्जी, खांसी की समस्या समेत अन्य 150 मरीजों को उपचार दिया गया।
मेडिकल कॉलेज में बड़े बच्चों के लिए बनाया गया दूसरा पीकू वार्ड
एटा। मेडिकल कॉलेज में गंभीर बीमार बच्चों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दूसरा पीकू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) वार्ड तैयार किया गया है। नए वार्ड के शुरू होने से अब एक वर्ष से लेकर 14 वर्ष तक के गंभीर बीमारी के बच्चों को भर्ती कर उपचार दिया जाएगा।
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वर्तमान में मेडिकल कॉलेज की चौथी मंजिल पर 10 बेड का पीकू वार्ड संचालित है, जहां मुख्य रूप से एक वर्ष तक के गंभीर रूप से बीमार बच्चों का इलाज किया जाता है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे नवजात बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि अब बड़े बच्चों में भी गंभीर बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे बच्चों की विशेष निगरानी और गहन चिकित्सा की आवश्यकता के लिए दूसरा पीकू वार्ड स्थापित किया गया है। नए वार्ड में एक से 14 वर्ष तक के बच्चों को भर्ती कर उनका उपचार किया जाएगा।
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मेडिकल कॉलेज के भूतल पर टीबीसीडी विभाग संचालित हैं। यहां पर क्षय रोग के साथ सांस फूलने की बीमारी के मरीज उपचार लेने के लिए पहुंचते हैं। शनिवार को सबसे अधिक बुजुर्ग लोग सांस की बीमारी को लेकर उपचार लेने के लिए पहुंचे। क्षय रोग विशेषज्ञ व विभागाध्यक्ष डॉ. संतोष ने बताया कि गर्मी के साथ धूल भरी हवा चलने की वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। बताया कि सांस उखड़ने और फूलने की समस्या को लेकर 60 मरीजों को उपचार दिया गया। वहीं क्षय रोग के साथ बलगम, एलर्जी, खांसी की समस्या समेत अन्य 150 मरीजों को उपचार दिया गया।
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मेडिकल कॉलेज में बड़े बच्चों के लिए बनाया गया दूसरा पीकू वार्ड
एटा। मेडिकल कॉलेज में गंभीर बीमार बच्चों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दूसरा पीकू (पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट) वार्ड तैयार किया गया है। नए वार्ड के शुरू होने से अब एक वर्ष से लेकर 14 वर्ष तक के गंभीर बीमारी के बच्चों को भर्ती कर उपचार दिया जाएगा।
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वर्तमान में मेडिकल कॉलेज की चौथी मंजिल पर 10 बेड का पीकू वार्ड संचालित है, जहां मुख्य रूप से एक वर्ष तक के गंभीर रूप से बीमार बच्चों का इलाज किया जाता है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे नवजात बच्चों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि अब बड़े बच्चों में भी गंभीर बीमारियों के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे बच्चों की विशेष निगरानी और गहन चिकित्सा की आवश्यकता के लिए दूसरा पीकू वार्ड स्थापित किया गया है। नए वार्ड में एक से 14 वर्ष तक के बच्चों को भर्ती कर उनका उपचार किया जाएगा।